जंतर मंतर पर राष्ट्र विरोधियों की एकत्रित होती भीड़ आचार्य आनंद शास्त्री

खालिस्तान पाइंदाबाद का एक और घिनौना अवतार–  आज जंतर मंतर पर विगत २०१९ से जन आंदोलन के नामपर जिस प्रकार खालिस्तान और एक साम्प्रदायिक घटक द्वारा राष्ट्र-विरोधी तत्त्वों की भीड़ इकट्ठी की जा रही है, यह अत्यंत ही निन्दनीय तथा चिन्तित करनी वाली है, आप स्वयं ही देखें ! एन•आर•सी• के विरुद्ध अर्थात जे•एन•यू•में कुछेक … Read more

#Chargola_Exodus1921 एक अनकही दास्तान- राजदीप राय

भारतीय इतिहास में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध हुआ सबसे बड़ा श्रमिक आंदोलन, जिसमें ब्रिटिश हुकूमत द्वारा जलियांवाला बाग से भी बड़े नरसंहार को अंजाम दिया गया था मगर नियति की परिहास देखिए कि इतिहास के पन्नों में ना तो उस आंदोलन को जगह मिली और नाही उसके सूत्रधारों को। दरअसल औपनिवेशिक काल में बंधुआ मजदूरी … Read more

बाबू वीर कुँवर सिंह का राष्ट्रवादी नायकत्व

पावन त्याग और अतुलित बलिदान की यशोभूमि का नाम है  भारत वर्ष। शिशु अजय सिंह के बलिदान, साहिबजादा जोरावर सिंह व साहिबजादा फतेह सिंह का प्राणोत्सर्ग, शिशु ध्रुव के तप, शिशु प्रह्लाद की भक्ति, शिशु कृष्ण की बाललीला और वयोवृद्ध फौलादी बाबू वीर कुँवर सिंह की युद्धनीति तथा राष्ट्रवादी भावना का इतिहास में कोई सानी … Read more

रामायण भोग की नहीं त्याग की कथा हैं

रामायण” क्या है??  अगर कभी पढ़ो और समझो तो आंसुओ पे काबू रखना……. रामायण का एक छोटा सा वृतांत है, उसी से शायद कुछ समझा सकूँ… ? एक रात की बात हैं, माता कौशल्या जी को सोते में अपने महल की छत पर किसी के चलने की आहट सुनाई दी।  नींद खुल गई, पूछा कौन … Read more

शहीद मांगरी उरांव का अनकहा इतिहास और असहयोग आंदोलन

शोध सार : गाँधीजी के मार्गदर्शन से प्रारंभ असहयोग आंदोलन का गहरा प्रभाव समग्र देश के साथ-साथ पूर्वोत्तर के राज्य असम में भी पड़ा। सितंबर, 1920 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा आरंभ किए गए इस असहयोग आंदोलन की अवधि फरवरी, 1922 तक मानी जाती है। असहयोग आंदोलन के माध्यम से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास … Read more

जानिए कौन थे शहीद मंगल पांडेय

मंगल पांडे : आजादी की लड़ाई के अगदूत कहे जाने वाले मंगल पांडे का जन्म बलिया जिले के नगवा गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम दिवाकर पांडे एवं माता का नाम श्रीमती अभय रानी था। उनका जन्म एक सामान्य ब्राह्मण परिवार हुआ था। 1849 में तभी से वे ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की … Read more

जानिए कौन थे शहीद क्रांतिकारी मंगल पांडेय?

मंगल पांडे : आजादी की लड़ाई के अगदूत कहे जाने वाले मंगल पांडे का जन्म बलिया जिले के नगवा गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम दिवाकर पांडे एवं माता का नाम श्रीमती अभय रानी था। उनका जन्म एक सामान्य ब्राह्मण परिवार हुआ था। 1849 में तभी से वे ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की … Read more

जनसंवाद कला के जानकार थे गांधी : प्रो. भारद्वाज

गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर आईआईएमसी में विशेष व्याख्यान का आयोजन नई दिल्ली, 1 अक्टूबर। ”महात्मा गांधी जनता से संवाद की कला के सबसे बड़े जानकार थे। उनके हर आंदोलन की बुनियाद में अपनी बात को कह देने और सही व्यक्ति तक उसको पहुंचा देने की क्षमता की सबसे प्रमुख भूमिका थी। संवादहीनता को … Read more

द्वितीय विश्व युद्ध के समय दर्बी चाय बागान पर बॉम्बिंग

दर्बी चाय बागान में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जो बोम्बिंग हुवा था, उसमे अनेको जान-माल पालतू पशुओं का  क्षति हुवा था। कई बम आज भी दर्बी चाय बागान के तालाब, और दल दल जमीन के अंदर  निष्क्रिय अवस्था में है। हवाई जाहाज, उस बॉम्बिंग में हिस्सा लिया था। घूम घूम कर उस चाय बागान  … Read more

विभाजन की त्रासदी और लाखों हिंदुओं के नरसंहार से आहत थे नाथूराम गोडसे

नाथूराम गोडसे के नाम, और उनके एक काम, के अतिरिक्त लोग उन के बारे में कुछ नहीं जानते। एक लोकतांत्रिक देश में यह कुछ रहस्यमय बात है। रहस्य का आरंभ 8 नवंबर 1948 को ही हो गया था, जब गाँधीजी की हत्या के लिए चले मुकदमे में गोडसे द्वारा दिए गए बयान को प्रकाशित करने पर … Read more