राजस्थानी( मारवाड़ी ) मूल के  विशिष्ट असमिया व्यक्तियों के खण्ड चित्रण  लेखक – घनश्याम लडिया

 मेरा जन्म बौद्धिक परिवेशवाले स्व.भगवती प्रसाद लडिया के कुल में भगवती देवी के कोख से असम प्रान्त के गोलाघाट शहर में हुआ | मेरा लालन पालन बौद्धिक व सामाजिक समरसता के परिवेश मे हुआ, जिसमे मैं  उस समय की आबहवा के प्रभाव के चलते कभी कभी लिखने का प्रयास ( प्रयत्न  ) करता हूँ  | … Read more

सत्कर्म और सहयोग

हमें नि:स्वार्थ भाव से सत्कर्म करना चाहिए। सत्कर्म करने के बावजूद यदि जीवन में किसी प्रकार का अनिष्ट होता है तो हमें विचलित नहीं होना चाहिए इसे प्रारब्ध मानकर ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास रखते हुए अपना परिश्रम व प्रयास निरंतर जारी रखना चाहिए क्योंकि विद्वानों ने कहा है कि परिश्रम से भाग्य बदल सकता … Read more

औरत

आख़िर में, हर औरत ऐसे पुरुष की चाहत रखती है, जिसके कंधे पर सिर रखकर वह कुछ पल रो सके, जिसके साथ निश्चिंत होकर दिल खोलकर हंस सके। या फिर ऐसे पुरुष के साथ रह सके, जिसकी मौजूदगी में उसे कभी अकेले चाँदनी की ठंडक में डूबने का पछतावा न हो। रिश्ते कभी शारीरिक होते … Read more

सत्कर्म और सहयोग

किसी ने ठीक ही लिखा है सरकारी कर्मचारी, नौकरशाह काम नहीं करने का वेतन लेते हैं और काम करने का उत्कोच लेते हैं। चाटुकार सत्य नहीं बताने के कारण उपहार पाता है। नेता, अपने कथनी और करनी में फर्क रखने के कारण चुनाव का टिकट पाता है। हालांकि ये दिन अब पलट रही है।हमें  नि:स्वार्थ … Read more

20 मार्च/बलिदान-दिवस वीरता की प्रतिमूर्ति अवन्तीबाई लोधी

मण्डला (म.प्र.) के रामगढ़ राज्य की रानी अवन्तीबाई ने एक बार राजा विक्रमजीत सिंह से कहा कि उन्होंने स्वप्न में एक चील को आपका मुकुट ले जाते हुए देखा है। ऐसा लगता है कि कोई संकट आने वाला है। राजा ने कहा, हाँ, वह संकट अंग्रेजों की ओर से आ रहा है; पर मेरी रुचि … Read more

ऐसी मुस्लिम भीड़ हिन्दुओं को डराती है —      आचार्य श्रीहरि

भारत आजादी के पूर्व की मुस्लिम हिंसक राजनीति की पुनरावृति फिर से होने लगी है। इसकी एक झांकी दिल्ली के जंतर-मंतर पर देखने को मिल रही है जहां पर मजहबी मुस्लिम भीड अपना संहारक रूप दिखा रही है। ऐसी भीड़ और भाषा आजादी के पूर्व विखंडन का डर दिखाती थी। ऐसी भीड और भाषा इसके … Read more

भारतीय मुद्राएँ

  प्रस्तावना प्रस्तुत लेख “भारतीय मुद्रा” विषय पर केंद्रित है, जो सिक्कों के निर्माण और उनके ऐतिहासिक उपयोग को दर्शाता है। इसमें बताया गया है कि धातुओं के प्रयोग के कारण उनका मूल्य बढ़ा और धीरे-धीरे वे मुद्रा के रूप में इस्तेमाल होने लगीं। पहले तांबा, फिर चांदी और सोना प्रमुख सिक्कों के रूप में … Read more

19 मार्च/बलिदान दिवस विकलांग क्रांतिवीर चारुचंद्र बोस 

चारु चंद्र बोस का जन्म 26 फरवरी 1890 को खुलना जिले के शोभना गांव में हुआ था जो अब बांग्लादेश में है। उनके पिता केशव चंद्र बोस थे। जन्म से ही उनके दाहिने हाथ की हथेली नहीं थी। बंगाल के क्रांतिकारियों की निगाह में अलीपुर का सरकारी वकील आशुतोष विश्वास बहुत समय से खटक रहा … Read more

18 मार्च/प्रकाशन-तिथि स्वाधीनता का गौरव ग्रन्थ

भारत की स्वतन्त्रता का श्रेय उन कुछ साहसी लेखकों को भी है, जिन्होंने प्राणों की चिन्ता किये बिना सत्य इतिहास लिखा। ऐसे ही एक लेखक थे पण्डित सुन्दरलाल, जिनकी पुस्तक ‘भारत में अंग्रेजी राज’ ने सत्याग्रह या बम-गोली द्वारा अंग्रेजों से लड़ने वालों को सदा प्रेरणा दी। 1857 के स्वतन्त्रता संग्राम को दबाने के बाद … Read more

18 मार्च / जन्मदिवस गुरबख्श सिंह ढिल्लों, आज़ाद हिन्द फ़ौज का वो योद्धा, जिसने अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए

आज़ाद हिन्द फ़ौज. जिसकी कमान भारत की आज़ादी के नायक रहे सुभाषचंद्र बोस के हाथों में थी. शुरुआत में इस फौज़ में उन भारतीय सैनिकों को भर्ती किया गया था, जो जापान द्वारा युद्धबन्दी बनाए गए थे.  बाद में इसका विस्तार हुआ. भारत की स्वतंत्रता में INA की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी. 18 मार्च 1914. … Read more