कोलकाता में सुहरावर्दी के नाम पर सड़क का नाम बदला गया, अब होगी ‘गोपाल मुखर्जी रोड’

कोलकाता, 23 जून (पीएनसी): कोलकाता में अविभाजित बंगाल के तत्कालीन प्रधानमंत्री (1946-47) हुसैन शहीद सुहरावर्दी के नाम पर स्थित एक सड़क का नाम बदलकर गोपाल मुखर्जी रोड कर दिया गया है। इस संबंध में कोलकाता नगर निगम ने पिछले सप्ताह एक अधिसूचना जारी कर आधिकारिक रूप से नाम परिवर्तन की घोषणा की।

ज्ञात हो कि वर्ष 1946 में हुए कुख्यात ‘ग्रेट कलकत्ता किलिंग’ को लेकर सुहरावर्दी का नाम लंबे समय से विवादों में रहा है। उस समय अविभाजित बंगाल में मुख्यमंत्री के पद को प्रधानमंत्री कहा जाता था। आलोचकों का आरोप है कि 16 अगस्त 1946 को शुरू हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान प्रशासन स्थिति नियंत्रित करने में विफल रहा, जिसके कारण व्यापक जनहानि हुई।

ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार, दंगों के दौरान हिंदू समुदाय पर हुए हमलों के बाद मांस व्यवसायी गोपाल मुखर्जी, जिन्हें ‘गोपाल पाठा’ के नाम से भी जाना जाता है, ने अपने समर्थकों के साथ प्रतिरोध खड़ा किया। उनके समर्थकों का दावा है कि इस प्रतिरोध ने हिंसा को और अधिक फैलने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

उल्लेखनीय है कि ‘ग्रेट कलकत्ता किलिंग’ का प्रभाव असम पर भी पड़ा था। इस सांप्रदायिक हिंसा में आधुनिक असमिया कविता के अग्रणी कवियों में गिने जाने वाले अमूल्य बरुआ की 18 अगस्त 1946 को मात्र 24 वर्ष की आयु में हत्या कर दी गई थी। उनकी असामयिक मृत्यु को असमिया साहित्य जगत की बड़ी क्षति माना जाता है।

कोलकाता नगर निगम के इस निर्णय को लेकर विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। समर्थक इसे ऐतिहासिक तथ्यों के अनुरूप कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ वर्ग इसे इतिहास की पुनर्व्याख्या से जोड़कर देख रहे हैं।

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