मुल्क चलो आंदोलन 1921 के वीर शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि

अंग्रेजी शासन का एक इतिहास आज सुनाता हूं। अमर शहीदों की बलिदानी गाथा पंचो गाता हूं। नयन नयन में आंसू था तब, भूखे पेट गरीबों की गिरमिट के बंधन में जकड़े अंग्रेजी हुकूमत की। आश नहीं कोई बास नहीं था चाय बागान मजदूरों की। देव शरण त्रिपाठी का मजबूत विशाल ललकारा था  घर वापस अब … Read more

भारत भाग्य विधाता मंगल पाण्डेय जी हेतु श्रद्धा सुमन – आचार्य आनंद शास्त्री

हम सभी ने हमारे सम्माननीय श्री जवाहर लाल राय जी की अध्यक्षता में हमारे पथ-पाथेय दिलीप जी के अनवरत सहयोग से मंगल पाण्डेय चौक पर स्वतंत्रता-संग्राम के प्रथम बलिदानी युग-पुरूष शहीद मंगल पाण्डेय जी की भव्य मूर्ति स्थापित करने की प्रतिज्ञा की थी, एवं इसी संकल्प के अंतर्गत भगवान आशुतोष की असीम कृपा से रूद्र … Read more

जंतर मंतर पर राष्ट्र विरोधियों की एकत्रित होती भीड़ आचार्य आनंद शास्त्री

खालिस्तान पाइंदाबाद का एक और घिनौना अवतार–  आज जंतर मंतर पर विगत २०१९ से जन आंदोलन के नामपर जिस प्रकार खालिस्तान और एक साम्प्रदायिक घटक द्वारा राष्ट्र-विरोधी तत्त्वों की भीड़ इकट्ठी की जा रही है, यह अत्यंत ही निन्दनीय तथा चिन्तित करनी वाली है, आप स्वयं ही देखें ! एन•आर•सी• के विरुद्ध अर्थात जे•एन•यू•में कुछेक … Read more

#Chargola_Exodus1921 एक अनकही दास्तान- राजदीप राय

भारतीय इतिहास में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध हुआ सबसे बड़ा श्रमिक आंदोलन, जिसमें ब्रिटिश हुकूमत द्वारा जलियांवाला बाग से भी बड़े नरसंहार को अंजाम दिया गया था मगर नियति की परिहास देखिए कि इतिहास के पन्नों में ना तो उस आंदोलन को जगह मिली और नाही उसके सूत्रधारों को। दरअसल औपनिवेशिक काल में बंधुआ मजदूरी … Read more

बाबू वीर कुँवर सिंह का राष्ट्रवादी नायकत्व

पावन त्याग और अतुलित बलिदान की यशोभूमि का नाम है  भारत वर्ष। शिशु अजय सिंह के बलिदान, साहिबजादा जोरावर सिंह व साहिबजादा फतेह सिंह का प्राणोत्सर्ग, शिशु ध्रुव के तप, शिशु प्रह्लाद की भक्ति, शिशु कृष्ण की बाललीला और वयोवृद्ध फौलादी बाबू वीर कुँवर सिंह की युद्धनीति तथा राष्ट्रवादी भावना का इतिहास में कोई सानी … Read more

रामायण भोग की नहीं त्याग की कथा हैं

रामायण” क्या है??  अगर कभी पढ़ो और समझो तो आंसुओ पे काबू रखना……. रामायण का एक छोटा सा वृतांत है, उसी से शायद कुछ समझा सकूँ… ? एक रात की बात हैं, माता कौशल्या जी को सोते में अपने महल की छत पर किसी के चलने की आहट सुनाई दी।  नींद खुल गई, पूछा कौन … Read more

शहीद मांगरी उरांव का अनकहा इतिहास और असहयोग आंदोलन

शोध सार : गाँधीजी के मार्गदर्शन से प्रारंभ असहयोग आंदोलन का गहरा प्रभाव समग्र देश के साथ-साथ पूर्वोत्तर के राज्य असम में भी पड़ा। सितंबर, 1920 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा आरंभ किए गए इस असहयोग आंदोलन की अवधि फरवरी, 1922 तक मानी जाती है। असहयोग आंदोलन के माध्यम से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास … Read more

जानिए कौन थे शहीद मंगल पांडेय

मंगल पांडे : आजादी की लड़ाई के अगदूत कहे जाने वाले मंगल पांडे का जन्म बलिया जिले के नगवा गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम दिवाकर पांडे एवं माता का नाम श्रीमती अभय रानी था। उनका जन्म एक सामान्य ब्राह्मण परिवार हुआ था। 1849 में तभी से वे ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की … Read more

जानिए कौन थे शहीद क्रांतिकारी मंगल पांडेय?

मंगल पांडे : आजादी की लड़ाई के अगदूत कहे जाने वाले मंगल पांडे का जन्म बलिया जिले के नगवा गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम दिवाकर पांडे एवं माता का नाम श्रीमती अभय रानी था। उनका जन्म एक सामान्य ब्राह्मण परिवार हुआ था। 1849 में तभी से वे ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की … Read more

जनसंवाद कला के जानकार थे गांधी : प्रो. भारद्वाज

गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर आईआईएमसी में विशेष व्याख्यान का आयोजन नई दिल्ली, 1 अक्टूबर। ”महात्मा गांधी जनता से संवाद की कला के सबसे बड़े जानकार थे। उनके हर आंदोलन की बुनियाद में अपनी बात को कह देने और सही व्यक्ति तक उसको पहुंचा देने की क्षमता की सबसे प्रमुख भूमिका थी। संवादहीनता को … Read more