हास्य-व्यंग्य: होली के न भूलने वाले वे दृश्य, आज भी कहीं-कहीं जीवंत हैं 40-45 साल पहले की यादें

होली का कैलेंडर के हिसाब से मनाया जाता है। कुछ इलाकों में एक हफ्ते तक आदमी को उसका पूर्वज बनाने का सिलसिला चलता रहता है। पूरे हफ्ते वह धूम रहती है कि ताजा मरे लोगों की आत्माएं भी उधर से होकर यमलोक जाने में कांपती हैं। कमल किशोर सक्सेना: गाय-भैंस का ताजा गोबर, प्रिंटिंग मशीन … Read more

होली के पावन अवसर पर नील-गगन के नक्षत्रों के आधार पर पेश कर रहे हैं शानदार ज्योतिषीय रिपोर्ट- होली का चटपटा रोचक रंगरंगीला भविष्य-फल…

अतः सभी बंधुओं और भाभियों से निवेदन है कि इसका लाभ उठाएं तथा अपने-अपने गणित और फलित के अनुसार ही चलें। अन्यथा होने वाले प्रभावों के लिए सीना फाड़कर तैयार रहें। चंदा मांगने वाले- चंदा मांगने वालों पर तो इस वर्ष विशेष, शनि-कलेक्टर लगा हुआ है। शनि-कलेक्टर का कहना है कि इतना चंदा मांगा जा चुका … Read more

बेटियां किसी से कम नहीं होती

अपनी प्लेट में दो तरह की आइसक्रीम का मज़ा लेती सुनीता ने अपने देवर विनोद को कहा, “क्या देवर जी तीसरी बेटी होने पे कौन पार्टी देता है? अब तो दहेज़ के पैसे जुटाना शुरू कर दो।” अपनी भाभी के प्लेट को देख हँसते हुए विनोद ने कहा, अरे भाभी ! “आप क्यूँ चिंता करती … Read more

दिलों का मिलन है होली।

रंग से रंग मिलता है, मुझमें तू मिल। रंग दे जिंदगी को, मुझमें तू खिल। रंग बदल मत देना, मुझे तू दर्द न देना। तू ही रहे मेरी मोहब्बत, इसके सिवा कोई ग़म मत देना। रंग से रंग मिलता है, मुझमें तू मिल। होली को दिल से मनाएंगे, रंगों से जिंदगी भरेंगे। रंग दे मेरी … Read more

जरा

जरा,ज़रा ठहरकर आना, कुछ काम बाकी है। सोचता हूँ लोग मुझे देखते रहें, उनसे कुछ बात बाकी है । समय का नजारा देख, कहने को मजबूर हुए ; तेरे आने का संकेत , अपने लोग दूर हुए । चाहत थी पकड़ कर रखूँगा उसको पर लाचार विवश मन था , गोरा चमड़ा, स्थूल रूप मेरा … Read more

13 मार्च / इतिहास स्मृति  जलियांवाला बाग हत्याकांड: 

21 साल बाद उधम सिंह ने जनरल डायर को मारकर लिया था बदला 1919 मे हुए जलियांगवाला बाग हत्याकांड को 100 साल से अधिक हो गए इस हत्याकांड के सबसे बड़े गुनहगार थे ब्रिगेडियर जनरल रेजीनॉल्ड डायर और लेफ़्टिनेण्ट गवर्नर माइकल ओ डायर. आखिरकार 21 साल बाद उस नौजवान ने एक भरे हॉल में माइकल … Read more

चंद्रशेखर आजाद के साथी डा. भगवानदास माहौर

देश की स्वतन्त्रता के लिए अपना सर्वस्व दाँव पर लगाने वाले डा. भगवानदास माहौर का जन्म 27 फरवरी, 1909 को ग्राम बडौनी (दतिया, मध्य प्रदेश) में हआ था। प्रारम्भिक शिक्षा गाँव में पूरी कर ये झाँसी आ गये। यहाँ चन्द्रशेखर आजाद के सम्पर्क में आकर 17 वर्ष की अवस्था में ही इन्होंने क्रान्तिपथ स्वीकार कर … Read more

होली की रंगीन रात

होली की रंगीन रात में, खुशियों की बारिश होती है। रंगों की धूम में खो जाओ, होली की रंगीन रात में। रंगों का त्योहार होली है, खुशियों का त्योहार होली है। रंगों की धूम में खो जाओ, रंगों का त्योहार होली है। होली की शुभकामनाएँ तुम्हें, खुशियों की बारिश हो तुम पर। रंगों की धूम … Read more

दोल यात्रा

रंगों की गुलालों की पिचकारियों की, मदमस्तों की ये होली। राधा-कृष्ण की शोभा यात्रा, संकीर्तन की, जय घोषों की, ये होली। जहाँ भी जाती, छा जाती है मतवालों की ये होली। आनंद से भर देती है सबकी ये झोली। देखो आयी है मनमोहक सी ये दोल यात्रा, निमाई की ये टोली खेलने लगे सब बालक-वृंद … Read more

जीवन की राह में

जीवन की राह में चलते जाओ, हर कदम पर नई उमंग लाओ। खुशियों और ग़म को साथ लेकर चलो, जीवन की राह में सफलता पाओ। सफलता की कुंजी है मेहनत, हर दिन नई उमंग से करो करतब। अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए, हर कदम पर नई चुनौती लो भली। जीवन का अर्थ है … Read more