सकारात्मक सोच

सोचें सकारात्मक, जीवन होगा सुंदर, हर दिन नई उमंग, हर पल नई आशा होगी। मन में विश्वास रखें, सपने सच होंगे, हर मुश्किल का सामना, नई ताकत से होगा। सकारात्मक सोचें, जीवन को नया मोड़ दें, हर दिन नई उम्मीद, हर पल नई खुशी होगी। अपने आप पर विश्वास करें, आप सक्षम हैं, हर मुश्किल … Read more

अपने आप को पहचानो

“खुद को याद दिलाओ, तुम क्या हो, एक बूँद हो समुद्र में या फिर खुद ही एक सूरज हो। अपनी क्षमताओं को पहचानो, उन्हें निखारो, फिर देखो, तुम क्या कर सकते हो। मुश्किलों को मत देखो, उनका सामना करो, क्योंकि हर चुनौती के पीछे एक नया अवसर छिपा होता है। असफलताओं से मत डरो, उनसे … Read more

ग्रन्थसमीक्षा भक्ति आंदोलन की पृष्ठभूमि और असम का संदर्भ – डॉ. रणजीत कुमार तिवारी

ग्रन्थ समीक्षा – भक्ति आंदोलन की पृष्ठभूमि और असम का सन्दर्भ डाॅ रणजीत कुमार तिवारी सर्वदर्शन विभागाध्यक्ष कुमार भास्कर वर्मा संस्कृत एवं पुरातनाध्ययन विश्वविद्यालय, नलबारी, असम डॉ. दीपशिखा गगै का जन्म शिवसागर में हुआ था और वर्तमान में वे कुमार भास्कर वर्मा संस्कृत एवं पुरातनाध्ययन विश्वविद्यालय, नलबाड़ी के असमीया विभाग में सहायक प्रोफेसर के पद … Read more

यदि अकबर महान तो महाराणा प्रताप कौन थे?

जलती रही जौहर में नारियां  भेड़िये फ़िर भी मौन थे।  हमें पढाया गया अकबर” महान, तो फिर महाराणा प्रताप कौन थे? 😇😇 सड़ती रही लाशें सड़को पर  गांधी फिर भी मौन थे, हमें पढ़ाया गांधी के चरखे से आजादी आयी, तो फांसी चढ़ने वाले 16-25 साल के वो जवान कौन थे? 😇😇 वो रस्सी आज … Read more

वह

गहरे अंधेरे में एक नन्हीं जुगनू। मैं, एक जलती हुई लौ। विस्तर में गिरा हुआ मुरझाया रजनीगंधा। या शायद, किसी अनजाने किनारे पर, एक मासूम चातक बेसहारा पड़ा। वह मेरी कहानी की शुरुआत, वह मेरी कहानी का अंत, और मैं… उसके छोड़ी हुई एक छोटी सी कहानी— शुरुआत में अचरज, अंत में रहस्य… बिल्कुल प्यार … Read more

लघु कथा रिया का सपना

एक छोटे से शहर में, जहाँ लोग अपनी-अपनी दिनचर्या में व्यस्त रहते थे, एक लड़की थी जिसका नाम रिया था। रिया एक गरीब परिवार से थी। उसके पिता एक छोटे से दुकान के मालिक थे और उसकी मां एक गंभीर बीमारी से पीड़ित थी। रिया की मां को दवाई की सख्त जरूरत थी, लेकिन पैसे … Read more

प्रतिदान

सुखदा यही नाम था उसका। मगर जीवन में उसके नाम के विपरीत परिस्थितियाँ उसे किस मोड़ पर ले आयी ये उसे समझ में न आया। मन में दुख, जलन, पीड़ा और तानों के शर से आहत घाव को लेकर वह सोच में डूबी हुई थी। गोद में नन्हीं सी बच्ची पल्लवी। अभी-अभी दूध पीकर सोई … Read more

किसी के साथ भी हो सकता है!!!

बनारस जाने के लिए 27 जनवरी को चौरीचौरा से रिजर्वेशन करवाया था.. RAC 78 मिला था। सोचा कंफर्म नही होगा तो by road निकल जाऊंगा लेकिन शाम होते होते कनफर्म हो गया। ऊपर की सीट मिली थी। ट्रेन चलते ही झपकी आ गई। साढ़े बारह बजे देवरिया पहुंची तो अचानक एक हंगामा सुनकर नींद खुल … Read more

गली नंबर 14 की एक कहानी

असल में, किसी भी स्त्री के शरीर के माप में वह कभी गलती नहीं करता। बिना कोई जवाब दिए, उसने नोट उठा लिए। वह बाहर निकल गई, उसी रास्ते से जिससे आई थी। टेबल पर रखी दवा की बोतल से एक चम्मच लेकर उसने खुद पी लिया। बिस्तर पर पड़ी अपनी छोटी बच्ची के अधमरे … Read more

जैमिनी हरियाणवी…

होली के दिन ये क्या ठिठोली है छुट्टी अपनी तो आज हो ली है देह बन्दूक सी दिखे तेरी और चितवन ज्यूँ लगे गोली है। एक बिल्ली-सी आँख खोली है एक बकरी-सी बोले बोली है मर्खनी भैंस सी अदा तेरी छुट्टी अपनी तो आज हो ली है बीच सड़कों पे मस्त टोली है सबकी बस … Read more