बराक वैली नूनिया समाज कल्याण समिति की सभा में उठी प्रमाण-पत्र बहाल करने की मांग, समाधान नहीं हुआ तो बड़े आंदोलन की चेतावनी
रितेश नुनिया, शिलचर 13 सितंबर: काछार जिले के घुंघूर में रविवार को बराक वैली नूनिया समाज कल्याण समिति के तत्वावधान में नूनिया समाज की एक अहम एवं विशाल सभा का आयोजन किया गया। सभा में बराक घाटी के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाज के लोग पहुंचे। कार्यक्रम में हजारों लोगों की मौजूदगी रही और मंच से समाज की विभिन्न समस्याओं के साथ विशेष रूप से TGL यानी Tea Garden Certificate का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद समाज के लोगों ने शहीद बुद्धू नुनिया को श्रद्धांजलि अर्पित की। सभा में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी समस्याएं मंच के समक्ष रखीं और सरकार से उनके समाधान की मांग की। सभा में नूनिया समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2003 से पहले नूनिया समाज के लोगों को Tea Garden Certificate यानी TGL मिलता था, लेकिन 2003 के बाद यह व्यवस्था बंद हो गई। समाज के लोगों का कहना है कि प्रमाण-पत्र नहीं मिलने के कारण अनेक परिवारों और खासकर युवाओं को शिक्षा, सरकारी योजनाओं तथा आरक्षण से जुड़े अवसरों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती है। कई बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य पेशेवर क्षेत्रों में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, लेकिन आवश्यक प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं होने से उन्हें कई अवसरों से वंचित होना पड़ रहा है।
बराक वैली नूनिया समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष कंचन नूनिया ने कहा कि समाज की ओर से इस गंभीर समस्या को लेकर कई स्तरों पर आवाज उठाई जा चुकी है। उन्होंने बताया कि समाज के प्रतिनिधिमंडल ने असम के मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्या रखी थी। मुख्यमंत्री की ओर से समाधान का आश्वासन मिलने के बाद संबंधित विभागीय मंत्री के समक्ष भी मामला रखा गया।
उन्होंने बताया कि उधारबंद के विधायक राजदीप ग्वाला ने भी समाज के प्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने में सहयोग किया। समाज ने विधायक के प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया, लेकिन कहा कि अब तक उन्हें समाधान के बजाय केवल आश्वासन ही मिला है।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि TGL का मुद्दा केवल प्रमाण-पत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के हजारों परिवारों और आने वाली पीढ़ी के भविष्य से जुड़ा हुआ है। समाज के लोगों ने सरकार से मांग की कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर पात्र लोगों के लिए TGL से संबंधित समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि सरकार इस मामले में जल्द ठोस कदम नहीं उठाती है, तो नूनिया समाज अपने अधिकारों की मांग को लेकर बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होगा। सभा के अंत में समाज के लोगों ने मंत्री एवं विधायकों से हाथ जोड़कर अपील की कि उनके बच्चों और युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए TGL से जुड़ी समस्या का जल्द समाधान किया जाए।
कार्यक्रम में ऑल असम चाय जनगोष्ठी नूनिया समाज (महतो) के संपादक पल्लब महतो, एडवाइजर प्रकाश महतो, ऑल असम आरएनएनएस के अध्यक्ष अर्जुन महतो, बराक वैली नूनिया समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष कंचन नूनिया, महासचिव किशोर कुमार नूनिया, बराक चाय मजदूर संस्था के अध्यक्ष जय कुमार नूनिया सहित समाज के कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।इसके अलावा संतोष नुनिया, सूरज नुनिया, सुजीत नुनिया, रामकुमार नुनिया, रामब्रत नुनिया, राजकुमार चौहान, अजय नुनिया, सिकुमार चौहान, मोतीलाल नुनिया समेत कई गणमान्य लोग मंच पर उपस्थित थे।
सभा में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी समस्याओं को सामने रखते हुए एकजुट होकर सरकार से TGL से संबंधित समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की।
अब नूनिया समाज की निगाहें राज्य सरकार और संबंधित विभाग पर टिकी हैं। समाज का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।