युद्ध  से संबंधित प्रेरक कहनी

“मैं प्लेन में बैठ चुका था, दिल्ली जा रहा था—लगभग छह घंटे की यात्रा। सोचा था—चुपचाप बैठकर थोड़ी किताब पढ़ूंगा और बीच में कुछ देर आँखें भी मूंद लूंगा। टेकऑफ से ठीक पहले देखा कि प्लेन का दरवाज़ा फिर से खोला गया और एक दल भारत के जवानों का अंदर आया—करीब दस के आस-पास। वे … Read more

एयर स्ट्राइक

दिनांक -०७/०५/२०२५ रण में सिंदूर बोल उठा!” रण में सिंदूर बोल उठा — ललकार बनी हुंकार बनी, भारत माँ की माँग सजी — हथियार बनी, शंखधार बनी। यह रेखा अब रुकने वाली नहीं — यह आँधी है, आग बनी! रण में सिंदूर उबाल उठा — जय-जय भारत राग बनी! सिंदूर नहीं अब शृंगार रहा — … Read more

वाह मानव वाह!

वाह रे मानव, वाह! नदियों को सुखा कर तूने बनाया अपना घर। पानी के अभाव में अब पूछ रहा है — “नदियां है किधर?” कूड़े का ढेर बना डाला तूने अपना शहर, स्वच्छता के अभाव में अब पूछ रहा है — “अधिकारी है किधर?” नालियों को जाम कर पानी को तूने रोका, डेंगू-मलेरिया से भुगतकर … Read more

बहता पानी

बहता पानी, शीतल, स्वच्छ, नदी की धारा, जीवन का रचयिता सच। यह बहता है, निरंतर बहता है, नया मार्ग खोजता, नए स्वप्न कहता है। इसके किनारे पेड़ों की छाया, पक्षियों की चहचहाहट, मधुर सी माया। बेहता पानी, जीवन का प्रतीक, सदैव गतिमान, कभी न रुके एक क्षण भी ठीक। इसके जल में छिपी कहानी, हर … Read more

निर्मल स्वच्छ विचार

निर्मल स्वच्छ विचार मन के, पावन बहती धारा, जीवन को ये करें पवित्र, हरियाली दें दोबारा। शुद्ध जल जैसे हों भाव ये, शांत, सरल, सुहाए, सुख-शांति के संग जीवन में, नव आशा जगाएं। आत्मा की ये करें शुद्धि, ऊर्जा भरै अपार, नई दिशा दें जीवन को, करें सृजन सत्कार। सिखलाएं ये जीवन रहस्य, प्रेम, करुणा, … Read more

नद़ी का तट

लगे कितना मनमोहक ये नद़ी का तट..! बैठू मैं जरा इत्मीनान से करू मैं बाते लतांत से  ये बहती हवाओं शीतल देने लगी हैं सुकून… ये नज़ारे,  ये  हरियालियाँ बुझाने लगी हैं पहेलियाँ आसमानो में छायी ये काली घटाँ बरसा रहीं हैं हल्की  सी वर्षा ये पेड़ की छाया देने लगी हैं मौन की माया…. … Read more

जीवन की राहों में चलते हुए

जीवन की राहों में चलते हुए, मिलते हैं नए अनुभव हर रोज़। खुशियों और दुखों के बीच, जीवन की राहें हमें सिखाती हैं। हर मोड़ पर एक नई कहानी, हर कदम पर एक नया सपना। उत्साह और उम्मीद के संग, हम बनाते हैं अपनी पहचान। जीवन की राहों में चलते हुए, हमें अपने लक्ष्यों को … Read more

एक फरिश्ता…

आये थे जिंदगी में मेरे लाये थें खुशियों के मेले लगे थे जीने जिंदगी दूर हुई थी सिरी बंदगी काँटो से भरा वह पल हुए थे मखमल समझने लगे थे खुद को खुशनसीब, जब आये थे आप करीब.. भूल गए थे सारे गम जब देखकर आपको हुई थी आँखे नम, फिर क्यों देदी ऐसी उदासी … Read more

बिहू आईं, बिहू आईं

बिहू आईं, बिहू आईं, रंगाली बिहू आईं रे खुशियाँ लाईं, उल्लास लाईं, रंगाली बिहू आईं रे।। कोयल करे कुहू-कुहू, हुचरी की मस्ती छाई रे, पेड़ों पर नई पत्तियाँ आईं, बगिया में फूल मुसकाई रे।। बिहू आईं, बिहू आईं, रंगाली बिहू आईं रे फागुन गया, वसंत संग बैसाखी भी आई रे। खेत-खलिहान झूम उठे, फसलें भी … Read more

नकली दोस्ती को पहचानो

चलो छोड़ो उनको, ओ साथी, मुश्किल है अब कुछ भी कहना। मित्र ने कहा था संग रहेंगे, सुख-दुख में सदा साथ बहेंगे। दोस्ती चलेगी उम्रभर, उसकी बातों पर था विश्वास प्रखर। पर अब वही पहचान से इनकार करे, क्या वो सच्चा दोस्त कहे? अब वैसी बात नहीं रही, जो पहले सी दोस्ती में थी। इसलिए … Read more