चैत्र शुक्ल प्रतिपदा(भारतीय नववर्ष) : नव-आशा, नव-ऊर्जा और नव-संस्कृति का संदेश।

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा(भारतीय नववर्ष) : नव-आशा, नव-ऊर्जा और नव-संस्कृति का संदेश। -सुनील कुमार महला हमारी सनातन,अद्भुत और सुंदर भारतीय संस्कृति में पर्व केवल उत्सव और उल्लास का अवसर नहीं होते, बल्कि वे जीवन के गहरे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संदेश भी अपने भीतर समेटे रहते हैं। प्रत्येक त्योहार हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने, हमारी … Read more

मेंस्ट्रुअल लीव(मासिक धर्म अवकाश): सुप्रीम कोर्ट का फैसला और वैश्विक परिप्रेक्ष्य ! -सुनील कुमार महला 

मेंस्ट्रुअल लीव(मासिक धर्म अवकाश): सुप्रीम कोर्ट का फैसला और वैश्विक परिप्रेक्ष्य ! -सुनील कुमार महला हाल ही में, यानी कि 13 मार्च 2026 को माननीय सुप्रीम कोर्ट ने पूरे देश में कामकाजी महिलाओं और छात्राओं के लिए पीरियड लीव (मासिक धर्म अवकाश) को अनिवार्य करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर … Read more

सहायता परम धर्म

सहायता परम धर्म  हम सब जानते है कि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। इस नाते हर व्यक्ति को एक दुसरे की आवश्यकता होती है। व्यक्ति अमीर हो या गरीब, शिक्षित हो या अशिक्षित, छोटा हो या बड़ा सभी को एक दुसरे की आवश्यकता होती है। इसलिए समाज मे रहने वाले एक – एक व्यक्ति महत्वपूर्ण … Read more

शीर्षक – धरा ये कैसा वेश

शीर्षक – धरा ये कैसा वेश अतृप्त चाहतों के नाम पर धरा है ये कैसा वेश, रो रही है मानवता आपस में लड़ रहे जो देश, खुद के स्वार्थ में कर रहे हैं प्रकृति का नुकसान, फतेह करना चाहे महत्वाकांक्षाओं का आसमान । तोड़ रहे सीमाएं भुलकर भाईचारे का उपदेश, कोई तो समझाएं उन्हें भेजें … Read more

जलियांवाला बाग हत्याकांड: 

13 मार्च / इतिहास स्मृति जलियांवाला बाग हत्याकांड:  21 साल बाद उधम सिंह ने जनरल डायर को मारकर लिया था बदला 1919 मे हुए जलियांगवाला बाग हत्याकांड को 100 साल से अधिक हो गए इस हत्याकांड के सबसे बड़े गुनहगार थे ब्रिगेडियर जनरल रेजीनॉल्ड डायर और लेफ़्टिनेण्ट गवर्नर माइकल ओ डायर. आखिरकार 21 साल बाद … Read more

अमर बलिदानी छत्रपति सम्भाजी

अमर बलिदानी छत्रपति सम्भाजी भारत में हिन्दू धर्म की रक्षार्थ अनेक वीरों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। छत्रपति शिवाजी के बड़े पुत्र सम्भाजी भी इस मणिमाला के एक गौरवपूर्ण मोती हैं। उनका जन्म 14 मई, 1657 को मां सोयराबाई की कोख से  हुआ था। तीन अपै्रल, 1680 को शिवाजी के देहान्त के बाद … Read more

सहायता परम धर्म

सहायता परम धर्म  हम सब जानते है कि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। इस नाते हर व्यक्ति को एक दुसरे की आवश्यकता होती है। व्यक्ति अमीर हो या गरीब, शिक्षित हो या अशिक्षित, छोटा हो या बड़ा सभी को एक दुसरे की आवश्यकता होती है। इसलिए समाज मे रहने वाले एक – एक व्यक्ति महत्वपूर्ण … Read more

होलिका दहन पर बहनें भाइयों को माला क्यों पहनाती हैं?

होलिका दहन पर बहनें भाइयों को माला क्यों पहनाती हैं? राजस्थान और देश के कुछ हिस्सों में Holika Dahan (2 मार्च 2026) के अवसर पर बहनें अपने भाइयों को माला पहनाती हैं। यह परंपरा भाई की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और रक्षा की कामना का प्रतीक मानी जाती है। अक्सर इस रस्म के साथ तिलक, आरती … Read more

होली महापर्व की पूर्व संध्या पर विशेष

होली महापर्व की पूर्व संध्या पर विशेष  ऋतुराज बसन्त का आगमन एवं सामाजिक समरसता का अलौकिक पर्व है होली।  होली केवल आमोद-प्रमोद का ही विषय नहीं बल्कि आध्यात्म का अनूठा पर्व है।  सांस्कृतिक, वैज्ञानिक, व्यावहारिक एवं आध्यात्मिकता का महापर्व है होली सनातन संस्कृति में होली पर्व को ऋतुराज बसन्त का संदेशवाहक माना जाता है। इस … Read more

      मदमस्त होली

      मदमस्त होली आया मदमस्त महिना फागुन का फिज़ा  घुला  रंग  में आजा साजन खेलेंगे होली संग में….. यौवन लेने लगी अंगराईयां मंद हवाएं चलने लगी संग में आजा प्रियतम खेलेंगे होली संग मे….. लेकर रिश्ता मेहमान आए तब अगुवा भींगे रंग में आजा प्रिय खेलेंगे होली संग में….. बिन बरसे बादल गरजे घनघोर … Read more