राणा सांगा (80 घाव लगे थे तन पर, फिर भी व्यथा नही थी मन पर)

महाराणा संग्रामसिंह ऊर्फ राणा सांगा का जन्म12अप्रैल 1482 को मेवाड़ के चित्तौड़ में हुआ था। राणा सांगा सिसोदिया राजवंश के सूर्यवंशी शासक थे। यह पहली बार ऐसा था जबकि उन्होंने विदेशी आक्रमणकारियों के खिलाफ सभी राजपूतों को एकजुट कर लिया था। उन्होंने दिल्ली, गुजरात, मालवा के मुगल बादशाहों के आक्रमणों से अपने राज्य कि बहादुरी … Read more

महर्षि दयानंद एवं आर्य समाज

भारत में एक समय वह भी था, जब लोग कर्मकाण्ड को ही हिन्दू धर्म का पर्याय मानने लगे थे। वे धर्म के सही अर्थ से दूर हट गये थे। इसका लाभ उठाकर मिशनरी संस्थाएँ हिन्दुओं के धर्मान्तरण में सक्रिय हो गयीं। भारत पर अनाधिकृत कब्जा किये अंग्रेज उन्हें पूरा सहयोग दे रहे थे। यह देखकर … Read more

11 अप्रैल/जन्म-दिवस समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले

महात्मा ज्योतिबा फुले का जन्म 11 अप्रैल, 1827 को पुणे (महाराष्ट्र) में हुआ था। इनके पिता श्री गोविन्दराव फूलों की खेती से जीवनयापन करते थे। इस कारण इनका परिवार फुले कहलाता था। महाराष्ट्र में उन दिनों छुआछूत की बीमारी चरम पर थी। अछूत जाति के लोगों को अपने चलने से अपवित्र हुई सड़क की सफाई … Read more

भगवान महावीर: अहिंसा, अनेकांत और अपरिग्रह के युगपुरुष – डॉ. रणजीत कुमार तिवारी

डॉ. रणजीत कुमार तिवारी सहाचार्य एवं विभागाध्यक्ष, सर्वदर्शन विभाग कुमार भास्कर वर्मा संस्कृत एवं पुरातनाध्ययन विश्वविद्यालय, नलबाड़ी, असम भूमिका भारतीय अध्यात्म परंपरा में कुछ महापुरुष ऐसे हुए हैं जिन्होंने केवल आत्मकल्याण ही नहीं किया, अपितु समस्त मानवता को नैतिकता, सहिष्णुता एवं करुणा का पाथेय प्रदान किया। भगवान महावीर ऐसे ही युगपुरुष थे, जिन्होंने न केवल … Read more

8 अप्रैल/इतिहास स्मृति भगतसिंह एवं बटुकेश्वर दत्त ने असेम्बली मे बम्ब फेंका

बात 8 अप्रैल 1929 की है। दिल्ली की सेंट्रल असेंबली में वायसराय ‘पब्लिक सेफ्टी बिल’ पेश कर रहे थे। इसके बाद ये बिल कानून बनना था। दर्शक दीर्घा खचाखच भरी थी। जैसे ही बिल पेश किया गया, सदन में एक जोरदार धमाका हुआ। दो लोगों ने इंकलाब जिंदाबाद का नारा लगते हुए सदन के बीच … Read more

8 अप्रैल/बलिदान-दिवस मंगल पाण्डे का बलिदान

अंग्रेजी शासन के विरुद्ध चले लम्बे संग्राम का बिगुल बजाने वाले पहले क्रान्तिवीर मंगल पांडे का जन्म 30 जनवरी, 1831 को ग्राम नगवा (बलिया, उत्तर प्रदेश) में हुआ था। कुछ लोग इनका जन्म ग्राम सहरपुर (जिला साकेत, उ0प्र0) तथा जन्मतिथि 19 जुलाई, 1927 भी मानते हैं। युवावस्था में ही वे सेना में भर्ती हो गये … Read more

इतिहास के पन्नों में 02 अप्रैलः विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस

विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस दुनियाभर में प्रत्येक वर्ष 2 अप्रैल को मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2007 में 2 अप्रैल को विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस घोषित किया था। इस दिन उन बच्‍चों और बड़ों के जीवन में सुधार के कदम उठाए जाते हैं, जो ऑटिज़्म ग्रस्‍त होते हैं और उन्‍हें सार्थक जीवन … Read more

31 मार्च/जन्म-दिवस शिक्षाप्रेमी जयगोपाल गाडोदिया

अभाव और कठिनाइयों में अपने जीवन का प्रारम्भ करने वाले जयगोपाल गाडोदिया का जन्म 31 मार्च, 1931 को सुजानगढ़ (जिला चुरू, राजस्थान) में हुआ था। गरीबी के कारण उन्हें विद्यालय में पढ़ने का अवसर नहीं मिला। इतना ही नहीं, तो प्रायः उन्हें दोनों समय पेट भर भोजन भी नहीं मिलता था। इन अभावों से उनके … Read more

31 मार्च/पुण्य-तिथि संघनिष्ठ नानासाहब भागवत

श्री नारायण पांडुरंग (नानासाहब) भागवत मूलतः महाराष्ट्र में चंद्रपुर जिले के वीरमाल गांव के निवासी थे। वहां पर ही उनका जन्म 1884 में हुआ था। घर की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण वे अपने मामा जी के घर नागपुर काटोल पढ़ने आ गये। आगे चलकर उन्होंने प्रयाग (उ.प्र.) से कानून की परीक्षा उत्तीर्ण … Read more

30 मार्च/जन्म-दिवस आदर्श कार्यकर्ता अप्पा जी जोशी

एक बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डा. हेडगेवार ने कार्यकर्ता बैठक में कहा कि क्या केवल संघकार्य किसी के जीवन का ध्येय नहीं बन सकता ? यह सुनकर हरिकृष्ण जोशी ने उन 56 संस्थाओं से त्यागपत्र दे दिया, जिनसे वे सम्बद्ध थे। यही बाद में ‘अप्पा जी’ के नाम से प्रसिद्ध हुए। 30 मार्च, … Read more