चूड़ियॉं (दोहे)
हाथों में सज चूड़ियॉं, करती मधु झंकार। खन-खन-खन की ताल से, करे प्रेम संचार।। ये हरी-भरी चूड़ियॉं, सजनी का श्रृंगार। सजना लाए प्रेम से, प्यारा सा उपहार।। सजी कलाई चूड़ियॉं, सौभाग्य का प्रतीक। गृहलक्ष्मी के आंतरिक, राजस्व का प्रतीत।। चम-चम चमके चूड़ियॉं, मन को लेती जीत। खन-खन की आवाज में, गाती मीठा गीत।। चूड़ी हर … Read more