मेरे लिए दोस्ती से बढ़कर मां-बाप है
सुहाग सेज पर लाज से सिकुड़ी सिमटी बैठी दुल्हन का घूँघट उठाते ही क्षितिज का दिल धक् से रह गया,’अरे ये तो वही है…विजय की प्रेमिका… ये कैसी ग़लती हो गई उससे’? उसकी दीदी ने सौम्या की सूरत और सीरत की इतनी प्रशंसा की थी कि उसने कह दिया ,”अगर आपको पसंद है तो मुझे … Read more