चूड़ियॉं (दोहे)

हाथों में सज चूड़ियॉं, करती मधु झंकार। खन-खन-खन की ताल से, करे प्रेम संचार।।  ये हरी-भरी चूड़ियॉं, सजनी का श्रृंगार।  सजना लाए प्रेम से, प्यारा सा उपहार।।  सजी कलाई चूड़ियॉं, सौभाग्य का प्रतीक। गृहलक्ष्मी के आंतरिक, राजस्व का प्रतीत।।  चम-चम चमके चूड़ियॉं, मन को लेती जीत।  खन-खन की आवाज में, गाती मीठा गीत।।  चूड़ी हर … Read more

।। प्रजातंत्र।।

राजशाही कहां खत्म हुई?  राजधानियों के स्वरूप बदल गए  प्रजातंत्र की आड़ में  चंद सामंती गुंडे चमक गए  प्रजा का शोषण तो आज भी है  बस शोषण के रूप बदल गए  फूटपाथ पर पड़े  नंगे तन और भूखे पेटो से पूछो आजादी से उन्हें क्या मिला गुलाम तो आज भी है  बस मालिकों के चेहरे … Read more

सत्य और तर्क! (व्यंग्य) 

सत्य और तर्क मे हुई बहस दोनों मे चली बातें चहस॥  सत्य आखिर सत्य होता है सत्य हमेशा दिखता है॥  तर्क बोला दिखने वाला, सत्य नही भी हो सकता है सत्य को तर्क के कसौटी पर उतरना भी पड़ता है॥  इसी दौरान बुद्धि बीच मे टपका कहीं पढ़ी हुई बात को बीच मे पटका॥  कहा- … Read more

क्या है मनस्मृति?

– संत समीर आप सबने सुना ही होगा कि दो दिन पहले संसद में #काँग्रेस अध्यक्ष #खड़गे जी ने एक श्लोक की मनु के नाम पर व्याख्या की। श्लोक मनुस्मृति का था ही नहीं, लेकिन देश के नेताओं का क्या किया जाए, जिनका सत्य और तथ्य से लेना-देना नहीं रहा। खड़गे जी को यह तक … Read more

शिव

हर श्वास में है शिव, हर आस में हैं शिव, विश्वास में है शिव, शिव ही है संरक्षक । अंतस प्रेरणा है शिव, प्रेषक तत्व भी है शिव,  फलीभूत संकल्प है शिव, शिव ही हैं मार्गदर्शक । जन्म उत्पत्ति है शिव,  अटल मृत्यु भी है शिव, अनाहत नाद है शिव, शिव ही है मोक्षकारक । … Read more

परिंदे तेरे शहर के

– विश्वास राणा फ़िक्र नहीं जो मुझसे ख़फ़ा हैं, बाशिंदे तेरे शहर के  शुक्र यही मेरी आवारगी पे फिदा हैं, परिंदे तेरे शहर के क़तल सब खुद करें , इलज़ाम हमारे सर धरें  गज़ब जादूगरी करते हैं, नुमाइंदे तेरे शहर के एक ज़रा सी दस्तक क्या दी साफ़दिली ने नगर द्वार पे  बिलों में जाके … Read more

गुरूदेव (दोहे)

उत्तम हो संसार में, बच्चों का व्यवहार। गढें गुरुदेव प्रेम से, शिक्षा शुभ संस्कार।।  वाणी में गुरुदेव की, होता प्रभु का वास। हाथों से गुरुदेव के, बरसे निधियॉं खास।।  चलना पथ पर सीखते, गुरु से पाकर ज्ञान। परम पूज्य गुरुदेव का, सदा करे सम्मान।।  सदा करो गुरु वंदना, कहते श्री भगवान। गुरु विवेक जागृत करें, … Read more

          किसमे है दम! 

एक मे दम कहां? जो लूटे हमे मझधारो मे जिसने हमे लूटा, वे लूटेरे थे हजारो मे ॥  कहां है सर कलम करने की ताकत कसाईयों मे जिसने हमे कत्ल किया, वे तलवार थे भाईयों मे॥  साजिश मे दम कहां? जो बांटे हमे औरों मे जिनको हमसे डर था, वे भाई थे गैरो मे॥  तीर … Read more

प्रश्नचिह्नों में रह गई अधूरी बातें

जब तक प्रश्नों के उत्तर नहीं मिलते, मन अशांत ही रहता है। कुछ प्रश्नों के उत्तर पाना सचमुच बहुत कठिन होता है। उससे भी अधिक कठिन होता है उन प्रश्नों को भुला देना, उनके पीछे छिपे दुःख को भूल जाना या मन के भीतर उठती बेचैन लहरों को शांत कर पाना। हर दुःख को आँसुओं … Read more

जब रेलगाड़ी की जनरल बोगी में अतीक अहमद की ‘इज़्ज़त’ दांव पर लगी

जब रेलगाड़ी की जनरल बोगी में अतीक अहमद की ‘इज़्ज़त’ दांव पर लगी और एक बात 18 साल बाद सच हुई ! साल था 2005. इलाहाबाद में एक रेलवे स्टेशन है रामबाग. वहां से सुबह एक पैसेंजर ट्रेन चलती है बनारस के मंडुआडीह के लिए. ट्रेन की हालत ये थी कि सुबह साढ़े छह सात … Read more