दान का परिणाम
सुबह का वक्त था। निशा ने बिस्तर से उठते हुए घड़ी पर नजर डाली। सुबह के साढ़े पांच बज चुके थे। काफी देर से वह जगी हुई थी, लेकिन बिस्तर छोड़ने का मन नहीं हो रहा था। खिड़की से छनकर आती हल्की रोशनी ने इशारा किया कि दिन की शुरुआत हो चुकी है। उसने सोचा, … Read more