“अन्नकूट : अन्नदान की परंपरा, राम-राम : आत्मीयता का संदेश”– सुनील कुमार महला
हर वर्ष दीपावली आती है, उजियारा लाती है। दीपकों की रौशनी हर दिल में नई उम्मीद जगाती है।जित देखो तित दीपों की पंक्तियां सजतीं हैं।इन दीपों की सुंदर आवलियां हर तरफ हवाओं में स्नेह, खुशियां, उल्लास, उमंग बिखेरती हैं। धन, वैभव, मिठास का उत्सव बन जाती है, पर सबसे बड़ा उपहार ‘राम-राम’ कहलाती है। ‘राम-राम’ … Read more