आरआरआईयूएम, शिलचर में हिंदी कार्यशाला का सफल आयोजन
शिलचर: केंद्रीय यूनानी अनुसंधान परिषद (CCRUM) के अधीनस्थ क्षेत्रीय अनुसंधान संस्थान, यूनानी चिकित्सा (आरआरआईयूएम), शिलचर में आज राजभाषा हिंदी के प्रभावी प्रयोग एवं कार्यान्वयन के उद्देश्य से एक हिंदी कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।कार्यशाला की अध्यक्षताडॉ. यूनिस इफ्तिख़ार मुंशी,उप महानिदेशक (DDG), सीसीआरयूएम एवं प्रभारी, आरआरआईयूएम, शिलचर ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर बल देते हुए कहा कि राजभाषा हिंदी प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता को भी सुदृढ़ करती है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं वक्ता डॉ. सुरेन्द्र कुमार उपाध्याय,हिंदी अधिकारी, असम विश्वविद्यालय रहे।उन्होंने अपने संबोधन में राजभाषा नीति, सरकारी कार्यालयों में हिंदी के प्रयोग की व्यावहारिक चुनौतियों तथा उनके समाधान पर विस्तार से प्रकाश डाला और सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दैनिक कार्यों में हिंदी के प्रभावी प्रयोग हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री मयंक तिवारी,प्रशासनिक अधिकारी, केंद्रीय यूनानी अनुसंधान परिषद (CCRUM) उपस्थित रहे।उन्होंने राजभाषा हिंदी को संस्थागत कार्यसंस्कृति का अभिन्न अंग बनाने पर बल दिया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में सभी सम्मानित अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर अभिनंदन किया गया। इसके पश्चातडॉ. नाज़िम हुसैन, अनुसंधान अधिकारी द्वारा स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया। कार्यशाला का आयोजन एवं समन्वयडॉ. अब्दुल अलीम,राजभाषा अधिकारी, आरआरआईयूएम, शिलचर द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन सुश्री देविका ग्वाला द्वारा अत्यंत सुचारु एवं प्रभावशाली ढंग से किया गया।कार्यक्रम में डॉ. श्रीनिवास नाइक, डॉ. शकीब ख़ान सहित संस्थान के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया तथा हिंदी कार्यशाला को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. फ़ातिमा अंजुम, अनुसंधान अधिकारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का औपचारिक समापन किया गया। यह हिंदी कार्यशाला प्रतिभागियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध हुई तथा इससे कार्यालयीन कार्यों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को और अधिक प्रोत्साहन मिला।