बरम बाबा  परिसर में अयोध्या

असम में जीने के आधार कह सकते  हैं बरम बाबा  को। घर से आठ किलोमीटर दूर पहाड़ियों  के बीच सरोज-सरोवर के  समीप पंच मंदिरों  का समूह। अद्भुत आकर्षण का केन्द्र दूर से  सुगंधित हवाएं आच्छादित हो जातीं मन के समस्त  वलयों पर। भोर से सजा- संवरा संयुक्त और  पृथक मंदिरों का समूह बरम बाबा भोजपुरी … Read more

संजय उवाच: रामबहादुर राय होने का अर्थ समझाती एक किताब

‘दिल्ली’ में ‘भारत’ को जीने वाला बौद्धिक योद्धा! —प्रोफेसर संजय द्विवेदी    कभी जनांदोलनों से जुड़े रहे, पदम भूषण और पद्मश्री सम्मानों से अलंकृत श्री रामबहादुर राय का समूचा जीवन रचना, सृजन और संघर्ष की यात्रा है। उनकी लंबी जीवन यात्रा में सबसे ज्यादा समय उन्होंने पत्रकार के रूप में गुजारा है। इसलिए वे संगठनकर्ता, … Read more

सूर्य सी चमक और उजाला मुट्ठी में…!!

हौंसलें  है संग  तो,पर्वत को  भी हम हिलाते हैं, लक्ष्य को  पल में अपनी, बांहों में भर  लाते हैं |   एकअसफलता ने हमको,सच में जीना सिखाया, राह  की  ठोकरें खा,फिर उत्साह से जुट जाते हैं |   निरंतर प्रयास की गंगा को, देकर ताज़गी यूँ ही, ऊँचे आसमान को अपने, कदमों  में झुकाते  हैं … Read more

इस बार जलाएं एक दिया उम्मीदों का..!! — संजीव शर्मा 

मोबाइल फोन में घुसकर ऑनलाइन लाइटिंग,सजावट का सामान और कपड़े तलाशने में समय बर्बाद करने की बजाए एक बार सपरिवार घर से बाहर निकलिए और सड़क पर दिए बेचती बूढ़ी अम्मा की आंखों में पलती उम्मीदों की रोशनी देखिए या फिर रंगोली के रंग फैलाए उस नहीं सी बालिका के चेहरे पर चढ़ते उतरते रंग … Read more

समय निकल कर एकबार पढ़ियेगा — ज़ुबीन गर्ग : एक योद्धा, एक फ़रिश्ता

कहते हैं कि किसी के जाने का एहसास उसके चले जाने के बाद ही होता है। मैं कभी जुबीन दा से मिली नहीं थी, उनके जाने की उस दुखद घटना ने जहाँ पूरे विश्वभर को हिला कर रख दिया था, वहीं मेरे मन में भी उनसे नहीं मिल पाने का एक मलाल रह गया। लगभग … Read more

वसियत देखकर हैरान हुए परिवार के लोग ( लघुकथा)

जुम्मन खान अटपटे काम करता ना काम ना पढाई। जगह जगह बदनाम होने के साथ साथ घर खेत बेचकर माँ बाप बचाते रहे। माँ बाप ने अनपढ़ लङकी के साथ काफी छोटी उम्र की लङकी की शादी इसलिए कर दी क्योंकि ऐसे अधिक उम्र के लङके के साथ कौन शादी करता। जुम्मन की पत्नी साजिदा … Read more

कविता: दीपों का उत्सव – दीपावली 

दीपों की रौशनी से जगमगाता है घर, हर कोना महके जैसे फूलों का नगर। प्रकाश की किरणें लाती हैं नई उमंग, मन में जगाती हैं आशा के रंग। 🌠 अंधकार को दूर भगाती है दीपावली, हर हृदय में जगाती नई रोशनी। दुखों के साए को करती है पल में गायब, हर चेहरे पर मुस्कान का … Read more

सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर सवाल — राधा रमण 

सामुदायिक विकास और शिक्षा में सुधार के लिए रैमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित गांधीवादी व्यक्तित्व के धनी, पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले करीब 10 दिनों से जोधपुर की सेन्ट्रल जेल में कैद हैं। दरअसल, 24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा भड़काने के आरोप में 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत वांगचुक … Read more

राष्ट्र-चिंतन  राष्ट्रभक्ति जगाती रहेगी संघ की सक्रियता व जीवंतता*           —   आचार्य श्रीहरि

राष्ट्रीय स्वयं संघ के सौ साल पूरे होने के उपलक्ष्य में एक डाकटिकट जारी किया है, यह एक सम्मान प्रक्रिया है, सहज अभिव्यक्ति है, सत्ता का सम्मान है, जनता की जागरूकता का प्रतीक है और भविष्य की पीढी के लिए प्रेरक तत्व है। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महान दृष्टि है, समर्पण है और कृतज्ञता … Read more

आज ऐसे क्रान्तिकारी चाहिए 

जो स्वयं कर्तव्य पथ की, साधना को साध लें। आपदा की आँधियों को, मुट्ठियों में बाँध लें। थरथरा उट्ठें कलेजे, नाम सुनकर पाप के। शब्द अपने आप उल्टे, लौट जाएँ शाप के।। क्रूर होकर जो अहं को, खूँटियों पर टाँग दें। हर प्रहर मुर्गे सरीखी, जागने की बाँग दें। जो हृदय इंसानियत के, राग के … Read more