तिनसुकिया में ग्रामीण माताओं तक बैंकिंग और आधार सेवाएं पहुंचा रहा असम स्वास्थ्य विभाग

तिनसुकिया: असम सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने गर्भवती महिलाओं और ग्रामीण तथा चाय बागान क्षेत्रों में रहने वाली माताओं को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराने के लिए जमीनी स्तर पर एक पहल शुरू की है। इसके तहत लाभार्थियों के घर के नजदीक आधार नामांकन और बैंक खाता खोलने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

इस पहल का उद्देश्य चाय बागान क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं के लिए वेतन मुआवजा योजना और जननी सुरक्षा योजना जैसी सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के सामने आने वाली प्रशासनिक बाधाओं को दूर करना है। इन योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए सक्रिय बैंक खाता और आधार से उसका जुड़ा होना आवश्यक है, ताकि राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से लाभार्थियों तक पहुंचाई जा सके।

इस पहल के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, मॉडल अस्पतालों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, शहरी स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों तथा चाय बागानों में सेवा शिविर आयोजित कर रही हैं। इन शिविरों के माध्यम से लाभार्थियों को दूर स्थित सरकारी कार्यालयों या बैंक शाखाओं तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है।

हापजान ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मोखखुली मॉडल अस्पताल, लेजैहुला आयुष्मान आरोग्य मंदिर और डूमडूमा शहरी स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र के समन्वय से व्यापक जागरूकता एवं सेवा अभियान चलाया गया। शुरुआती १० शिविरों में ४०० लाभार्थियों का आधार नामांकन किया गया, जबकि ४०९ नए बैंक खाते खोले गए। आगे भी शिविर आयोजित किए जाने की योजना है, जिनमें अतिरिक्त २१० लाभार्थियों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे कुल कवरेज ६०० से अधिक महिलाओं तक पहुंचने की उम्मीद है।

काकोपाथर में डूमडूमा प्रथम रेफरल इकाई और डांगरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित शिविरों के माध्यम से ८३ लाभार्थियों का आधार नामांकन और बैंक खाते खोलने की प्रक्रिया पूरी की गई। अधिकारियों के अनुसार, इनमें से किसी भी आवेदन को दस्तावेजों की कमी या अस्वीकृति का सामना नहीं करना पड़ा।

इस पहल को सीधे चाय बागानों तक भी पहुंचाया गया है। केतेंतोंग ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत पोवई और नामदांग चाय बागानों में शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों के माध्यम से ६० गर्भवती चाय बागान श्रमिक महिलाओं ने अपना आधार नामांकन पूरा कराया और व्यक्तिगत बैंक खाते खोले, जिससे उन्हें अपने कार्यस्थल से लंबे समय के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ी।

अधिकारियों ने बताया कि इस प्रयास से मातृ कल्याण योजनाओं के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता लाभार्थियों तक अधिक प्रभावी और सुगम तरीके से पहुंचाने में मदद मिलेगी। वेतन मुआवजा योजना के तहत पात्र महिलाओं को गर्भावस्था और प्रसवोत्तर स्वास्थ्य लाभ की अवधि के दौरान काम से हुए वेतन नुकसान के लिए डीबीटी के माध्यम से मुआवजा दिया जा सकता है। इसी प्रकार, आधार से जुड़े बैंक खातों के माध्यम से संस्थागत प्रसव के बाद जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का हस्तांतरण भी सुगम बनाया जा सकता है।

यह पहल जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को वित्तीय समावेशन के साथ जोड़ने का प्रयास है, विशेष रूप से दूरदराज के ग्रामीण और चाय बागान समुदायों के लिए। लाभार्थियों के करीब आधार और बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराकर विभाग का उद्देश्य प्रशासनिक बाधाओं को कम करना और मातृ कल्याण योजनाओं के लाभ तक महिलाओं की पहुंच को बेहतर बनाना है।

अर्नब शर्मा 

डिब्रूगढ़

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