दोस्ती की राह पर चलेंगे, मिलकर साथ जीतेंगे हम। आँखों में छाया यह विश्वास, हर मुश्किल आसान बनाएंगे हम । आँचल में छुपी यादों को ढूंढेंगे, दोस्ती के सफर में आगे बढ़ेंगे हम। सफलता की राह बनाएँगे, मिलकर सपने सजाएंगे हम। जब धुप की हो तपन, दोस्ती का दामन थामेंगे हम । जब बादल छाएं अंधेरा, तब दोस्ती का दीपक जलाएंगे हम । बीते पलों को यादों में सजाएंगे, दोस्ती के गीत गाएंगे हम । जिंदगी के सफर में साथ निभाएंगे, दोस्ती के सागर में नौका बनाएँगे हम। ये दोस्ती एक रंग है अपना, इसे नहीं भूलेंगे हम। जीवन के हर मोड़ पर साथ देंगे, दोस्ती की मिसाल बनाएँगे हम। डॉ प्रग्नेश परमार अध्यक्ष, राजभाषा समिति एम्स, बीबीनगर