नामसाई बाल तस्करी मामले में ५१ लोग बरामद/ट्रेस, पांचवीं आरोपी गिरफ्तार

नामसाई: नामसाई जिला पुलिस ने कथित बाल तस्करी और बच्चों की खरीद-फरोख्त से जुड़े मामले की जांच में आगे बढ़ते हुए अब तक ५१ लोगों, जिनमें चार वयस्क शामिल हैं, को ट्रेस या बरामद किया है। इस मामले में नामसाई पुलिस थाना केस संख्या ५४/२०२६ के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत पुलिस ने काबा गांव की एमा लोयी को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान उनकी पहचान कथित तौर पर एक प्रमुख सूत्रधार के रूप में हुई है। उनकी गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या बढ़कर पांच हो गई है।

पुलिस के अनुसार, जांच में कमजोर और असुरक्षित परिवारों के बच्चों की कथित तस्करी, खरीद-फरोख्त तथा प्लेसमेंट से जुड़े आरोप सामने आए हैं। बच्चों और मामले से जुड़े अन्य लोगों की पहचान तथा उन्हें तलाशने के लिए लगातार मैदानी सत्यापन, ट्रेसिंग अभियान और विभिन्न सुरागों की जांच की जा रही है।

जांच जिला बाल संरक्षण अधिकारी प्रिया पोमौंग, बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), नामसाई, चाइल्ड हेल्पलाइन तथा अन्य संबंधित बाल संरक्षण अधिकारियों और एजेंसियों के समन्वय से की जा रही है।

जांच नामसाई के पुलिस अधीक्षक सांगे थिनले, एपीपीएस की निगरानी में चल रही है। नामसाई के एसडीपीओ डीएसपी केंगो दिरची मामले के जांच अधिकारी (आईओ) हैं। जांच में इंस्पेक्टर टी. गायी, एसआई के. काहिक तथा अन्य पुलिसकर्मियों की विशेष जांच टीम भी सहयोग कर रही है।

पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान विभिन्न जिलों और राज्यों में समन्वित अभियान चलाए गए हैं। कई सुरागों का सत्यापन, गवाहों और पीड़ितों से पूछताछ तथा संबंधित इलेक्ट्रॉनिक और वित्तीय साक्ष्यों की जांच की गई है।

मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस का उद्देश्य अब भी लापता या मामले से जुड़े अन्य बच्चों अथवा व्यक्तियों का पता लगाना, कथित रूप से बच्चों की तस्करी में शामिल पूरे नेटवर्क और सुविधा प्रदान करने की श्रृंखला का पता लगाना तथा इसमें शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका निर्धारित करना है।

नामसाई जिला पुलिस ने कहा कि वह असुरक्षित और संवेदनशील परिस्थितियों में रह रहे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा कानून के अनुसार मामले की व्यापक और निष्पक्ष जांच करने के लिए प्रतिबद्ध है।

नाबालिग बच्चों की निजता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने उनकी पहचान और अन्य व्यक्तिगत विवरण सार्वजनिक नहीं किए हैं।

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