स्वतन्त्रता सेनानी रानी मां गाइडिन्ल्यू

स्वतन्त्रता सेनानी रानी मां गाइडिन्ल्यू देश की स्वतन्त्रता के लिए ब्रिटिश जेल में भीषण यातनाएँ भोगने वाली गाइडिन्ल्यू का जन्म 26 जनवरी, 1915 को नागाओं की रांगमेयी जनजाति में हुआ था। केवल 13 वर्ष की अवस्था में ही वह अपने चचेरे भाई जादोनांग से प्रभावित हो गयीं। जादोनांग प्रथम विश्व युद्ध में लड़ चुके थे। … Read more

यूजीसी के नये नियमन से उबाल क्यों है

यूजीसी के नये नियमन से उबाल क्यों है राधा रमण यूजीसी यानी यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) ने शायद सोचा भी न होगा कि 13 जनवरी 26 को जारी उसके नये नियमन (रेगुलेशन) से देशभर में उबाल हो जाएगा। उसने तो नया नियमन सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद लागू किया था, लेकिन समाज … Read more

जिस लाठी ने साम्राज्य को हिला दिया: पंजाब केसरी लाला लाजपत राय

जिस लाठी ने साम्राज्य को हिला दिया: पंजाब केसरी लाला लाजपत राय -सुनील कुमार महला 28 जनवरी को महान स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक, आर्य समाज के प्रमुख विचारक तथा प्रखर राष्ट्रवादी नेता लाला लाजपत राय की जयंती मनाई जाती है। अपनी ओजस्वी वाणी, निर्भीक तेवर और अंग्रेजी हुकूमत के सामने कभी न झुकने वाले व्यक्तित्व … Read more

ढाका अनुशीलन समिति के संस्थापक पुल्लिन बिहारी दास

24 जनवरी/जन्मदिवस ढाका अनुशीलन समिति के संस्थापक पुल्लिन बिहारी दास पुल्लिन बिहारी दास, स्वतंत्रता सेनानी और स्वतंत्रता के लिए ‘ढाका अनुशीलन समिति’ नामक क्रांतिकारी संगठन के संस्थापक थे। उनका जन्म 24 जनवरी 1877 को बंगाल के फरीदपुर जिले में एक मध्यम-वर्गीय बंगाली परिवार में हुआ था, उनके पिता वकील थे। जिला स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा, … Read more

क्यों कानों को ठंड से बचाना फैशन नहीं, जीवन-रक्षा है?

क्यों कानों को ठंड से बचाना फैशन नहीं, जीवन-रक्षा है?  जानिए 10 चौंकाने वाले सच, जो हर किसी को पता होने चाहिए! सर्दी आते ही हम जैकेट , स्वेटर और दस्ताने  तो पहन लेते हैं… लेकिन कानों को खुला छोड़ देना हमारी सबसे बड़ी गलती होती है!  क्या आप जानते हैं? कान सिर्फ सुनने का अंग नहीं, … Read more

आत्मकथा

आत्मकथा मैं हूँ स्वयं अपनी कहानी, मेरी ही लिखी जिंदगानी। जो कुछ भी हूँ, जैसी भी हूँ, मैं अपनी ही पहचान हूँ। मेरे हर पन्ने में बसा है दर्द भी, खुशियाँ, संघर्ष अपार। अनुभवों की स्याही से लिखी, जीवन की सच्ची दरकार। मेरे शब्दों में मेरी आत्मा, हर भावना की गहरी छाया। जो जिया, जो … Read more

अश्व  प्रत्याशा के रथ पर

अश्व  प्रत्याशा के रथ पर , झंकृत है , अलंकृत है,, स्रोत जिसका संस्कृत है अन्वेषित है ,अभिप्रेषित है ज्योत जिसकी परिष्कृत है हिंदी ! , अश्व  प्रत्याशा के रथ पर , विश्व भाषा के पथ पर उन्नत है, प्रेरित है, सृजन जिसकी विस्तृत है। गूँजित है, प्रवाहित है, अक्षरों में उज्ज्वलित है। हिंदी ! … Read more

विनाश पर विजय का प्रतीक सोमनाथ मंदिर

विनाश पर विजय का प्रतीक सोमनाथ मंदिर -संजीव शर्मा सनातन संस्कृति का जयघोष करती अरब सागर की लहरें, हवा में ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के बीच आस्था का सैलाब लेकर आराधना में जुटे हजारों श्रद्धालु, डमरूओं की मधुर ध्वनि के साथ ‘ओम नमः शिवाय’ के जाप से सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर पूरा परिसर, महादेव के … Read more

इतिहास स्मृति ताशकंद समझौता

इतिहास स्मृति ताशकंद समझौता ताशकंद समझौता भारत और पाकिस्तान के बीच 1966 में किया गया एक शांति समझौता था। इसके अनुसार, भारत और पाकिस्तान अपनी शक्ति का प्रयोग एक-दूसरे के खिलाफ नहीं करेंगे और अपने झगड़ों को शांतिपूर्ण ढंग से हल करेंगे। भारत-पाकिस्तान के बीच 1965 में हुए युद्ध के समय चीन तथा अमेरिका का … Read more

वनवासियों के हितैषी राजा विजयभूषण सिंहदेव

11 जनवरी/जन्म-दिवस वनवासियों के हितैषी राजा विजयभूषण सिंहदेव भारत में सैकड़ों साल से ईसाई मिशनरियां काम कर रही हैं। वे सेवा के जाल में फंसा कर भोले-भाले वनवासियों को ईसाई बनाती हैं। यह धर्मान्तरण कभी-कभी राष्ट्रान्तरण जैसी बीमारी भी बन जाता है। वे उन्हें आदिवासी कहकर भारत और शेष हिन्दू समाज से काट देते हैं। … Read more