सौतेली माँ का फर्ज ( कहानी)

सौतेली माँ अक्सर बदनाम होती है लेकिन बिमला हालांकि कम उम्र की ससुराल आई लेकिन आते ही वृद्ध एवं बिमार सास दुलारी ने छह बच्चों को इकट्ठा करके कहा कि अब दादी जा रही है अब सबकुछ तुम्हारी नयी माँ बिमला है इसका कहा मानना यह पांच कक्षा पास तथा इमानदार कुंज बिहारी जी की … Read more

पुस्तक समीक्षा :- “बिखरी पंखुड़ियां !!”

साहित्य अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। साहित्य की कोई भी विद्या चाहे वह कविता हो, गीत हो, गजल या कहानी हो समाज से उपजी विद्रूपता को मुखरित करती है। ‘धार्विक नमन’ के कविता संग्रह ”बिखरी पंखुड़ियां” में बदलते समय का प्रभाव भी है और समय के साथ न बदल पाई अडिग निजता भी है। “धार्विक … Read more

Hindi Kavita:  लोकनायक जयप्रकाश के लिए धर्मवीर भारती की सुप्रसिद्ध कविता- मुनादी

यह कविता धर्मवीर भारती ने आपातकाल के दौरान आन्दोलन पर लिखी थी, वे लिखते हैं- तानाशाही का असली रूप सामने आते देर नहीं लगी। नवम्बर की शुरूआत में ही हुआ वह भयानक हादसा। लोकनायक जयप्रकाश ने पटना में भ्रष्टाचार के खिलाफ रैली बुलायी। हर उपाय पर भी लाखों लोग सरकारी शिकंजा तोड़ कर आये। उन … Read more

Hindi Kavita: भगवतीचरण वर्मा की 3 चुनिंदा रचनाएं

1- कुछ सुन लें, कुछ अपनी कह लें। जीवन-सरिता की लहर-लहर, मिटने को बनती यहाँ प्रिये संयोग क्षणिक, फिर क्या जाने हम कहाँ और तुम कहाँ प्रिये। पल-भर तो साथ-साथ बह लें, कुछ सुन लें, कुछ अपनी कह लें। आओ कुछ ले लें औ’ दे लें। हम हैं अजान पथ के राही, चलना जीवन का … Read more

प‌इसा अ‌इसन नाच नचवलस।  घर दुआर सब कुछ छोड़वलस।। 

प‌इसा अ‌इसन नाच नचवलस। घर दुआर सब कुछ छोड़वलस।। नौकरी के जब से चिंता भ‌इल। गाँव के पुश्तैनी घर पीछे छूट ग‌इल।। पीछे छुटल पुश्तैनी वास। शहर में भ‌इल नया निवास।। माटी, ईंटा, खपड़ा नरिया से। लरही, धरन, बांस कोरो से। पुरखा लोग घर बनवले रहे। आफत वात ओ जाड़ा गरमी। खुशी खुशी सब लोग … Read more

परिवार के प्रति जवाबदेही

“बेटा! थोड़ा खाना खाकर जा ..!! दो दिन से तुने कुछ खाया नहीं है।” लाचार माता के शब्द है अपने बेटे को समझाने के लिये। “देख मम्मी! मैंने मेरी बारहवीं बोर्ड की परीक्षा के बाद वेकेशन में सेकेंड हैंड बाइक मांगी थी, और पापा ने प्रोमिस किया था। आज मेरे आखरी पेपर के बाद दीदी … Read more

पुरुषों की बनाई बंदिशों की खुद औरतें पहरेदार है

चटाऽऽऽऽऽऽऽक! जैसे ही वह थप्पड़ मेरे गाल पर आकर लगा मेरे हाथ में जो मेंगो शेक की ट्रे थी वो दूर जाकर गिरी। ट्रे में रखे सभी गिलास के टुकड़े टुकड़े हो चुके थे। हर तरफ फर्श पर टूटे हुए गिलास के टुकड़े बिखरे हुए थे। और मैं भी फर्श पर एक तरफ गिरी पड़ी … Read more

सर्व शिक्षा अभियान

शिक्षा शिक्षा सर्व शिक्षा, हर गांव हर शहर में, फैलाएगी उजाला सबके जीवन में। कोने-कोने में शिक्षा का संदेश फैलाना है, हर बच्चे के मन में एक नई उमंग जगाना है। नई सादगी लेकर आया शिक्षा के अभियान में, फैलाएगी उजाला……….. सबके अंदर फैलाएगी शिक्षा की चिंगारी, हर कोई पढ़ेंगे अमीर हो या भिखारी। जन-जन … Read more

प्रेरक कहानी विचार परिवर्तन

क्लास से लौटकर तान्या ने चुस्त जींस उतारकर ढीली-सी ट्राउज़र डाल ली और पलंग पर पसर गई. अपनी रूममेट स्वाति को उसने सख़्त हिदायत दे दी कि दो घंटे तक उसे कोई डिस्टर्ब न करे, वह बहुत थक गई है. तभी हॉस्टल की ही दो अन्य लड़कियां उसे पुकारती हुई आ पहुंचीं. “तान्या, कोई अंकल … Read more

कथा कलंकित हो जायेगी

कब तक नियम और तोड़ोगे? कितनी नैतिकता छोड़ोगे?? युग को भला किधर मोड़ोगे? टूटे हृदय न जोड़ोगे तो , कालिख अंकित हो जायेगी।। कथा कलंकित हो जायेगी।। असमंजस का विकट जाल है , कई सवाल खड़े मुँह बाए । उत्तर नहीं मिले हैं अब तक, दुविधा मिटती नहीं मिटाए।। घर घर जाकर देख रहा हूँ … Read more