नारी ने तुझको जन्मा है, नारी की गोद में तू पलता है।

प्रत्येक वर्ष 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस( इंटरनेशनल डे आफ द गर्ल चाइल्ड) के रूप में मनाया जाता है। यह बात किसी से छिपी नहीं है कि बालिकाएं किसी भी समाज के कल्याण, विकास में अहम भूमिका निभाती हैं। मिशेल ओबामा ने कहा है कि ‘जब लड़कियाँ शिक्षित होती हैं, तो उनका देश अधिक … Read more

इजरायल को आत्मरक्षा का अधिकार है आचार्य विष्णु हरि

हमास का दमन जरूरी है। हमास जैसे हिंसक आतंकवादी संगठन को दुनिया के लिए त्रासदी नहीं बनने देना चाहिए। हमास को शांति के पाठ पढाने के लिए दुनिया के नियामकों की संहिताएं सक्रिय होनी चाहिए। हिंसा कर मुस्लिम आबादी के बीच छिप जाने की मानसिकता पर भी चोट होनी चाहिए। आतंकवादियों को संरक्षण देने वाली … Read more

स्त्री ही शक्ति है समाज की और प्रेरणा आपकी— “चन्दन है इस देश की माटी,तपोभूमि हर ग्राम है। हर बाला देवी की प्रतिमा,बच्चा बच्चा राम है॥” आनंद शास्त्री

भारत के किसी प्रतिभाशाली व्यक्तित्व द्वारा रचित उपरोक्त्त पञ्क्तियाँ आज भारत के भविष्य का पथ प्रदर्शक बननी दिखतीं हैं ! मित्रों ! गार्गी,विशाखा,शची,मधुरिमा,का देश,नवदुर्गा,राधिका सीता,सुलोचना,अहिल्या,शबरी की जन्मभूमि भारत ! सरस्वती, माधवी, शाकम्भरी,वैष्णवी,तारा,धूमावती की यह पावन वसुंधरा, द्रौपदी,कुन्ती,मन्दोदरी,जान्हवी,कौशल्या,शकुन्तला,देवकी,यशोदा की जन्म स्थली आज एक ऐसा इतिहास लिखने को तत्पर है जिससे उसे मध्ययुगीन भारत से लेकर आजतक … Read more

सिंहासन हिल जायेंगें भारतमाता ने भृकुटी तानी है…. आनंद शास्त्री

मित्रों ! सदियाँ व्यतीत हो गयीं कोरे आश्वासनों के बल पर ! वास्तविक रूप से महापुरुषों की गंभीरता से ! साधु पुरूषों के प्रयत्नों से ! वैदिकीय संस्कृति एवं महर्षियों के पुण्य प्रयास से-“अभी भी हिन्दी हिन्दू और हिन्दुस्थान” जीवित है ! हमारे दृढ विश्वास ने,पूर्वजों के बलिदान ने,राजाओं से लेकर राजनैतिक दलों के प्रयास … Read more

क्यों मनाते हैं जीवित्पुत्रिका या जिउतिया का व्रत – डॉ. बी.के. मल्लिक

जीवित्पुत्रिका व्रत को जितिया या जिउतिया के नाम से भी जाना जाता है। इस व्रत को मुख्य रूप से विवाहित महिलाएं अपने संतान की लंबी उम्र और अच्छी जिंदगी के लिए रखती हैं। हर साल आश्विन मास के कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि को जीवित्पुत्रिका का व्रत रखा जाता है। जिउतिया व्रत तीन दिनों का त्यौहार … Read more

आओ मुस्कुराहट के अंकुर को हंसी का पौधा बनाएं (दिवस विशेष)

साहिर लुधियानवी जी ने मुस्कुराहट पर एक बार यह लिखा था कि -‘धड़कने लगे दिल के तारों की दुनिया जो तुम मुस्कुरा दो। संवर जाये हम बेकरारों की दुनिया जो तुम मुस्कुरा दो।।’ मतलब यह कि मुस्कुराहट वह नेमत्त है जो व्यक्ति का जीवन संवार सकती है। हमारे जीवन को बेहतर से बेहतरीन बना सकती … Read more

सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ समाज विकास के लिए बौधिक आवश्यक

मनुष्य का व्यक्तित्व एवं व्यक्तव्य से ही पता चल जाता है कि वो कितना विद्वान एवं अनुभवी व्यक्ति हैं इसके लिए दिनचर्या से सादगी मृदुल व्यवहार समदर्शिता इमानदारी एवं सदैव, जनहित की भावना प्रलक्षित होनी चाहिए। इसके लिए मन में सपष्टता सकारात्मक सोच परहित के लिए कुछ करने का जज्बा होना चाहिए। यह सत्य है … Read more

पितृसूक्त मंत्र~तृतीय भाग तृतीय अंक सात आनंद शास्त्री

प्रिय मित्रों ! अपने पितृ-गणों को समर्पित करता हुवा यह श्रृंखला ! अपने पूर्वजों के चरणों में इसकी तृतीय ऋचा का तृतीय अंक मैं प्रस्तुत करता हूँ- “आहं पितृन् त्सुविदत्रां अवित्सि नपातं च विक्रमणं च विष्णोः। बहिर्षदो ये स्धया सुतस्य भजन्त पित्वस्त इहागमिष्ठाः॥” ऋषि कहते हैं कि-उत्तम ज्ञान से युक्त पितरों को तथा अपानपात् और … Read more

गांधी विनम्रता और सेवा का एक उदाहरण – डॉ सौरभ वर्मा

नराकास सदस्य सचिव शिलचर हिंदी प्रभारी, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान शिलचर 2 अक्टूबर सिर्फ कैलेंडर की तारीख नहीं है; यह एक सच्चे दूरदर्शी के जीवन और विरासत को याद करने और जश्न मनाने का दिन है। इस दिन भारत, राष्ट्रपिता मोहन दास करमचंद गांधी की जयंती मनाता है और गांधीजी द्वारा जीवन भर प्रचारित अहिंसा की … Read more

पितृ-सूक्त मंत्र-तृतीय भाग एक अंक पांच

प्रिय मित्रों ! अपने पितृ-गणों को समर्पित करता हुवा यह श्रृंखला ! अपने पूर्वजों के चरणों में इसकी तृतीय ऋचा के प्रथम अंक  को मैं प्रस्तुत करता हूँ- “आहं पितृन् त्सुविदत्रां अवित्सि नपातं च विक्रमणं च विष्णोः। बहिर्षदो ये स्धया सुतस्य भजन्त पित्वस्त इहागमिष्ठाः॥ ऋषि कहते हैं कि-उत्तम ज्ञान से युक्त पितरों को तथा अपानपात् … Read more