तिरप (अरुणाचल प्रदेश): अरुणाचल प्रदेश के तिरप-चांगलांग-लोंगडिंग (टीसीएल) क्षेत्र में उग्रवादी गतिविधियों में ताजा बढ़ोतरी के बीच, शनिवार देर रात तिरप जिले के लाजू पुलिस थाने के अंतर्गत बराप गांव से संदिग्ध एनएससीएन उग्रवादियों के एक भारी हथियारों से लैस समूह द्वारा दो निर्माण श्रमिकों के कथित अपहरण का मामला सामने आया है।
पुलिस और आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, घटना रात करीब ग्यारह बजे हुई, जब उग्रवादियों ने कथित तौर पर एक निर्माण शिविर में घुसकर सो रहे दो लोगों—एक साइट सुपरवाइजर और एक राजमिस्त्री—का अपहरण कर लिया।
घटना के बाद सुरक्षा बलों ने अपहृत लोगों का पता लगाने के लिए इलाके में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। हालांकि, नवीनतम रिपोर्ट मिलने तक दोनों श्रमिकों का कोई सुराग नहीं मिल पाया था।
यह ताजा घटना टीसीएल जिलों में सुरक्षा अभियानों के तेज किए जाने के बीच हुई है। इससे पहले तेईस सितंबर को लोंगडिंग जिले के खाखाम सर्किल के अंतर्गत खासा गांव से इकतीस वर्षीय राजमिस्त्री अब्दुल कादिर का कथित तौर पर संदिग्ध एनएससीएन उग्रवादियों ने अपहरण कर लिया था।
असम के होजाई जिले के रहने वाले कादिर खासा में एक सामुदायिक भवन के निर्माण स्थल पर ठेकेदार के अधीन राजमिस्त्री के रूप में काम कर रहे थे। आरोप है कि संदिग्ध एनएससीएन उग्रवादी उन्हें वहां से अपने साथ ले गए।
अपहृत लोगों का पता लगाने और घटनाओं में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए सुरक्षा बलों ने तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग जिलों के संवेदनशील इलाकों में तलाशी और निगरानी अभियान और तेज कर दिया है।
लगातार हो रहे इन अपहरणों से टीसीएल क्षेत्र के दूरदराज इलाकों में काम कर रहे निर्माण श्रमिकों और स्थानीय निवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।