मेरे लिए दोस्ती से बढ़कर मां-बाप है

सुहाग सेज पर लाज से सिकुड़ी सिमटी बैठी दुल्हन का घूँघट उठाते ही क्षितिज का दिल धक् से रह गया,’अरे ये तो वही है…विजय की प्रेमिका… ये कैसी ग़लती हो गई उससे’? उसकी दीदी ने सौम्या की सूरत और सीरत की इतनी प्रशंसा की थी कि उसने कह दिया ,”अगर आपको पसंद है तो मुझे … Read more

मां-बाप से अलग रहना सही नहीं

मेरा मानना था, कि पत्नी के साथ प्रेम वासना और उसकी सभी जरूरत यदि मैं पूरा करूं तो जीवन अच्छे से कटेगा और मैं पूरी तरह से तैयार था विवाह करने के लिए मैं मेरा खुद का व्यापार है, तो मुझे ऐसी लड़की चाहिए थी, जो स्मार्ट हो व्यापार में मेरा काम सम्भाल सके, १० … Read more

इंसान परेशान बहुत हैं 

*अच्छी थी, पगडंडी अपनी।* *सड़कों पर तो, जाम बहुत है।।* *फुर्र हो गई फुर्सत, अब तो।* *सबके पास, काम बहुत है।।* *नहीं जरूरत, बूढ़ों की अब।* *हर बच्चा, बुद्धिमान बहुत है।।* *उजड़ गए, सब बाग बगीचे।* *दो गमलों में, शान बहुत है।।* *मट्ठा, दही, नहीं खाते हैं।* *कहते हैं, ज़ुकाम बहुत है।।* *पीते हैं, जब … Read more

राष्ट्रपति के बारे में प्रेरक कहानी

कलेक्टर मैडम, आप ‘मेकअप’ क्यों नहीं करती…?_  read till end मलप्पुरम की जिला कलेक्टर सुश्री रानी सोयामोई… कॉलेज के छात्रों से बातचीत करती हैं। उन्होंने कलाई घड़ी के अलावा कोई आभूषण नहीं पहना था। सबसे ज्यादा छात्रों को आश्चर्य हुआ कि उन्होंने ‘फेस पाउडर’ का भी इस्तेमाल नहीं किया। भाषण अंग्रेजी में था। उन्होंने केवल … Read more

अकेले ट्रेन में रात का सफर

गौरी का रिजर्वेशन जिस बोगी में था, उसमें लगभग सभी लड़के ही थे । टॉयलेट जाने के बहाने गौरी पूरी बोगी घूम आई, मुश्किल से दो या तीन औरतें होंगी । मन अनजाने भय से काँप सा गया । रात्रि का समय था और बीच के स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या बढ़ भी सकती थी … Read more

मणिपुर, अनदेखी करना ठीक नहीं

मणिपुर में लगी है आग मगर, तपिश न पहूंची दिल्ली तक. सब लगे थे दिल्ली पाने को, मणिपुर की चिंता हुई नहीं. मुद्दत हुई मणिपुर को जलते, जूं ना रेंगीं सरकारी कानों पर, लगता गूंगी-बहरी सरकारें हुईं, या पूर्वोत्तर की चिंता ही नहीं. भूल के आपसी लफड़ोंं को, ध्यान दो अपने घर पर भी, कहीं … Read more

पिता का बंटवारा

चार महीने बीत चुके थे, बल्कि 10 दिन ऊपर हो गए थे, किंतु बड़े भइया की ओर से अभी तक कोई ख़बर नहीं आई थी कि वह पापा को लेने कब आएंगे. यह कोई पहली बार नहीं था कि बड़े भइया ने ऐसा किया हो. हर बार उनका ऐसा ही रवैया रहता है. जब भी … Read more

मैं भारत का नागरिक हूं, मुझे लड्डू दोनों हाथ चाहिए।

मैं भारत का नागरिक हूं, मुझे लड्डू दोनों हाथ चाहिए। बिजली बचाऊंगा नहीं, बिल मुझे माफ चाहिए । पेड़ मैं लगाऊंगा नहीं, मौसम मुझे साफ चाहिए। शिकायत मैं करुंगा नहीं, कार्यवाही तुरंत चाहिए। बिना लिए कुछ काम न करूं, पर भ्रष्टाचार का अंत चाहिए। घर बाहर कूड़ा फेंकू,शहर मुझे साफ चाहिए। काम करूं न ढेले … Read more

पति-पत्नी और तलाक

पति ने पत्नी को किसी बात पर तीन थप्पड़ जड़ दिए, पत्नी ने इसके जवाब में अपना सैंडिल पति की तरफ़ फेंका, सैंडिल का एक सिरा पति के सिर को छूता हुआ निकल गया। मामला रफा-दफा हो भी जाता, लेकिन पति ने इसे अपनी तौहीन समझी, रिश्तेदारों ने मामला और पेचीदा बना दिया, न सिर्फ़ … Read more

मैं IAS बनकर भी कुछ न बन सका -T.N.शेषन

श्री टी.एन. शेषन मुख्य चुनाव आयुक्त थे। अपनी पत्नी के साथ यूपी की यात्रा पर जाते समय उनकी पत्नी ने सड़क किनारे एक पेड़ पर बया (एक प्रकार की चिड़िया)का घोंसला देखा और कहा, ”यह घोंसला मुझे ला दो; मैं घर को सजाकर रखना चाहतीं हूँ।”   श्री टी एन शेषन ने साथ चल रहे सुरक्षा … Read more