इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि मशीनरी के संचालन, मरम्मत और रखरखाव में किसानों, युवाओं और तकनीशियनों को आवश्यक ज्ञान और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है। इसमें कछार, करीमगंज और हैलाकांदी जिलों के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं, जिन्हें अनुभवी वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा।
उद्घाटन सत्र में गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में असम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजीव मोहन पंत ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ देते हुए आधुनिक कृषि पद्धतियों में कौशल विकास के महत्व पर जोर दिया। इस अवसर पर TSSOT के डीन प्रो. देवप्रसाद दास, KVK-श्रीभूमि के प्रमुख डॉ. पुलकाभा चौधरी और उनकी वैज्ञानिकों की टीम भी उपस्थित रही। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों का स्वागत करते हुए इस सुनहरे अवसर का भरपूर लाभ उठाने की अपील की।
कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. अजीता तिवारी ने स्वागत भाषण देते हुए प्रशिक्षण के उद्देश्यों और उसकी महत्ता पर प्रकाश डाला। सह-समन्वयक इंजीनियर ललन प्रसाद यादव ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का समापन इंजीनियर मृत्युञ्जय पाधियारि द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
प्रशिक्षण के प्रमुख विषय एवं गतिविधियाँ
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को कृषि मशीनरी के सुरक्षित संचालन, रखरखाव और मरम्मत की तकनीकों से अवगत कराया जाएगा। इसमें निम्नलिखित प्रमुख विषय शामिल हैं:
- बिजली चालित कृषि यंत्रों (पावर टिलर, ट्रैक्टर, सीड ड्रिल, प्लांटर आदि) का परिचय और संचालन
- फसल सुरक्षा उपकरणों और कटाई, गहाई एवं फसलोत्तर प्रक्रियाओं की तकनीक
- वेल्डिंग एवं फेब्रिकेशन, खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन एवं मुर्गीपालन से संबंधित प्रशिक्षण
- नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के उपयोग पर जानकारी
- व्यावसायिक मत्स्य पालन फार्म, NIT सिलचर और अन्य फील्ड साइट्स का भ्रमण
आधुनिक कृषि को बढ़ावा देने की पहल
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम KVK-श्रीभूमि और असम विश्वविद्यालय की संयुक्त पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में तकनीकी सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना है। इस तरह के प्रशिक्षण से न केवल किसानों और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, बल्कि कृषि कार्यों की दक्षता भी बढ़ेगी।
— प्रेरणा भारती दैनिक