लघुकथा रोहन की अद‌भुत यात्रा

रोहन की अद‌भुत यात्रा एक छोटे से गाँव में रोहन का परिवार रहता था, उसकी माँ का नाम सरस्वती और उसके पिता का नाम हरिनारायण था। रोहन की माँ गाँव की साधारण पर मेहनती महिला थी। सुबह सूरज निकलने से पहले ही उठकर घर का काम संभालती चूल्हे पर रोटियाँ सेंकना, पशुओं को चारा डालना … Read more

करनी का फल, प्रेरक कहानी

रात के दो बज रहे थे। अरविंद जी गहरी नींद में सो रहे थे। तभी फोन की घंटी बजी। फोन की घंटी सुनकर उनकी पत्नी जाह्नवी भी जाग गई। ‘‘इतनी रात किसका फोन आया होगा।’’ अयांश जी ने उठ कर ऐनक लगाया और फोन देखा। किसी अन्जाने नम्बर से फोन था। उन्होंने फोन उठाया। दूसरी … Read more

इच्छा नहीं टूटे-फूटे घर की हमें, पूर्वजों का देश वो महान चाहिए। हमें तो हमारा हिंदुस्तान चाहिए-2

‎ इच्छा नहीं टूटे-फूटे घर की हमें, पूर्वजों का देश वो महान चाहिए। हमें तो हमारा हिंदुस्तान चाहिए-2 ‎ ‎कोई नाता जोड़ता पड़ोसियों के संग, घड़ी -2 अपने बदल रहा रंग। कोई राजा रानी हो गया अपने लिए, हमें इस धरती की शान चाहिए।। हमे तो हमारा हिंदुस्तान चाहिए…… ‎ ‎कोई बोडोलैंड की है मांग … Read more

आख़िरी बस

रात के नौ बजे के बाद कोलकाता की सड़कें धीरे-धीरे सुनसान होने लगती हैं। दिनभर की भीड़-भाड़ थम जाने के बाद शहर जैसे थककर सो जाता है। इसी वक़्त काशीशपुर मोड़ पर अरिंदम बस का इंतज़ार कर रहा था—सरकारी दफ़्तर का एक साधारण क्लर्क। रोज़ की तरह आज भी काम के बोझ से देर हो … Read more

“जंगल, हमारे पर्यावरण और पारिस्थितिकी की जीवन रेखा हैं -हाथी।”

प्रत्येक वर्ष 12 अगस्त को विश्व हाथी दिवस(वर्ल्ड एलिफेंट डे), मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य हमारे पारिस्थितिकी तंत्र(इको सिस्टम)में हाथियों के महत्त्व को स्वीकार करना है। वास्तव में,वनों में एशियाई(भारतीय)और अफ्रीकी हाथियों की स्थिति के संबंध में जागरूकता लाने के लिये 2012 से यह दिवस प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार एक … Read more

रक्षा बंधन

भाई-बहन का रिश्ता है रक्षा बंधन, हर बात पर जो गुस्सा दिलाता है, वही रूठ जाने पर हमें मनाता भी है। धागों से नहीं, दिलों से बंधा है यह नाता, मजबूत है हमारा यह रक्षा बंधन। रक्षा बंधन के आने से आती हैं खुशियाँ, भाइयों की कलाइयों पर बंधी होती हैं राखियाँ। प्यारे-प्यारे उपहार जब … Read more

पुण्यतिथि-सुषमा स्वराज

सुषमा स्वराज (विवाह पूर्व शर्मा) का जन्म 14 फरवरी 1952 को हरियाणा (तब पंजाब) राज्य की अम्बाला छावनी में हरदेव शर्मा तथा लक्ष्मी देवी के घर हुआ था। उनके पिता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख सदस्य थे। स्वराज का परिवार मूल रूप से लाहौर के धरमपुरा क्षेत्र का निवासी था, जो अब पाकिस्तान में है। … Read more

उपन्यास सम्राट   : प्रेमचन्द

उपन्यास सम्राट प्रेमचंद का मूल नाम धनपतराय था। उनका जन्म ग्राम लमही (वाराणसी, उ.प्र.) में 31 जुलाई, 1880 को हुआ था। घर में उन्हें नवाब कहते थे। उत्तर प्रदेश तथा दिल्ली के निकटवर्ती क्षेत्र में मुस्लिम प्रभाव के कारण बोलचाल में प्रायः लोग उर्दू का प्रयोग करते थे। उन दिनों कई स्थानों पर पढ़ाई भी … Read more

कोशिश कर, हल निकलेगा

कोशिश कर, हल निकलेगा, आज नहीं तो कल निकलेगा। अर्जुन के तीर-सा लक्ष्य साध, परिश्रम कर, परिणाम मिलेगा। मेहनत से सींच पौधों को, बंजर धरती से फल निकलेगा। मरुस्थल के सीने से भी, कभी-न-कभी जल निकलेगा। जिंदा रख उम्मीद दिलों में, गरल से भी अमृत निकलेगा। सच की राह पर डट जा तू, अंधेरे से … Read more

हर मुस्कान एक कविता

चाँद की धुन  समुद्र की गुन  जीवन की रस्सी में  बुनते हैं हम खुशियाँ  हर साँझ की गोद में, सपनों की कोई कश्ती तैरती है  हवाओं में उम्मीद की सुगंध बहती है  मन की वीणा पे झनकार होती है  तारों की चादर ओढ़कर, हम चलते हैं सुकून के सफर में  जहाँ ना हो कोई दर्द … Read more