दीपों का त्योंहार-दीपावली
अंधियारे को दूर भगाने आई, खुशियों की सौगात सजाने आई। हर द्वार पर दीप जले हंसते, मन में आशा के फूल खिले बसते। सज गई गलियाॅं, महके आंगन, बाजे ढोल ,खिल उठे जीवन। मां लक्ष्मी के चरण पधारे, सौभाग्य के दीप जलाने सारे। मिठास घुली हर रिश्ते में, दीप जले हर दृष्टि में। दुःख का … Read more