डीजिटल शिक्षा 

शीर्षक – डीजिटल शिक्षा  कर रहे हैं दिमाग की बत्ती अब ये धीरे-धीरे गुल, नए-नए गैजेट्स और एडवांस एप्स फूलम फुल, ए. आई का आया है अब असाधारण ख़ास ज़माना, क्यों अपना दिमाग बोलो ज्यादा खामखां खपाना । चाहे कोई भी विषय से संबंधित हो अनगिनत सवाल, बस चैट जी पीटी करो झट मोबाइल में … Read more

नाम की ईसाईयत

नाम की ईसाईयत सम्माननीय मित्रों ! एक छोटी सी वार्ता जो ह्रदय में शूल की तरह चुभती है ! उपहास जैसी लगती है किन्तु बहुत बडे धोखे की इससे दुर्गन्ध आती है ! मेरे पाकगृह का पीढा टूट गया था किसी ने कहा आप-“कार पेंटर” को बुलाओ ! मैं आश्चर्यचकित होकर बोला कि ये #कारपेंटर … Read more

कहानी (धागों में बुना उजाला)

कहानी (धागों में बुना उजाला) गली के मोड़ पर एक छोटा-सा घर था, जिसकी खिड़की के पास हमेशा एक पुरानी सिलाई मशीन रखी रहती थी। उस मशीन की आवाज़ जैसे उस घर की धड़कन थी। वहीं बैठती थीं सबकी प्रिय-उर्मिला आंटी।अब उनकी उम्र सत्तर साल हो चुकी थी, लेकिन उनके हाथों की रफ्तार में ज़रा … Read more

भाषा मे निखालसता हो। 

भाषा मे निखालसता हो।  धरा पर मनुष्य के पास भाषा ही एक ऐसा माध्यम है जिसके जरीये हम अपने मन की भाव को एक दुसरे के साथ आदान – प्रदान कर सकते है। भाषा संयमित और विनम्र होना चाहिए। भाषा एक ऐसा अस्त्र है जिससे आग लग सकती है और बुझ भी सकती है। आग … Read more

संघर्ष से शिखर तक: लखीपुर से भाजपा प्रत्याशी अप्रतिरोध्य कौशिक राय की राजनीतिक यात्रा

संघर्ष से शिखर तक: लखीपुर से भाजपा प्रत्याशी अप्रतिरोध्य कौशिक राय की राजनीतिक यात्रा 51 वर्षीय कौशिक राय का राजनीतिक जीवन किसी अचानक उभार की कहानी नहीं, बल्कि निरंतर संगठनात्मक तपस्या का परिणाम है। विद्यार्थी जीवन से ही भाजपा की विचारधारा से जुड़ाव और पारिवारिक पृष्ठभूमि—जहां उनके पिता भी समर्पित भाजपा कार्यकर्ता रहे—ने उन्हें प्रारंभिक … Read more

भाषा मे निखालसता हो। 

भाषा मे निखालसता हो।  धरा पर मनुष्य के पास भाषा ही एक ऐसा माध्यम है जिसके जरीये हम अपने मन की भाव को एक दुसरे के साथ आदान – प्रदान कर सकते है। भाषा संयमित और विनम्र होना चाहिए। भाषा एक ऐसा अस्त्र है जिससे आग लग सकती है और बुझ भी सकती है। आग … Read more

कलाप्रेमी संगठक डा. शैलेन्द्रनाथ श्रीवास्तव

20 मार्च/जन्म-दिवस कलाप्रेमी संगठक डा. शैलेन्द्रनाथ श्रीवास्तव लोगों को जोड़ना एक कठिन काम है, उसमें भी कलाकारों को जोड़ना तो और भी कठिन है; क्योंकि हर कलाकार के अपने नखरे और वैचारिक पूर्वाग्रह होते हैं। कई बार तो वे एक साथ मंच पर बैठना भी पंसद नहीं करते। फिर भी ‘संस्कार भारती’ के अध्यक्ष के … Read more

*आध्यात्मिक जागृति, इन्द्रिय संयम के साथ अंत:करण शुद्धि का महापर्व है नवरात्र – डॉ. अभिषेक कुमार उपाध्याय* 

*आध्यात्मिक जागृति, इन्द्रिय संयम के साथ अंत:करण शुद्धि का महापर्व है नवरात्र – डॉ. अभिषेक कुमार उपाध्याय*   *आनन्दतत्त्व को स्वयं में पहचानने का अवसर है नवसंवत्सर – डॉ. उपाध्याय* सनातन धर्म, संस्कृति एवं परम्परा में प्रत्येक दिवस कोई न कोई पर्व त्यौहार एवं उत्सव को मनाने की व्यवस्था है। उसी क्रम में भारतीय नव संवत्सर … Read more

     ” मेरा अभिलाषा “

     ” मेरा अभिलाषा “ बोल सिखा दूं गूंगों को आवाजों मे पर नही है जीभ जिंदा हूँ पर ठहरा जनाजों मे॥ दिखाऊँ अंधे को उजाले नजारों मे पर नही है ज्योति भटक गया हूँ काले अंधकारो मे ॥ चलना सिखा दूं लंगड़े को पहाड़ो मे पर नही बैसाखी रो रहा हूँ गिरकर हजारों … Read more

पेशावर तक भगवा लहराया

पेशावर तक भगवा लहराया पेशावर पर बलपूर्वक कब्जा कर अफगानी अजीम खाँ की सेनाएँ नौशेहरा मैदान तक आ चुकी थीं। यह सुनकर महाराजा रणजीत सिंह ने हरिसिंह नलवा एवं दीवान कृपाराम के नेतृत्व में उनका मुकाबला करने को स्वराजी सैनिकों के जत्थे खैराबाद भेज दिये। महाराजा के साथ बाबा फूलासिंह अटक नदी के किनारे डट … Read more