भगत सिंह के साथ असेंबली में बम फेंकने वाले बटुकेश्वर दत्त को भी फांसी हो गई होती तो ज्यादा अच्छा था
1947 में आजादी के पश्चात बटुकेश्वर को रिहाई मिली। लेकिन इस वीर सपूत को वो दर्जा कभी ना मिला जो हमारी सरकार और भारतवासियों से इन्हें मिलना चाहिए था। आज़ाद भारत में बटुकेश्वर नौकरी के लिए दर-दर भटकने लगे। कभी सब्जी बेची तो कभी टूरिस्ट गाइड का काम करके पेट पाला। कभी बिस्किट बनाने का … Read more