अकबर था पहला लव जिहादी….

“लव-जिहाद” के विरुद्ध उत्तराखंड में आयोजित होने वाली हिन्दू समाज की-“महा पंचायत” को रोकने हेतु ५० पूर्व राजकीय अधिकारियों ने सर्वोच्य न्यायालय में बिलकुल उसी प्रकार याचिका दी जिस प्रकार इन बुद्धिजीवियों(?) ने अफजल गुरू की फांसी रुकवाने हेतु अर्ध-रात्रि में सर्वोच्य न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था और वे तथाकथित न्यायाधीश लोग जाग भी गये … Read more

जलवायु परिवर्तन की गंभीरता को समझिए

-डॉ आशीष वशिष्ठ पृथ्वी का अध्ययन करने वाले वैज्ञानिक बताते हैं कि पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। पृथ्वी का तापमान बीते 100 वर्षों में 1 डिग्री फारेनहाइट तक बढ़ गया है। पृथ्वी के तापमान में यह परिवर्तन संख्या की दृष्टि से काफी कम हो सकता है, परंतु इस प्रकार के किसी भी … Read more

” विश्व पर्यावरण दिवस ” ( आओ मनाएं हर दिन ” पर्यावरण दिवस ” )

जैसा कि हम सब जानते हैं विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को मनाया जाता है। एक दिन ऐसा होना भी चाहिए कि हम सब हमारे अपने पर्यावरण की चिंता करें , पर्यावरण की सुरक्षा करें, बहुत सारे पेड़ लगाए …. और हम सब करते भी हैं। पेड़ लगाकर हम अपने पर्यावरण को  हरा … Read more

राष्ट्र-चिंतन 2024 में मोदी को वीरगति मिलेगी ? आचार्य विष्णु हरि सरस्वती

मैंने चार महीनें का समय लगाया और पूरे देश की राजनीतिक स्थिति तथा जनता के मन-मिजाज का अध्ययण किया। मेरी कसौटी पर देशभक्ति थी और जिहाद था तथा आत्म जनता की निजी व स्थानीय आंकाक्षाएं भी थी, नये वोटिंग समूह की सोच भी थी। कहीं न कहीं विरोध की भावनाएं निहित थी। विरोध की भावनाएं … Read more

अंतर्राष्ट्रीय तंबाकू विरोधी दिवस पर विशेष प्रस्तुति–

प्रिय मित्रों ! अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विकसित,विकासशील एवं पिछडे तीनों ही वर्ग के देशों में अपने दुष्परिणाम के कारण- “मीठे जहर”के नाम से कुख्यात -“तम्बाकू”भयानक सर-दर्द बनता जा रहा है, आज विश्व की लगभग २५%जनसंख्या किसी न किसी रूप में इस दुर्व्यसन की अनचाही शिकार बनती जा रही है। कोरोना काल में इसके सेवनकर्ताओं को … Read more

अंतर्राष्ट्रीय तंबाकू विरोधी दिवस पर विशेष प्रस्तुति–

प्रिय मित्रों ! अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विकसित,विकासशील एवं पिछडे तीनों ही वर्ग के देशों में अपने दुष्परिणाम के कारण- “मीठे जहर”के नाम से कुख्यात -“तम्बाकू”भयानक सर-दर्द बनता जा रहा है, आज विश्व की लगभग २५%जनसंख्या किसी न किसी रूप में इस दुर्व्यसन की अनचाही शिकार बनती जा रही है। कोरोना काल में इसके सेवनकर्ताओं को … Read more

सेग्नोर स्थापना के निहितार्थ—

विरोध और शत्रुता में अंतर होता है ! अत्यंत सूक्ष्म अंतर होता है ! यह विरोध अचानक कब विरोध की सीमा रेखा का उल्लंघन कर शत्रुता की हद को पार कर हिंसक हो जाता है,वैधानिकता को भुलाकर अमानवीय हो जाता है इसका आभास ही नहीं होता। दुर्भाग्य है आर्यावर्त के इस भू-भाग का कि विरोध … Read more

नव-निर्मित संविधान-मन्दिर का बहिष्कार– 

प्रिय मित्रों ! दिल्ली में गौ हत्या प्रतिबंधित करने हेतु महात्माओं द्वारा किये जा रहे शांति पूर्ण प्रदर्शन पर गोलियां चलवाकर सैकडों की संख्या में निरीह हिन्दुओं की हत्या करने वाली कांग्रेस को लोकतंत्र की याद क्यूँ नहीं आयी ? आपातकाल में अपने द्वारा समूचे भारत वर्ष पर हुवे अमानवीय अत्याचार और लोकतंत्र के मूल्यों … Read more

चरगोला काण्ड के बलिदानियों के नाम–

यह क्रूर आततायियों द्वारा सनातन संस्कृति के जन-सामान्य की नियति है कि हमारी एकता के अभाव में मुट्ठी भर आक्रांताओं की संगीनों के साये में “चरगोला एक्सोडस” जैसे इतिहास के पन्नों से जानबूझकर फाड दिये गये मार्मिक काण्ड की स्मृति में आज हमारी पीढी मूक श्रद्धांजलि देने को अभिशप्त है। हाँ ! हमें कुछ उपाधियाँ … Read more

‘मुल्क चलो’ आंदोलन :  सुरमा-बराक घाटी में चाय श्रमिकों पर घटित जलियां वाला बाग जैसी घटना

‘मुल्क चलो’ आंदोलन :  सुरमा-बराक घाटी में चाय श्रमिकों पर घटित जलियां वाला बाग जैसी घटना   डॉ सुजीत तिवारी भारतीयता को अपने जीवन का अभिन्न अंग करके जीनेवाले चाय बागान के श्रमिकों के साथ सालों से घटित होता आया अत्याचार , शोषण और मानव अधिकार हनन के विरुद्ध असम प्रदेश के सूरमा बराक घाटी में … Read more