एयर स्ट्राइक
दिनांक -०७/०५/२०२५ रण में सिंदूर बोल उठा!” रण में सिंदूर बोल उठा — ललकार बनी हुंकार बनी, भारत माँ की माँग सजी — हथियार बनी, शंखधार बनी। यह रेखा अब रुकने वाली नहीं — यह आँधी है, आग बनी! रण में सिंदूर उबाल उठा — जय-जय भारत राग बनी! सिंदूर नहीं अब शृंगार रहा — … Read more