जलेबी का आयुर्वेदिक उपयोग

जलेबी सिर्फ मिठाई नहीं आयुर्वेदिक दवाई भी है ये एक राजशाही पकवान है जिसे दूध दही या रबड़ी से खाया जाता है। जलेबी का आयुर्वेदिक उपयोग : जलेबी एक भारतीय व्यंजन है जो की जलोदर नामक बीमारी का इलाज में प्रयोग किया जाता था। शुगर बीमारी को नियंत्रित करने के लिए जलेबी को दही से … Read more

5 मई/जन्म-दिवस सेवा के धाम विष्णु कुमार जी

सेवा पथ के साधक श्री विष्णु जी का जन्म कर्नाटक में बंगलौर के पास अक्कीरामपुर नगर में पांच मई, 1933 को हुआ। छह भाई और एक बहिन वाले परिवार में वे सबसे छोटे थे। घर में सेवा व अध्यात्म का वातावरण होने के कारण छह में से दो भाई संघ के प्रचारक बने, जबकि दो … Read more

3 मई / बलिदान दिवस अमर शहीद वीर केसरी चन्द

वीर केसरी चन्द एक ऐसा नाम है, जिन्होंने देश के लिए अपनी जान की आहुति दी। उनकी शौर्यगाथा देशवासियों के बीच गौरवपूर्ण है। उन्हें अमर शहीद का दर्जा दिया गया है । अमर हुतात्मा वीर केसरीचन्द का जन्म 1 नवम्बर सन 1920 को देवभूमि उत्तराखण्ड के ग्राम क्यावा, जौनसार बावर में पण्डित शिवदत्त के घर … Read more

2 मई/जन्म-दिवस पुरातत्ववेत्ता प्रोफेसर ब्रजबासी लाल

श्रीराम मंदिर आंदोलन के समय जनांदोलन और भारतीय संसद के साथ ही एक मोरचा न्यायालय में भी खुला था, जहां यह बहस होती थी कि राम हुए भी हैं या नहीं; उनका जन्मस्थान क्या अयोध्या और अयोध्या में भी वही स्थान है, जिसके लिए आंदोलन हो रहा है। वहां पर पहले मंदिर था, इसका क्या … Read more

2 मई/पुण्य-तिथि आधुनिक विश्वकर्मा बड़े भाई रामनरेश सिंह

‘भारतीय मजदूर संघ’ के प्राणाधार श्री रामनरेश सिंह का जन्म 1925 ई. की दीपावली के शुभ दिन ग्राम बघई (मिर्जापुर, उ.प्र.) में एक सामान्य किसान श्री दलथम्मन सिंह के घर में हुआ था। 1942 में हाईस्कूल कर चुनार तहसील में नकल नवीस के नाते उनकी नौकरी लग गयी। जब वहां सायं शाखा प्रारम्भ हुई, तो … Read more

1 मई/बलिदान दिवस प्रफुल्ल चाकी

प्रफुल्ल का जन्म 10 दिसम्बर 1888 को उत्तरी बंगाल के बोगरा जिला (अब बांग्लादेश में स्थित) के बिहारी गाँव में हुआ था। जब प्रफुल्ल दो वर्ष के थे तभी उनके पिता जी का निधन हो गया। उनकी माता ने अत्यन्त कठिनाई से प्रफुल्ल का पालन-पोषण किया। विद्यार्थी जीवन में ही प्रफुल्ल का परिचय स्वामी महेश्वरानन्द … Read more

29 अप्रैल/जन्मदिवस दानवीर भामाशाह

दानवीर भामाशाह का जन्म राजस्थान के मेवाड़ राज्य में 29 अप्रैल, 1547 को हुआ था। इनके पिता भारमल थे, जिन्हें राणा साँगा ने रणथम्भौर के क़िले का क़िलेदार नियुक्त किया था। भामाशाह बाल्यकाल से ही मेवाड़ के राजा महाराणा प्रताप के मित्र, सहयोगी और विश्वासपात्र सलाहकार रहे थे। अपरिग्रह को जीवन का मूलमंत्र मानकर संग्रहण … Read more

28 अप्रैल/बलिदान-दिवस क्रान्ति पुरोधा जोधासिंह अटैया

भारत की स्वतन्त्रता का पावन उद्देश्य और अदम्य उत्साह 1857 की महान क्रान्ति का प्रमुख कारण ही नहीं, आत्माहुति का प्रथम आह्नान भी था। देश के हर क्षेत्र से हर वर्ग और आयु के वीरों और वीरांगनाओं ने इस आह्वान को स्वीकार किया और अपने रक्त से भारत माँ का तर्पण किया। उस मालिका के … Read more

27 अप्रैल/जन्मदिन पद्मश्री डॉ मनीभाई देसाई

मनीभाई देसाई का जन्म 27 अप्रैल 1920 को सूरत, गुजरात के गाँव कोस्मादा में हुआ था। उनकी माँ रानी बहन देसाई तथा पिता भीमभाई फ़कीर भाई देसाई जो  आसपास के 10-15 गाँवों के प्रतिष्ठित किसान थे। मनीभाई की स्कूली शिक्षा 1927 में उन्हीं के गाँव के स्कूल में शुरू हुई। उसी वर्ष उनके पिता का … Read more

27 अप्रैल/इतिहास-स्मृति कांगला दुर्ग का पतन

1857 के स्वाधीनता संग्राम में सफलता के बाद अंग्रेजों ने ऐसे क्षेत्रों को भी अपने अधीन करने का प्रयास किया, जो उनके कब्जे में नहीं थे। पूर्वोत्तर भारत में मणिपुर एक ऐसा ही क्षेत्र था। स्वाधीनता प्रेमी वीर टिकेन्द्रजीत सिंह वहां के युवराज तथा सेनापति थे। उन्हें ‘मणिपुर का शेर’ भी कहते हैं। उनका जन्म … Read more