बेमिसाल बरसेनापति -मुरारी केडिया

गुजरना होता है परीक्षाओं से कुछ बनने के लिए कुछ पाने के लिए. लाचित को भी देनी पड़ी थी कई परीक्षा यें बरसेनापति बनने के लिए. बुलंद आवाज में दिया आदेश ‘दौलभारी’ लोंगों को राजा के मन को भा गया. सय्यद साला और सय्यद फिरोज को पकड़ने के बावत राजा ने  की चिन्ता ब्यक्त. कहा … Read more

नक्सली माओवाद गिनता अंतिम सांसें

नक्सली माओवाद गिनता अंतिम सांसें प्रमोद भार्गव छत्तीसगढ और आंध्रप्रदेष की सीमा पर हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने षीर्श माओवादी क्रूर हिंसा के प्रतीक बन चुके हिड़मा को मार गिराने के बाद सात अन्य नक्सलियों को मार गिराने के साथ तय है, कि अब नक्सली हिंसा अपने अंतिम चरण में है। मार्च 2026 तक इसका … Read more

डेटाबेस से डाउनटाइम तक: क्लाउडफ्लेयर की चूक और उसका व्यापक असर

मंगलवार, 18 नवंबर 2025 को शाम करीब 5:20 बजे से क्लाउडफ्लेयर नेटवर्क में तकनीकी गड़बड़ी आ गई।इस तकनीकी गड़बड़ी ने दुनिया भर की ऑनलाइन सेवाओं को यकायक रोक दिया। चैटजीपीटी, ट्विटर (एक्स प्लेटफार्म),कैनवा, डिस्कोर्ड और कई बड़े प्लैटफॉर्म इस तकनीकी गड़बड़ी के कारण एक साथ डाउन हो गए, जिससे यूजर्स को काफ़ी परेशानियों का सामना … Read more

विकासशील देशों के लिए संकट बनी अमेरिकी ई-कचरे की सुनामी

विकासशील देशों के लिए संकट बनी अमेरिकी ई-कचरे की सुनामी संदर्भः- बासेल एक्शन नेटवर्क की रपट का खुलासा- विकासशील देशों के लिए संकट बनी अमेरिकी ई-कचरे की सुनामी प्रमोद भार्गव पर्यावरण पर वैश्विक निगरानी रखने वाली सिएटल स्थित संस्था ‘बासेल एक्शन नेटवर्क‘ (बीएएन) की ताजा रिपोर्ट में जानकारी दी गई है कि अमेरिका से लाखों टन … Read more

पालमपुर की बुद्धि माँ

पालमपुर की बुद्धि माँ एक समय की बात है — दूर-दूर तक फैले हरे-भरे खेतों और नीले आसमान के नीचे एक सुंदर गाँव था — पालमपुर। यह गाँव मानो प्रकृति की गोद में बसा एक स्वर्ग था। चारों ओर लहलहाते खेत थे, जिनमें गेहूँ की सुनहरी बालियाँ हवा के संग झूमती थीं। खेतों के बीच … Read more

विधि अधीन है — डाक्टर श्रीधर द्विवेदी ,दिल्ली

विधि अधीन है पाटलिपुत्र की युद्धभूमि में , ताल ठोकतें बहु दिग्गज हैं , जनता किसे चुनेगी , उसने क्या ठाना है ? यह किसने जाना है ? यक्ष  प्रश्न है । किसको देगी दंड , उसके पापों का प्रायश्चित , या सत्कर्मों का प्रतिफल , राजदंड सन्यास है नहीं सुनिश्चित । कहना बहुत कठिन … Read more

आस -अनीता सिंह

आस अनीता सिंह (प्र. स्ना. हिंदी, ज.न.वि. गोलाघाट, असम) ज़मीन और सागर का भी कैसा अजीब नाता है। दोनों पास होकर भी एक-दूसरे से कितने दूर हैं, जैसे चाँद से सूरज और धरती से गगन । असमानताएँ तो बहुत हैं लेकिन , सीमाएँ भी तय नहीं है दोनों की । ज़मीन, जहाँ कोलाहल को अपने … Read more

व्यंग्य       एक पेड़ और गिद्ध

 व्यंग्य       एक पेड़ और गिद्ध। एक गिद्ध सेठ जी के छत पर बैठा देख, लोग हुआ हैरान सेठ जी अनहोनी शंका से हुआ परेशान किसी ज्ञानी को बात बताया ज्ञानी ने इसे अशुभ संकेत बताया सेठजी ने यज्ञ, हवन करवाया तब जाकर सेठजी का शंका, डर भागा यह सब देख दूर खड़ा … Read more

सच्ची दोस्ती की मिसाल

सच्ची दोस्ती की मिसाल लेखिका: दीपाली सिंह, बी.कॉम, बेंगलुरु एक छोटे से गाँव में दो प्यारे दोस्त रहते थे — रोहन और अर्जुन। दोनों की दोस्ती बचपन से ही इतनी गहरी थी कि गाँव में उनकी जोड़ी की मिसाल दी जाती थी। वे साथ खेलते, पढ़ते, और हर खुशी-दुःख में एक-दूसरे का साथ निभाते थे। … Read more

दीपों का त्योंहार-दीपावली

अंधियारे को दूर भगाने आई, खुशियों की सौगात सजाने आई। हर द्वार पर दीप जले हंसते, मन में आशा के फूल खिले बसते। सज गई गलियाॅं, महके आंगन, बाजे ढोल ,खिल उठे जीवन। मां लक्ष्मी के चरण पधारे, सौभाग्य के दीप जलाने सारे। मिठास घुली हर रिश्ते में, दीप जले हर दृष्टि में। दुःख का … Read more