गीता के ऊपर दिल्ली के कवि हरेंद्र नाथ श्रीवास्तव जी की कविता

निम्न कविता ( जो मैंने गीता की अपनी समझ के बारे में लिखी है और १८ अड़े का सार १८ पड़ो में अपनी अकिंचन बुद्धि के अनुसार लिखा है) मैं “ गीता “समझ रहा हूँ – हरेंद्र नाथ श्रीवास्तव मैं “ गीता “समझ रहा हूँ जो अर्थ निकालेंगे मैं उनसे कह रहा हूँ जाने जीने … Read more

गीता के ऊपर कविता

मैं “ गीता “समझ रहा हूँ – हरेंद्र नाथ श्रीवास्तव मैं “ गीता “समझ रहा हूँ जो अर्थ निकालेंगे मैं उनसे कह रहा हूँ जाने जीने का मतलब मैं गीता समझ रहा हूँ जब धर्म की हानि होगी तो ईश्वर को आना होगा धरती पर विपदा भारी तो ईश्वर को आना होगा जो सुनता आया … Read more

नाजायज औलाद नहीं मां बाप होते हैं

रिश्ते धुंधले अथवा पवित्र होते हैं निभाना उचित वरना बोझ होते हैं लोग कहते हैं नाजायज औलाद  औलाद नहीं मां बाप होते हैं कब तक रिश्तों की आङ में पाप पुण्य का दोगे हिसाब जब तक ना हो बेनकाब रिश्ते तो रिश्ते ही होते हैं रिश्तों की समीक्षा कब हुई जब तार तार इंसानियत हुईं … Read more

आज तो रूला देगी ये पोस्ट

एक कवि नदी के किनारे खड़ा था ! तभी वहाँ से एक लड़की का शव नदी में तैरता हुआ जा रहा था। तो तभी कवि ने उस शव से पूछा —-     कौन हो तुम ओ सुकुमारी, बह रही नदियां के जल में ?     कोई तो होगा तेरा अपना, मानव निर्मित इस … Read more

बुद्धू बेटा

प्रदीप देर शाम को ऑफिस से लौटा तो रसोईघर में खटर पटर की आवाज सुनाई दी। उसने झांका तो देखा कि उसकी मां बर्तन मांज रही थी। मां की उम्र हो चली है वो घुटनों के दर्द से परेशान रहती है। जनवरी का महीना मौसम बहुत ठंडा था वातावरण में धुंध थी इतनी ठंड महसूस … Read more

कीमत बड़ी चुकाई है।

गाँव बेचकर शहर खरीदा, कीमत बड़ी चुकाई है। जीवन के उल्लास बेच के, खरीदी हमने तन्हाई है॥ बेचा है ईमान धरम तब, घर में शानो शौकत आई है। संतोष बेच तृष्णा खरीदी, देखो कितनी मंहगाई है॥ बीघा बेच स्कवायर फीट, खरीदा ये कैसी सौदाई है। संयुक्त परिवार के वट वृक्ष से, टूटी ये पीढ़ी मुरझाई … Read more

मणिपुर कांड

मणिपुर राज्य में कुछ असुरों नें, पुरुषत्व को बदनाम किया। भीड़ में शामिल हो कर के, एक ऐसा कृत्य अंजाम दिया।। नोंच कर घुंघट नारी का, उसे नंगा परेड करवा डाला। मैं लिख ना सकता, खुले तन से हरकत वही फ़रमा डाला।। जिस देश का झंडा आदि से ही, दुनिया भर में ऊंचा था। विश्व … Read more

सीमा लांघके सीमा आई

सीमा लांघ के सीमा आई, – सरन घई, कनाडा सीमा लांघ के सीमा आई, पब्जी, पब्जी खेल के आई, शादी करने सीमा आई, साथ में अपने बच्चे लाई। दो-दो देश लांघ कर आई, पाकिस्तान से गई दुबाई, वहाँ से फिर नेपाल को धाई, घूमघाम भारत में आई। देश नेपाल में ब्याह रचाया, सचिन बना दूल्हा … Read more

संस्कार धानी जबलपुर, मध्य प्रदेश में ‘शब्दाक्षर’ का कवि सम्मेलन

संस्कारधानी जबलपुर  में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर राष्ट्रीय साहित्य संस्था ‘शब्दाक्षर’ की जबलपुर, मध्य प्रदेश इकाई द्वारा वृहद कवि सम्मेलन का आयोजन निराश्रित वृद्धाश्रम इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी संस्कार धानी जबलपुर में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि देश के सुप्रसिद्ध शायर कवि राज ‘सागरी’ जी, अध्यक्ष सी.पी.चतुर्वेदी सेवा निवृत जी.एम.आर्डिनेंश फैक्ट्री, विशिष्ट … Read more

प्रेरक कहानी

तस्वीर दिल्ली के एक साधारण टैक्सी चालक देवेन्द्र की है. देवेन्द्र मूलतः बिहार के रहने वाले हैं। एक दिन देबेन्द्र की टैक्सी में कश्मीर का निवासी बैठा जिसे एयरपोर्ट से पहाड़गंज तक जाना था। देवेन्द्र ने उसको पहाड़गंज छोड़ा, अपना किराया वसूला और वापिस टैक्सी स्टैंड की ओर चल पड़े। इसी बीच उनकी नज़र गाड़ी … Read more