16 मार्च/पुण्यतिथि गणेश दामोदर सावरकर 

प्रसिद्ध क्रांतिकारी विनायक दामोदर सावरकर के बड़े भाई गणेश दामोदर सावरकर (बाबा सावरकर) का जन्म 13 जून 1879 ई. में महाराष्ट्र राज्य के नासिक नगर के निकट भागपुर नामक स्थान में हुआ था। नासिक में ही उनकी शिक्षा हुई। आरंभ में उनकी रुचि धर्म, योग, जप, तप आदि विषयों की ओर थी। 1897 में प्लेग … Read more

अब वृद्धाश्रम नहीं।

यह कैसी विडंबना है कि एक माता-पिता अपने तीन -चार संतान को एक समान, लालन-पालन, शिक्षा-दीक्षा देकर एक सफल व्यक्ति बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ती है, वहीं संतानें मिलकर भी अपने वृद्ध माता-पिता को देख- भाल, सेवा- सत्कार नहीं कर पाती है।उन्हें वृद्धाश्रम में छोड़ आती है। आखिरकार ऐसी मानसिकता क्यों पनपती जा रही … Read more

श्री चैतन्य महाप्रभु: भक्ति आन्दोलन के अग्रदूत — डा. रणजीत कुमार तिवारी

श्री चैतन्य महाप्रभु भारतीय भक्ति आंदोलन के महान प्रवर्तकों में से एक थे। उनके द्वारा प्रवाहित भक्ति-रसधारा ने संपूर्ण समाज को आध्यात्मिक चेतना से अनुप्राणित किया। वे न केवल एक महान संत थे, बल्कि ईश्वरीय प्रेम की प्रत्यक्ष मूर्ति भी माने जाते हैं। उनके जीवन और कार्यों ने वैश्विक स्तर पर भक्तिभावना को प्रोत्साहित किया। … Read more

लीकलकोटीयो कोनी जावे. ( होली पर मस्ती)

अभी कल ही हमारे समाज के खुद मियां मिट्ठू,समझ गये होंगें, नहीं समझे तो मैं क्या करुं ?आप यूं करो हमारे नगर श्री हां अभी तक तो श्री ही लिखूंगा उनके जाने के बाद अर्थात् शिलचर जाने के बाद भी तो श्री ही लिखूंगा,नगर श्री अपनी मोटी बुद्धि के अनुसार अमर होते है। अभी तक … Read more

किसी के साथ भी हो सकता है!!!

बनारस जाने के लिए 27 जनवरी को चौरीचौरा से रिजर्वेशन करवाया था.. RAC 78 मिला था। सोचा कंफर्म नही होगा तो by road निकल जाऊंगा लेकिन शाम होते होते कनफर्म हो गया। ऊपर की सीट मिली थी। ट्रेन चलते ही झपकी आ गई। साढ़े बारह बजे देवरिया पहुंची तो अचानक एक हंगामा सुनकर नींद खुल … Read more

सर्वदेवीदेवता स्तोत्र नित्य इसके समरण मात्र से दुःस्वप्ननाश हो जाते

यह स्तोत्र वामनपुराण में दिया गया है. नित्य इसके समरण मात्र से दुःस्वप्ननाश हो जाते हैं, एवं सभी मनोरथ सिद्ध हो जाते हैं. सर्व सिद्धिया प्राप्त हो जाती हैं.    स्तोत्रं  ॐ नमः शिवं दुर्गां गणपतिं कार्तिकेयं दिनेश्वरम्. धर्मं गंगां च तुलसीं राधां लक्ष्मीं सरस्वतीम्.. नामान्येतानि भद्राणि जले स्नात्वा च यो जपेत्. वाञ्छितं च लभेत् … Read more

पाकिस्तान के गले की फांस बन रहा है आतंकवाद ! — सुनील कुमार महला

भारत के पड़ौसी पाकिस्तान के हालात बहुत ही बुरे हैं। हाल ही में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने पाकिस्तान में क्वेटा से पेशावर जा रही ज़फ़र एक्सप्रेस ट्रेन को भारी गोलीबारी कर अपने कब्जे में ले लिया। बीएलए ने ट्रेन पर हमले और उसके बाद सेना के साथ मुठभेड़ में 30 पाकिस्तानी सैनिकों को मार … Read more

गली नंबर 14 की एक कहानी

असल में, किसी भी स्त्री के शरीर के माप में वह कभी गलती नहीं करता। बिना कोई जवाब दिए, उसने नोट उठा लिए। वह बाहर निकल गई, उसी रास्ते से जिससे आई थी। टेबल पर रखी दवा की बोतल से एक चम्मच लेकर उसने खुद पी लिया। बिस्तर पर पड़ी अपनी छोटी बच्ची के अधमरे … Read more

सामाजिक समरसता का महापर्व -होली

सामाजिक समरसता का महापर्व -होली डा. रणजीत कुमार तिवारी दर्शनसंकायाध्यक्ष, कु.भा.व.सं.पु.अ.विश्वविद्यालय, नलबारी, असम भारतीय संस्कृति में उत्सवों का विशेष स्थान है, जो न केवल हमारी परंपराओं की जीवंत अभिव्यक्ति हैं, अपितु समाज को जोड़ने वाले सुदृढ़ सेतु भी हैं। इन्हीं उत्सवों में होली एक ऐसा पर्व है, जो रंगों की छटा के साथ-साथ समाज में … Read more

जैमिनी हरियाणवी…

होली के दिन ये क्या ठिठोली है छुट्टी अपनी तो आज हो ली है देह बन्दूक सी दिखे तेरी और चितवन ज्यूँ लगे गोली है। एक बिल्ली-सी आँख खोली है एक बकरी-सी बोले बोली है मर्खनी भैंस सी अदा तेरी छुट्टी अपनी तो आज हो ली है बीच सड़कों पे मस्त टोली है सबकी बस … Read more