डिब्रूगढ़: डिब्रूगढ़ जिला पुस्तकालय में आज डिब्रूगढ़ का ५५वां जिला दिवस समारोहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जिले के गौरवशाली इतिहास, विरासत, उपलब्धियों और असम के विकास में डिब्रूगढ़ के योगदान को याद किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् और उसके बाद राज्य गीत के साथ हुई। डिब्रूगढ़ के उपायुक्त बिक्रम कैरी, आईएएस ने स्वागत भाषण दिया और उपस्थित सभी लोगों को शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उपायुक्त ने डिब्रूगढ़ के गौरवशाली इतिहास को रेखांकित करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में जिला निरंतर प्रगति करेगा।
उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों को मजबूत बनाने और विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। विशेष रूप से कक्षा ९वीं और १०वीं के विद्यार्थियों की अनुपस्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने शैक्षणिक वातावरण में सुधार के लिए सभी हितधारकों से सहयोग की अपील की।
उपायुक्त ने युवाओं के लिए शिक्षा और खेल के क्षेत्र में अधिक अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने डिब्रूगढ़ को युवाओं के विकास के लिए सुरक्षित और अनुकूल स्थान बताते हुए युवाओं को तकनीक-आधारित और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के अनुरूप डिब्रूगढ़ को नशामुक्त जिला बनाने के लिए सामूहिक और निरंतर प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
इसके बाद डिब्रूगढ़ के शिल्पी समाज की ओर से सामूहिक गीत प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए २२ व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित व्यक्तियों में एपीडीसीएल से गिरीश गोवाला, खेल क्षेत्र से ईशारानी बरुआ, देबा कांता गोगोई और मोंत्रिश्ना दास, रेशम उत्पादन से राजू दत्ता, कृषि से दुलाल कोंवर, पर्यावरण एवं सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र से किरण गोगोई, चाबुआ विकास खंड के बीडीओ निरेन फुकन, सत्यनाथ डावराह, जेडीएचएस से नाजरीन निशा, सिविल डिफेंस से आशा, एशनुल सोफी और अभिषेक पॉल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जुनुमोनी चेतिया कुजूर, स्काउट्स एंड गाइड्स से बिधि साहा और मंटू जायसवाल, एसकेएसी से जुगल सैकिया और लीला हजारिका, पीसीबी से जेहेरुल इस्लाम, स्कूलों के निरीक्षक जोतिन गोहेन, एएमसीएच के मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. उमाशंकर कुटुम, मानव संसाधन एवं प्रशासन प्रबंधक भास्कर ज्योति गोगोई तथा मत्स्य विभाग से रंजन सैकिया शामिल थे।
विशेष अतिथि सुमन दत्ता ने इस अवसर के महत्व पर अपने विचार रखे। सांसद टेरेश गोवाला ने डिब्रूगढ़ की ऐतिहासिक यात्रा, जिले के योगदान और भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर रूप लेखा बरबोरा दास के निर्देशन में सत्रिया नृत्य प्रस्तुत किया गया, जिसमें असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया गया। इसके बाद पात्र लाभार्थियों के बीच वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के प्रमाणपत्र और विभिन्न लाभ वितरित किए गए।
स्मृति रूबी गोगोई हांडिक के निर्देशन में नित्यांगन कला केंद्र के कलाकारों ने नृत्य नाटिका ‘आजिउ जया ए रिंगियाए’ प्रस्तुत की।
डिब्रूगढ़ के विधायक प्रशांत फुकन ने भी समारोह को संबोधित किया और डिब्रूगढ़ के लोगों को ५५वें जिला दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पिछले ५५ वर्षों की जिले की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए डिब्रूगढ़ के निरंतर विकास और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने प्रशासन, निर्वाचित प्रतिनिधियों और आम नागरिकों से मिलकर जिले को आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने सम्मानित व्यक्तियों, कलाकारों और कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को भी शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। समारोह में डिब्रूगढ़ के एक जिले के रूप में ५५ वर्षों की यात्रा, विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले व्यक्तियों के सम्मान, असम की सांस्कृतिक विरासत के प्रदर्शन और जिले की प्रगति एवं समृद्धि के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया।
समारोह में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों, विभिन्न विभागों के प्रमुखों, मीडिया प्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों ने हिस्सा लिया।