*महान गोभक्त लाला हरदेवसहाय*

26 नवम्बर/जन्म-दिवस गोरक्षा आन्दोलन के सेनापति लाला हरदेवसहाय जी का जन्म 26 नवम्बर, 1892 को ग्राम सातरोड़ (जिला हिसार, हरियाणा) में एक बड़े साहूकार लाला मुसद्दीलाल के घर हुआ था। संस्कृत प्रेमी होने के कारण उन्होंने बचपन में ही वेद, उपनिषद, पुराण आदि ग्रन्थ पढ़ डाले थे। उन्होंने स्वदेशी व्रत धारण किया था। अतः आजीवन … Read more

ज़रूरी तो नहीं

ज़रूरी तो नहीं यह ज़रूरी तो नहीं कि हर बीमारी के लिए खून की जाँच करवाई जाए कभी – कभी हमें अपने व्यक्तित्व की जाँच भी करवा लेनी चाहिए क्या पता हमारे अंदर मानवता, उदारता, दया, करुणा आदि की कमी न हो गई हो? आग में तप कर ही सोना खरा बनता है अपने जीवन … Read more

अंगदान के प्रति सामाजिक धारणाओं को बदलने की जरूरत है

 (27 नवंबर राष्ट्रीय अंगदान दिवस विशेष आलेख) प्रत्येक वर्ष 27 नवंबर को ‘राष्ट्रीय अंगदान दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। दरअसल,यह दिवस अंगदान के महत्व को समझाने, समाज तथा देश में अंग-दान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। कहना ग़लत नहीं होगा कि अंगदान से समाज में मानवता, सहानुभूति और सेवा … Read more

राम विवाह पंचमी पर श्री राम मंदिर मे ध्वजारोहण एक सपना पूरा

पांच सौ साल से चले आंदोलन के बाद पांच साल मे अयोध्या मे राम मन्दिर का शिलान्यास, डेढ साल पहले प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन फिर 25 नवंबर को ध्वजारोहण किया गया। यह राम भक्ति का भारतीय जनता का विजय उत्सव है। इस आंदोलन मे पीढ़ी दर पीढ़ियों का सपना था जो आज पूरा हुआ। सपने कौन … Read more

शब्दों का जाल

शब्दों का जाल — संजय अग्रवाला, जलपाईगुड़ी, पश्चिम बंगाल ये जो तनहाई में बैठकर अक्षरों से बातें करते हो न तुम, जो शब्दों की डोर बुनकर अपनी ही दुनिया रचते हो न तुम, एक दिन यही जाल तुम्हें खुद में ही उलझा लेगा। जो कागज़ पर बहते ये अनजाने एहसास हैं, जो हर पंक्ति में … Read more

संविधान

मैं भारत का संविधान हूं ! अधिकारों की उज्ज्वल रौशनी लेकर, कर्तव्यों की राह दिखाता हूं। जाति-धर्म से ऊपर उठकर,सबको समान रखता हूं। न्याय, स्वतंत्रता, समता की मिट्टी से जन्मा। गाँधी, अम्बेडकर के सपनों को सच्चा रूप देता। किताब मात्र नहीं , भारत की आत्मा का स्वर प्यारा। लोकतंत्र का दीप जलाता हर जन-मन में … Read more

भारत का संविधान: अतीत की विरासत और भविष्य की दिशा।

प्रत्येक वर्ष 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। पाठकों को बताता चलूं कि इसे ‘राष्ट्रीय विधि दिवस’ के नाम से भी जाना जाता है। यह वही दिन है जब सन् 1949 में संविधान सभा ने भारत के संविधान को औपचारिक रूप से अंगीकृत किया था, जबकि इसे लागू 26 जनवरी … Read more

बेमिसाल बरसेनापति

गुजरना होता है परीक्षाओं से कुछ बनने के लिए कुछ पाने के लिए. लाचित को भी देनी पड़ी थी कई परीक्षा यें बरसेनापति बनने के लिए. बुलंद आवाज में दिया आदेश ‘दौलभारी’ लोंगों को राजा के मन को भा गया. सय्यद साला और सय्यद फिरोज को पकड़ने के बावत राजा ने  की चिन्ता ब्यक्त. कहा … Read more

 राष्ट्र-चिंतन श्रम संसार की तस्वीर बदलने वाली जीवंत गारंटी

 राष्ट्र-चिंतन श्रम संसार की तस्वीर बदलने वाली जीवंत गारंटी आचार्य श्रीहरि श्रमेव जयते। श्रम की प्रधानता अनिवार्य है। श्रम की प्रधानता और समृद्धि के बिना जीवंत राष्ट्र की परिकल्पना नहीं हो सकती है। श्रम की कसौटी पर निर्माण और विकास की परिकल्पना बनती है। इसलिए श्रम की महत्ता और अनिवार्यता को अस्वीकार करना मुश्किल है। … Read more

राम जी के नगर चले 

राम जी के नगर चले – डाक्टर श्रीधर द्विवेदी, वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ नेशनल हार्ट इंस्टिट्यूट, नई दिल्ली राम जी के नगर चले , अवध की डगर चले , सरयू तीर चले , शत शत दीप जले , राम जी के नगर चले । प्रभु स्मरण किये, हर्ष उमंग हिये , बहु संकल्प लिये , … Read more