असम के विकास को नई गति: केंद्र के साथ बुनियादी ढांचा, नीति सुधार और मुगा रेशम मिशन पर मुख्यमंत्री की अहम चर्चा
विशेष प्रतिनिधि नईं दिल्ली, 2 जून। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों और नीति आयोग के शीर्ष नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण बैठकों में राज्य के बुनियादी ढांचे, नीति सुधारों और पारंपरिक उद्योगों के विकास को लेकर व्यापक चर्चा की। इन बैठकों में असम के विकास को नई गति देने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णयों और परियोजनाओं की समीक्षा की गई।
सोमवार को मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री से मुलाकात कर राज्य में चल रही प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे प्रस्तावित अंडरवाटर टनल, काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर, राष्ट्रीय राजमार्ग विस्तार परियोजनाओं तथा सड़क मरम्मत कार्यों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय मंत्री के सहयोग से असम में बुनियादी ढांचे का अभूतपूर्व विकास हुआ है और इन परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य में संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा दीर्घकालिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
इसी क्रम में मंगलवार को मुख्यमंत्री ने नीति आयोग के नव नियुक्त उपाध्यक्ष से मुलाकात कर उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि असम सरकार नीति आयोग के साथ अपनी साझेदारी को और मजबूत करते हुए ऐसे सुधारों और नीतियों को लागू करना चाहती है, जिनसे लोगों के जीवन स्तर और सुविधाओं में सुधार हो सके। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. लाहिड़ी का व्यापक आर्थिक और नीतिगत अनुभव राज्यों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
वहीं, असम की विश्व प्रसिद्ध मुगा रेशम उद्योग को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ने मंगलवार को वर्चुअल माध्यम से 411 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना ‘मिशन मुगा सिल्क सेनेहजोरी’ का शुभारंभ किया।
वर्ष 2026 से 2028 तक चलने वाली इस परियोजना से असम के 2.5 लाख से अधिक बुनकरों, रेशम उत्पादकों और उद्यमियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। परियोजना के तहत जोरहाट, शिवसागर, सुआलकुची, माजुली और लखीमपुर में पांच आधुनिक रीलिंग इकाइयों की स्थापना की जाएगी, जबकि धेमाजी में विशेष मुगा स्पन सिल्क यूनिट स्थापित होगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि मुगा रेशम असम की सांस्कृतिक पहचान और गौरव का प्रतीक है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में शुरू की गई यह पहल राज्य के पारंपरिक रेशम उद्योग में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। उन्होंने बताया कि परियोजना के अंतर्गत 1,180 किसान हित समूह (FIG) तथा 30 किसान उत्पादक संगठन (FPO) गठित किए जाएंगे, जिससे उत्पादन श्रृंखला मजबूत होगी और किसानों व बुनकरों की आय में वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल ट्रेसबिलिटी और मजबूत जीआई प्रमाणीकरण व्यवस्था के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय खरीदार असम के असली मुगा उत्पादों की पहचान कर सकेंगे, जिससे वैश्विक बाजार में इसकी मांग और विश्वसनीयता बढ़ेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘मिशन सेनेहजोरी’ मुगा रेशम की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में ऐतिहासिक परिवर्तन लाएगा तथा असम को विश्व के प्रमुख मुगा रेशम केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।
इन बैठकों और पहलों से स्पष्ट है कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर असम में आधुनिक बुनियादी ढांचे, सुशासन, आर्थिक विकास और पारंपरिक उद्योगों के संवर्धन के माध्यम से राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।