बराक घाटी के उभरते स्टार्टअप और ग्रामीण उद्यमिता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली, जब जापान की सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल 13–14 जुलाई 2026 को क्षेत्र के दौरे पर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व श्री किंजी साइटो ने किया तथा उनके साथ सुश्री मिजुकी ओकुमुरा और श्री यो सुगिसाका भी उपस्थित थे। दौरे के दौरान उन्होंने असम के हैलाकांडी जिले के अल्गापुर स्थित बाशबाड़ी में जीआरडीटी फार्मर्स एग्रोवेट प्राइवेट लिमिटेड (ग्रेजुएट फार्मर) के उत्पादन केंद्र का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने आधुनिक पोल्ट्री फीड निर्माण, प्रौद्योगिकी आधारित कृषि प्रणाली तथा किसान-केंद्रित व्यावसायिक मॉडल का अवलोकन किया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने दिलखुश क्षेत्र में किसानों से संवाद कर ग्रामीण असम की कृषि, आजीविका, चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा की। ग्रेजुएट फार्मर के संस्थापक बापन दास तथा सह-संस्थापक शमीम चौधरी के साथ हुई विस्तृत बैठक में उद्यमिता, नवाचार, सतत कृषि, ग्रामीण आजीविका, बाजार संपर्क और भविष्य के सहयोग पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ। दौरे का प्रमुख आकर्षण सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन समर्थित नेक्स्ट भारत वेंचर्स द्वारा ग्रेजुएट फार्मर में किया गया निवेश रहा, जिसके माध्यम से यह असम के शुरुआती स्टार्टअप्स में शामिल हो गया है जिन्हें इस अंतरराष्ट्रीय पहल के तहत निवेश प्राप्त हुआ है। प्रतिनिधिमंडल ने पीएनबी ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (पीएनबी आरसेटी), कछार, सिलचर का भी दौरा किया, जहां उन्होंने चल रहे कृषि उद्यमी उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ईडीपी) के प्रशिक्षणार्थियों से संवाद किया तथा संस्थान के निदेशक श्री अरुणज्योति डे, वरिष्ठ संकाय श्री शाहेद चौधरी एवं अन्य अधिकारियों मोनिषा नाग, रिम्पा सेन और जॉयमती दास के साथ कौशल विकास, स्वरोजगार, ग्रामीण उद्यमिता और युवाओं के सशक्तिकरण पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने बराक घाटी की अपार उद्यमशील क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि जापानी उद्योग और उत्तर-पूर्व भारत के नवाचार आधारित उद्यमों के बीच मजबूत सहयोग से कृषि आधुनिकीकरण, रोजगार सृजन, किसानों की आय में वृद्धि तथा सतत ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी। यह दौरा न केवल ग्रेजुएट फार्मर बल्कि पूरे बराक घाटी और उत्तर-पूर्व भारत के स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है, जिसने वैश्विक निवेशकों के बीच इस क्षेत्र की बढ़ती संभावनाओं और नवाचार क्षमता को नई पहचान दिलाई है।

