आरक्षण के लिए ब्राह्मण-बेटियों की बेहूदी मांग -प्रमोद भार्गव

संदर्भः एक आईएएस द्वारा आरक्षण के लिए ब्राह्मण बेटियों पर अभद्र टिप्पणी मध्य-प्रदेश में आईएएस अधिकारी का आचरण आदर्श व्यवहार के प्रति नितांत अभद्र बयान के रूप में सामने आया है। यह बयान केवल ब्राह्मणों की बेटियों के लिए ही नहीं, बल्कि समूचे देष की बेटियों के प्रति जातिसूचक अशोभनीय बयान है, जो कतई बर्दाश्त … Read more

*एक अनूठा मंदिर…जहां प्रसाद की जगह चढ़ते हैं घोड़े!!* -संजीव शर्मा 

जी हां, वाकई मंदिर में प्रसाद की जगह चढ़ते हैं घोड़े और वे भी सफेद घोड़े, लाल घोड़े, पीले, काले, नारंगी, हरे घोड़े..बस घोड़े ही घोड़े। आप देखकर अचरज में पड़ जाएंगे क्योंकि मंदिर में तो नारियल- चिरौंजी या लड्डू-पेड़े चढ़ते हैं तो फिर इतने घोड़ों का क्या काम। दरअसल समझने के लिए हम कह … Read more

एक बेल के सारे तुंबे खारे ( व्यंग्य)

वैसे तो तुंबे खारे ही होते हैं क्योंकि तुंबे की बेल ही ऐसी होती है कि उससे उगने वाले सारे ही तुंबे खारे होगें फिर यह कहावत क्यों बनी? क्यों व्यंगात्मक अंदाज मे कहा जाता है जबकि सभी जानते हैं कि विष वृक्ष की उपज क्या होगी।    ईमली सैतान  पृवृति की इसलिए थी कि … Read more

एकात्मता रथों का त्रिवेणी महासंगम

29 नवम्बर/प्रेरक-प्रसंग एकात्मता रथों का त्रिवेणी महासंगम विश्व हिन्दू परिषद के नाम और काम को फैलाने में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन का बहुत बड़ी भूमिका है; पर इससे पूर्व संगठन का विस्तार भी जरूरी था। अतः 1983 में ‘एकात्मता यज्ञ’ यात्रा का आयोजन किया गया। इस अद्भुत योजना के रचनाकार थे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के … Read more

प्रदूषण के बहाने माओवादी तमाशा  -प्रमोद भार्गव

इसे विडंबना ही कहा जाएगा कि चंद कथित बौद्धिक वायु प्रदूषण के विरुद्ध प्रशासन से अनुमति लेकर प्रदर्शन करें और फिर एकाएक प्रदर्शन को हिंसा में बदल दें। ये प्रदर्षनकारी 18 नवंबर को सुरक्षाबलों द्वारा मारे गए कुख्यात नक्सली माडवी हिडमा के समर्थन में उतर आए। इन्होंने ‘माडवी हिडमा अमर रहे‘ और ‘हर घर से … Read more

नवीन वलित पर्वत: दुनिया के सबसे ख़तरनाक भूभाग और नया भूकंप मानचित्र

भूकंप की दृष्टि से हमारा देश बहुत ही संवेदनशील क्षेत्र में आता है।इस क्रम में, भारत ने हाल ही में अपना नया राष्ट्रीय भूकंप जोन मैप जारी किया है।इसके तहत अब पूरे हिमालयी क्षेत्र (जम्मू-कश्मीर से अरुणाचल प्रदेश तक) को पहली बार सबसे उच्च जोखिम-जोन- जोन-VI में रखा गया है, क्योंकि भूवैज्ञानिक विश्लेषण और प्लेट … Read more

200 वर्षों की प्रतीक्षा का अंत, असम के चाय श्रमिकों को मिला भूमि का अधिकार- विक्रम कोइरी आइ ए एस 

1823 में रॉबर्ट ब्रूस ने असम में जंगली चाय के पौधों की पहचान की थी। यह घटना भारत के इतिहास को एक नए ढंग से लिखने वाली साबित हुई। इसके बाद मजदूरों का बंधुआ प्रवासन शुरू हुआ और लाखों मजदूरों को असम लाया गया, जहाँ उन्हें चाय बागानों में काम पर लगाया गया। वह समय … Read more

न्याय के शिखर पर हिंदी: सीजेआई की शपथ से खुला नई दिशा का द्वार (आलेख)

देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत हिंदी में शपथ लेने वाले पहले मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बन गए। वास्तव में, प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत द्वारा हिंदी में शपथ लेने के गहरे निहितार्थ हैं। कहना ग़लत नहीं होगा कि मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत का हिंदी में शपथ लेना भारत की राजभाषा के संवैधानिक सम्मान का प्रतीक है। … Read more

भारत के उद्यम-पुरोधा: जेआरडी टाटा (स्मृति आलेख) दिवस विशेष आलेख

भारत के उद्यम-पुरोधा: जेआरडी टाटा (स्मृति आलेख) दिवस विशेष आलेख 29 नवंबर वह दिन है, जब आधुनिक भारत की बुनियाद रखने वाली औद्योगिक हस्तियों में सर्वोपरि, महान् उधोगपति तथा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा मोटर्स, टाइटन इंडस्ट्रीज, वोल्टास और एअर इंडिया के संस्थापक जे. आर. डी. टाटा(जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा)का निधन हो गया था।वे हमारे देश … Read more

नारी जागरण की अग्रदूत लक्ष्मीबाई केलकर

27 नवम्बर/पुण्यतिथि नारी जागरण की अग्रदूत लक्ष्मीबाई केलकर बंगाल विभाजन के विरुद्ध हो रहे आन्दोलन के दिनों में छह जुलाई, 1905 को नागपुर में कमल नामक बालिका का जन्म हुआ। तब किसे पता था कि भविष्य में यह बालिका नारी जागरण के एक महान संगठन का निर्माण करेगी। कमल के घर में देशभक्ति का वातावरण … Read more