6सितंबर पुण्य तिथि इतिहास पुरुष ठाकुर रामसिंह

ऐसा कहा जाता है कि शस्त्र या विष से तो एक-दो लोगों की ही हत्या की जा सकती है; पर यदि किसी देश के इतिहास को बिगाड़ दिया जाये, तो लगातार कई पीढ़ियाँ नष्ट हो जाती हैं। हमारे इतिहास के साथ दुर्भाग्य से ऐसा ही हुआ। रा.स्व.संघ के कार्यकर्ता इस भूल को सुधारने में लगे … Read more

भगवान शिव का नाम त्रिपुरारी कैसे पड़ा

प्राचीन समय में तारकासुर नाम का एक महाभयंकर दैत्य हुआ था। जिसका वध शिव पुत्र कार्तिकेय के द्वारा हुआ था. उस तारकासुर के तीन पुत्र थे. जिनका नाम तारकाक्ष, विद्युन्माली, कमलाक्ष था. वह तीनो अपने पिता की तरह शिव द्रोही नहीं थे. वह तीनो परम शिवभक्त थे. यद्यपि देवताओं ने कुमार कार्तिकेय का सहारा लेकर … Read more

स्वाधीनता संग्राम में नोनिया समाज की भूमिका

नोनिया समाज के लोगों ने वर्ष 1930 में महात्मा गांधी के नेतृत्व में अंग्रेजों के खिलाफ नमक सत्याग्रह आंदोलन में भाग लेकर न केवल लाखों की संख्या में अंग्रेजों के दमन का शिकार बने, बल्कि उनके पैतृक पेशा नमक बनाना भी बर्बाद हो गया। नोनिया समाज ने मिट्टी से नमक बनाकर नमक कानून तोड़ा था … Read more

3 सितंबर को होजाई में आयोजित नोनिया समाज के राष्ट्रीय अधिवेशन पर विशेष

नोनिया समाज का इतिहास कल्पना कीजिए की नमक की खोज नही हुई होती तो क्या होता। नमक ना सिर्फ आपके खाने का स्वाद बढ़ाता है बल्कि वह आपकी जिंदगी में खुशियों को घोलने की शक्ति रखता है। आपको स्वस्थ रखने, आपकी उन्नति और समृद्धि में नमक काफी सहायक होता है। काले नमक का टुकड़ा और … Read more

9 अगस्त/इतिहास स्मृति काकोरी कांड

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों द्वारा काकोरी कांड की घटना 9 अगस्त 1925 को हुए ब्रिटिश राज के खिलाफ युद्ध में हथियार खरीदने के लिए एक ट्रेन से ब्रिटिश सरकार के खजाने को लूटने की थी। हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के केवल दस सदस्यों ने इस घटना को अंजाम दिया था। शाहजहांपुर में राम प्रसाद बिस्मिल … Read more

आज़ादी के अमृत काल का अविस्मरणीय मोती !!!

1986 में दिसंबर के महीने में ऋषिकेश में एक खाई से एक अनाथ शव मिला जो पूरी तरह सड़ चुका था काफी पता करने पर पता चला कि वो एक महान देश भक्त बीनादास है,जो कलकत्ता विश्वविद्यालय की छात्रा थी ये वही बिनादास थी जिन्होंने बंगाल के गवर्नर जैक्सन पर गोली चलाई थी जो बहुत … Read more

कहां राजा भोज- कहां गंगू तेली यह कहावत क्यों बनी ?

बचपन से लेकर आज तक हजारों बार इस कहावत को सुना था कि “कहां राजा भोज- कहां गंगू तेली” आमतौर पर यह ही  पढ़ाया और बताया जाता था कि इस कहावत का अर्थ अमीर और गरीब के बीच तुलना करने के लिए है, पर भोपाल जाकर पता चला कि कहावत का दूर-दूर तक अमीरी- गरीबी … Read more

ज्ञानवापी मंदिर के बारे मे विस्तृत जानकारी…

पुराणों के अनुसार, ज्ञानवापी की उत्पत्ति तब हुई थी जब धरती पर गंगा नहीं थी और इंसान पानी के लिए बूंद-बूंद तरसता था तब भगवान शिव ने स्वयं अपने अभिषेक के लिए त्रिशूल चलाकर जल निकाला..यही पर भगवान शिव ने माता पार्वती को ज्ञान दिया। इसीलिए, इसका नाम ज्ञानवापी पड़ा और जहां से जल निकला … Read more

प्रकांड विद्वान, महान संत जगदगुरू रामभद्राचार्य जी महाराज, एक अद्भुत व्यक्तित्व

महाराज जी का यह छायाचित्र सन – 1983 का है ये हैं “सनातन धर्म” के रक्षक ‘जगतगुरु स्वामी  रामभद्राचार्य महाराज’ जी! “एक बालक जिसने 3 साल की उम्र में अपनी पहली कविता लिख दी। एक बालक जिसने 5 साल की उम्र में पूरी श्रीमदभगवत गीता के 700 श्लोक विद चैप्टर और श्लोक नंबर के साथ … Read more

इतिहास के पन्नों में 26 जुलाईः आओ मनाएं करगिल विजय दिवस

देश-दुनिया के इतिहास में 26 जुलाई की तारीख तमाम अहम वजह से दर्ज है। यह तारीख हर भारतीय के लिए बेहद खास है। 26 जुलाई 1999 को ही भारतीय सेना ने अदम्य साहस और शौर्य का परिचय देते हुए पाकिस्तान कारगिल की लड़ाई में हराया था। यह युद्ध करीब 84 दिन चला था। कारगिल विजय … Read more