हास्य-व्यंग्य: होली के न भूलने वाले वे दृश्य, आज भी कहीं-कहीं जीवंत हैं 40-45 साल पहले की यादें
होली का कैलेंडर के हिसाब से मनाया जाता है। कुछ इलाकों में एक हफ्ते तक आदमी को उसका पूर्वज बनाने का सिलसिला चलता रहता है। पूरे हफ्ते वह धूम रहती है कि ताजा मरे लोगों की आत्माएं भी उधर से होकर यमलोक जाने में कांपती हैं। कमल किशोर सक्सेना: गाय-भैंस का ताजा गोबर, प्रिंटिंग मशीन … Read more