24 अप्रैल/पुनर्जीवन-दिवस हिन्दुस्थान समाचार का पुनर्जीवन और वेबसाइट निर्माण

स्वाधीनता प्राप्ति के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मीडिया जगत में भी प्रवेश किया। इसके अन्तर्गत राष्ट्रधर्म मासिक, पांचजन्य तथा आर्गनाइजर साप्ताहिक जैसे पत्र शुरू हुए। समाचार संकलन तथा उन्हें देश भर में भेजने के लिए ‘हिन्दुस्थान समाचार’ नामक समाचार एजेंसी की स्थापना भी की गयी। कुछ ही समय में उसने देश की प्रमुख चार … Read more

25 अप्रैल/इतिहास-स्मृति पचपदरा का नमक आंदोलन

गांधी जी द्वारा 1930 में किया गया नमक सत्याग्रह बहुत प्रसिद्ध है; पर इसका आधार 1926 में हुआ पचपदरा (राजस्थान) का नमक आंदोलन था। भारत में समुद्र के किनारे अनेक स्थानों पर नमक बनता है। सौ वर्ष पूर्व तक मारवाड़ में 90 स्थानों पर नमक बनता था। सम्पूर्ण उत्तर भारत में राजस्थान का नमक ही … Read more

23 अप्रैल/जन्म-दिवस विद्वत्ता की प्रतिमूर्ति पण्डिता रमाबाई

रमाबाई का जन्म 23 अप्रैल, 1858 को ग्राम गंगामूल (जिला मंगलोर, कर्नाटक) में हुआ था। उस समय वहाँ लड़कियांे की उच्च शिक्षा को ठीक नहीं माना जाता था। बाल एवं अनमेल विवाह प्रचलित थे। रमा के विधुर पिता का नौ वर्षीय बालिका से पुनर्विवाह हुआ। उससे ही एक पुत्र एवं दो पुत्रियाँ हुईं। रमा के … Read more

22 अप्रैल/पुण्य-तिथि क्रान्ति और सेवा के राही योगेश चन्द्र चटर्जी

क्रान्तिवीर योगेश चन्द्र चटर्जी का जीवन देश को विदेशी दासता से मुक्त कराने की गौरवमय गाथा है। उनका जन्म अखंड भारत के ढाका जिले के ग्राम गोकाडिया, थाना लोहागंज में तथा लालन-पालन और शिक्षा कोमिल्ला में हुई। 1905 में बंग-भंग से जो आन्दोलन शुरू हुआ, योगेश दा उसमें जुड़ गये। पुलिन दा ने जब ‘अनुशीलन … Read more

गणपतराय का बलिदान

गणपतराय का जन्म 17 जनवरी, 1808 को ग्राम भौरो (जिला लोहरदगा, झारखंड) में एक सम्पन्न परिवार में हुआ था। इनके पिता श्री किसनराय तथा माता श्रीमती सुमित्रादेवी थीं। बचपन से ही वनों में घूमना, घुड़सवारी, आखेट आदि उनकी रुचि के विषय थे। इस कारण उनके मित्र उन्हें ‘सेनापति’ कहते थे। बचपन से ही इनका मन … Read more

19 अप्रैल/बलिदान-दिवस युवा बलिदानी अनन्त कान्हेरे

भारत माँ की कोख कभी सपूतों से खाली नहीं रही। ऐसा ही एक सपूत थे अनन्त लक्ष्मण कान्हेरे, जिन्होंने देश की स्वतन्त्रता के लिए केवल 19 साल की युवावस्था में ही फाँसी के फन्दे को चूम लिया। महाराष्ट्र के नासिक नगर में उन दिनों जैक्सन नामक अंग्रेज जिलाधीश कार्यरत था। उसने मराठी और संस्कृत सीखकर … Read more

18 अप्रैल/बलिदान-दिवस अमर बलिदानी दामोदर हरि चाफेकर

दामोदर हरि चाफेकर उस बलिदानी परिवार के अग्रज थे, जिसके तीनों पुष्पों ने स्वयं को भारत माँ की अस्मिता की रक्षा के लिए बलिदान कर दिया। उनका जन्म 25 जून, 1869 को पुणे में प्रख्यात कथावाचक श्री हरि विनायक पन्त के घर में हुआ था। दामोदर के बाद 1873 में बालकृष्ण और 1879 में वासुदेव … Read more

इतिहास के पन्नों में 17 अप्रैलः विश्व हीमोफीलिया दिवस

विश्व हीमोफीलिया दिवस 17 अप्रैल को मनाया जाता है। इस दिन को हीमोफीलिया के बारे में जागरुकता बढ़ाने के तौर पर जाना जाता है। वर्ष 1989 को विश्व हीमोफीलिया महासंघ द्वारा फ्रैंक श्रेबेल के जन्मदिन की स्मृति में यह दिवस मनाने की घोषणा की गई, जो कि हीमोफीलिया महासंघ के संस्थापक थे। हीमोफीलिया एक दुर्लभ … Read more

इतिहास स्मृति खालसा पंथ की स्थापना

गुरु तेग बहादुर जी की औरंगजेब द्वारा हत्या के बाद, उनके पुत्र श्री गुरु गोबिंद सिंह सिखों के दसवें और अंतिम गुरु बने। गुरु गोबिंद सिंह जी ने 1699 में बैसाखी के दिन खालसा पंथ की स्थापना की और सिखों को ‘सिंह’ मतलब ‘शेर’ का नाम दिया था। खालसा के यदि शाब्दिक अर्थ की बात … Read more

12 अप्रैल/जन्म-दिवस कुशल संगठक सुन्दर सिंह भण्डारी

श्री सुन्दर सिंह भंडारी का जन्म 12 अप्रैल, 1921 को उदयपुर (राजस्थान) में प्रसिद्ध चिकित्सक डा. सुजानसिंह के घर में हुआ था। 1937-38 में कानपुर में बी.ए. करते समय वे अपने सहपाठी दीनदयाल उपाध्याय के साथ नवाबगंज शाखा पर जाने लगे। भाऊराव देवरस से भी इनकी घनिष्ठता थी। 1940 में नागपुर से प्रथम वर्ष का … Read more