दवा विकास में सांख्यिकीविदों की भूमिका महत्वपूर्ण : देवश्री पुरकायस्थ

शिलचर। गुरुचरण विश्वविद्यालय के स्किल डेवलपमेंट सेंटर के तत्वावधान में तथा विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र संघ के सहयोग से शनिवार को विश्वविद्यालय के सभागार में ‘Drug Development में Statisticians की भूमिका’ विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में गुरुचरण कॉलेज की पूर्व छात्रा एवं यूनाइटेड किंगडम स्थित AstraZeneca की Associate Director, Statistical Science देवश्री पुरकायस्थ उपस्थित थीं। सम्मानित अतिथि के रूप में DRDO के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. देवाशीष देव मौजूद रहे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शैक्षणिक रजिस्ट्रार डॉ. अभिजीत नाथ, स्किल डेवलपमेंट सेंटर के समन्वयक डॉ. सुभाष देवनाथ, करियर डेवलपमेंट सेल के निदेशक जयदीप भट्टाचार्य सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।

कार्यक्रम का स्वागत भाषण डॉ. सुभाष देवनाथ ने दिया। अपने व्याख्यान में देवश्री पुरकायस्थ ने दवा विकास की प्रक्रिया में सांख्यिकीविदों की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने दवा विकास के विभिन्न चरणों, शोध के दौरान एकत्र किए गए आंकड़ों को वैज्ञानिक प्रमाण में बदलने की प्रक्रिया, सांख्यिकीविदों की जिम्मेदारियों तथा दवाओं की प्रभावकारिता और सुरक्षा से संबंधित आंकड़ों के विश्लेषण एवं रिपोर्ट तैयार करने के महत्व को समझाया।

उन्होंने कहा कि नई दवाओं की प्रभावकारिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्लिनिकल रिसर्च के प्रत्येक चरण में सांख्यिकीविदों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर रोजगार के अवसर भी लगातार बढ़ रहे हैं।

व्याख्यान के बाद विद्यार्थियों के साथ प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें दवा विकास, बायोस्टैटिस्टिक्स तथा संबंधित पेशेवर संभावनाओं से जुड़े विभिन्न सवालों के जवाब दिए गए।

सम्मानित अतिथि डॉ. देवाशीष देव ने कहा कि भारत में आज रोजगार के पर्याप्त अवसर मौजूद हैं, लेकिन गुणवत्तापूर्ण और कुशल उम्मीदवारों की कमी एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने-अपने विषयों का गहन अध्ययन करने और सीखने के प्रति रुचि विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में विद्यार्थियों को केवल नौकरी की तलाश करने वाले नहीं, बल्कि अपने स्वयं के उद्यम और रोजगार के अवसर पैदा करने वाले बनने की दिशा में भी आगे बढ़ना चाहिए।

धन्यवाद ज्ञापन गण संज्ञापन विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. संदीपा दास शील ने प्रस्तुत किया। पूरे कार्यक्रम का संचालन अध्यापिका श्रेष्ठा कर ने किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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