भाजपा किसान मोर्चा की सह-कोषाध्यक्ष अनिता चौधुरी ने टीआरके सड़क पुनर्जीवन और बराक नदी पर पुल निर्माण की उठाई मांग

भाजपा किसान मोर्चा की सह-कोषाध्यक्ष अनिता चौधुरी ने टीआरके सड़क पुनर्जीवन और बराक नदी पर पुल निर्माण की उठाई मांग

 शिलचर, 7 जनवरी
दक्षिण काछार की ऐतिहासिक तिलाइन–राजनगर–काठीघोड़ा (टीआरके) सड़क के पुनर्जीवन तथा राजनगर फेरीघाट पर बराक नदी के ऊपर स्थायी पुल निर्माण की मांग को लेकर भाजपा जिला किसान मोर्चा की सह-कोषाध्यक्ष अनिता चौधुरी ने असम के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन जिला आयुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री तक भेजा गया, जिससे क्षेत्र में संचार और विकास को लेकर नई उम्मीद जगी है।

ज्ञापन में अनिता चौधुरी ने उल्लेख किया कि टीआरके सड़क राजाटिल्ला से बालिघाट तक लगभग 21 मील (34 किलोमीटर) लंबी है। इसमें से 14 किलोमीटर काठीघोड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जबकि राजनगर फेरीघाट से बालिघाट तक 7 किलोमीटर का हिस्सा बड़खोला और शिलचर विधानसभा क्षेत्र की सीमा में पड़ता है। एक समय यह सड़क दक्षिण काछार को शिलचर से जोड़ने का प्रमुख मार्ग थी और यहां नियमित बस सेवा संचालित होती थी।

उन्होंने बताया कि पिछले 20 वर्षों से इस सड़क पर बस सेवा बंद होने के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में काठीघोड़ा क्षेत्र के लोगों को शिलचर जाने के लिए रानीघाट होकर लगभग 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय, धन और श्रम की बर्बादी होती है। आपातकालीन स्थितियों में जिला मुख्यालय तक शीघ्र पहुंचना भी कठिन हो गया है।
अनिता चौधुरी ने कहा, “सरकारी एवं निजी कर्मचारी, व्यापारी और छात्र-छात्राएं इस सड़क पर निर्भर थे, लेकिन अब उन्हें गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।”

ज्ञापन में राजनगर फेरीघाट के ऐतिहासिक महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। ‘राजा घाट’ के नाम से प्रसिद्ध यह स्थान कभी व्यापार और आवागमन का प्रमुख केंद्र था। यदि यहां बराक नदी पर पुल का निर्माण होता है तो काठीघोड़ा, बड़खोला और शिलचर के बीच संपर्क व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन आएगा। इससे दूर-दराज के इलाकों का शिलचर से सीधा जुड़ाव होगा, व्यापार-वाणिज्य को बढ़ावा मिलेगा तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री की संपर्क एवं आधारभूत संरचना विकास के प्रति प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए अनिता चौधुरी ने विश्वास जताया कि सरकार इस ऐतिहासिक सड़क के पुनर्जीवन और पुल निर्माण को लेकर शीघ्र सकारात्मक कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि इस पहल के सफल होने से हजारों लोग लाभान्वित होंगे और पूरे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था मजबूत होगी।

इस अवसर पर गौरांग शुक्लवैद्य, उज्ज्वल दास, करीम लस्कर, मिजान लस्कर, जय कुमार दास सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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