गुरूचरण विश्वविद्यालय में NEP 2020 के क्रियान्वयन पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन
शिलचर, 5 जनवरी।
गुरूचरण विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के तत्वावधान में सोमवार को विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में “राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 एवं उसका क्रियान्वयन ढांचा” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के कुलपति एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली कस्तूरीरंगन समिति के सदस्य प्रोफेसर मजहर आसिफ उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में गुरूचरण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर निरंजन राय तथा IQAC के निदेशक डॉ. कृष्ण चंद्र दास शामिल थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। स्वागत भाषण में डॉ. कृष्ण चंद्र दास ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 देश की पहली ऐसी शिक्षा नीति है, जिसका उद्देश्य समग्र, लचीली, बहु-विषयक तथा 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था का निर्माण करना है।
मुख्य वक्ता प्रोफेसर मजहर आसिफ ने अपने संबोधन में कहा कि NEP 2020 केवल पाठ्यक्रम सुधार नहीं, बल्कि संपूर्ण शिक्षा प्रणाली के रूपांतरण की एक दूरदर्शी रूपरेखा है। उन्होंने उच्च शिक्षा में बहु-विषयक अध्ययन, शोध आधारित शिक्षण, कौशल विकास, नवाचार और मूल्य आधारित शिक्षा पर विशेष बल दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि विद्यार्थियों में नैतिकता, सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय मूल्यों का विकास आज की शिक्षा व्यवस्था की प्राथमिक आवश्यकता है। प्रो. आसिफ ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शिक्षण संस्थानों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। शिक्षक प्रशिक्षण, अकादमिक स्वायत्तता और प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षा को उन्होंने NEP 2020 के प्रमुख स्तंभ बताया।
संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रोफेसर निरंजन राय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगी और उच्च शिक्षा के गुणवत्ता मानकों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस संगोष्ठी से क्षेत्र के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े शिक्षकगण अत्यंत लाभान्वित हुए होंगे।
मंथन सत्र के दौरान प्रोफेसर मजहर आसिफ ने उपस्थित विभिन्न संस्थानों के शिक्षकों द्वारा पूछे गए राष्ट्रीय शिक्षा नीति से संबंधित प्रश्नों के उत्तर दिए।
कार्यक्रम के अंत में IQAC के उप निदेशक डॉ. देबाशीष शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापिका श्रेठा कर ने किया। राष्ट्रगान के साथ संगोष्ठी का समापन हुआ।