अध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने कहा— प्रशिक्षण से विधायी कार्यप्रणाली की बेहतर समझ विकसित होगी
विशेष प्रतिनिधि दिसपुर, 4 जुलाई। असम विधानसभा के अध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने शनिवार को गुवाहाटी स्थित गोपीनाथ बोरदोलोई भवन के सभागार में आयोजित दो दिवसीय अभिमुखीकरण (ओरिएंटेशन) कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम विशेष रूप से असम विधानसभा के नवनिर्वाचित विधायकों को विधानसभा की कार्यप्रणाली, नियमों एवं संसदीय परंपराओं से परिचित कराने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
उद्घाटन समारोह में राज्य के संसदीय कार्य मंत्री पीयूष हजारिका, लोकसभा सांसद एवं लोकसभा के पैनल ऑफ चेयरपर्सन्स के सदस्य दिलीप सैकिया तथा राज्य की मंत्री नीलिमा देवी भी उपस्थित रहीं।
अपने संबोधन में अध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने सभी विधायकों, विशेषकर नव-निर्वाचित सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें विधानसभा की प्रक्रियाओं, नियमों और दायित्वों की व्यापक जानकारी प्राप्त होगी। इससे वे अपने निर्वाचन क्षेत्रों के साथ-साथ पूरे राज्य की जनता की अपेक्षाओं को अधिक प्रभावी ढंग से पूरा करने में सक्षम होंगे।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में पहली बार विधानसभा अध्यक्ष बनने के बाद भी उन्होंने इसी प्रकार का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराया था और इस बार पुनः अध्यक्ष बनने के बाद भी इस परंपरा को आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने सभी विधायकों से दो दिवसीय कार्यक्रम में नियमित रूप से भाग लेकर आमंत्रित नौ विशेषज्ञ वक्ताओं के अनुभव और मार्गदर्शन का पूरा लाभ उठाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में विधानसभा के सचिव राजीव भट्टाचार्य ने स्वागत भाषण दिया। संसदीय कार्य मंत्री पीयूष हजारिका तथा सांसद दिलीप सैकिया ने भी अपने संबोधन में लोकतांत्रिक व्यवस्था, संसदीय परंपराओं, विधायकों के अधिकार, कर्तव्यों और जिम्मेदारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
दो दिनों तक चलने वाले इस ओरिएंटेशन कार्यक्रम में 16वीं असम विधानसभा के सदस्यों, विशेषकर नए विधायकों को विधानसभा के नियम, कार्यप्रणाली, विधायी प्रक्रिया, सदन में बहस में भाग लेने की विधि, प्रश्न पूछने की प्रक्रिया तथा अन्य संसदीय विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण सत्रों में असम विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. नोमल मोमिन, नागालैंड विश्वविद्यालय के आचार्य एवं इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेटिक लीडरशिप के पूर्व अकादमिक काउंसिल सदस्य डॉ. समुद्र गुप्ता कश्यप, असम सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जे.बी. एक्का, कॉटन विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के सेवानिवृत्त प्रोफेसर गौतम मजूमदार, प्रख्यात पर्यावरणविद् ऋतुराज फुकन, वित्त विभाग के सचिव दिलीप बोरा, कृष्णकांत हांडिकि राज्य मुक्त विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एवं स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज़ के निदेशक डॉ. जयदीप बरुआ तथा वरिष्ठ पत्रकार भूपेंद्र नाथ भट्टाचार्य विशेषज्ञ के रूप में अपने विचार साझा करेंगे।
इन विशेषज्ञों द्वारा विधायकों को विधानसभा में उनकी भूमिका और जवाबदेही, नेतृत्व क्षमता, राज्य के समक्ष प्रमुख चुनौतियाँ, सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाएँ, पर्यावरण संरक्षण, बजट प्रक्रिया, अर्थव्यवस्था तथा मीडिया से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्यावहारिक एवं व्यापक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।