सोनारी: ऊपरी असम में जबरन वसूली की गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सुरक्षा बलों और असम पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन उल्फा (इंडिपेंडेंट) के एक कथित ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) एवं लिंकमैन को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह उल्फा (आई) के नाम पर कारोबारियों से वसूली की रकम मांग रहा था।
यह कार्रवाई २० असम राइफल्स, १६६ प्रादेशिक सेना (टीए) और असम पुलिस के संयुक्त समन्वय से की गई। सुरक्षा एजेंसियों को ११ सितंबर को विश्वसनीय खुफिया सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध ओजीडब्ल्यू एवं लिंकमैन उल्फा (आई) के नाम पर कारोबारियों को धमकी देकर उनसे वसूली कर रहा है।
सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने ११ सितंबर को मोरानहाट क्षेत्र में अभियान चलाया। अभियान के दौरान ३१ वर्षीय पार्थ प्रतिम बरुआ को पकड़ा गया। उसके बारे में आरोप है कि वह कारोबारियों से धमकी देकर जबरन वसूली की रकम मांगने में शामिल था।
गिरफ्तार व्यक्ति को आगे की जांच के लिए मोरानहाट पुलिस थाने लाया गया। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान उसके बार-बार वसूली की रकम मांगने और धमकी देने की गतिविधियों से जुड़े होने तथा उल्फा (आई) के कैडरों के साथ उसके संपर्क होने की जानकारी सामने आई।
पुलिस ने उसके खिलाफ मामला संख्या ५१/२६ दर्ज किया है। उस पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं ३०८(४), ३०८(५), ३५१(३), ६१(२) और ३(५) के साथ-साथ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धाराओं १०, १३, १६(१)(बी), १७, १८ए, १८बी, २०, ३९ और ४० के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मामले में कथित वसूली नेटवर्क और उल्फा (आई) के कैडरों के साथ आरोपी के संबंधों की आगे जांच की जा रही है।