सन्यासी परिवार — मदन सुमित्रा सिंघल

विदेशी आयात निर्यात करने वाले धर्म नारायण कर्म नारायण के चार जहाज समंदर में डूब गए किसी का भी बीमा नहीं था। आकर  सरकारी कर्मचारी ने खबर दी तो कर्म नारायण का उसी समय हर्ट अटेक हो गया सब इतने विचलित हुए कि सबने खटिया पकड़ ली। भाई की मौत से धर्म नारायण घबरा गया। … Read more

आगे बढो जोर से बोलो ! जन्म भूमि का ताला खोलो- (3)— आनंद शास्त्री

सम्माननीय मित्रों ! स्मृतियों का अपना स्वतंत्र संसार होता है ! वे दिन कदाचित् समूचे भारतीय धर्मप्राण हिन्दुओं के लिये दूसरा मुगल काल था ! आज लोग कुछ भी कहें किन्तु उन दिनों उत्तर प्रदेश,गुजरात और महाराष्ट्र को सर्वाधिक बुरे दिनों से गुजरना पडा था ! मैं आश्रम में था ! किन्तु नाम मात्र को,कभी … Read more

संवाद संप्रेषण का सशक्त माध्यम है हिंदी — सुनील कुमार महला,

सभी जानते हैं कि भाषा संवाद संप्रेषण का एक बहुत ही सशक्त व जोरदार माध्यम है। मनुष्य इस संसार में परमात्मा की श्रेष्ठतम कृति है। मनुष्य को इसलिए परमात्मा की श्रेष्ठ कृति कहा जाता है कि वह भाषा का उपयोग कर अपने भावों को अभिव्यक्त करने में सक्षम है। अन्य जीव मनुष्य की भांति भावों … Read more

जानिए अयोध्या क्यों सुदर्शन चक्र पर बसा है – डॉ. बी. के. मल्लिक

अयोध्या केवल भगवान राम का जन्म स्थान ही नहीं बल्कि अयोध्या के बारे में शास्त्र और पुराणों में भी इसका विशेष उल्लेख किया गया है।  अथर्ववेद के अनुसार अयोध्या को  देवताओं का स्वर्ग कहा जाता है।  सरयू नदी के तट पर  बसा  अयोध्या के बारे में स्कंद  पुराण  में लिखा है कि ब्रम्हा विष्णु और … Read more

पतलू के जवाब पर पंचायत नतमस्तक ( हास्य व्यंग्य)

  गावों की संस्कृति से रुबरु कराते हुए मुझे दूर बैठे अपने ग्राम के दर्शन करने एवं स्वयं की उपस्थिति समझकर साहित्य की लकीर से हटकर ऐसे शब्दों का प्रयोग भी आप सबके लिए इसलिए कर रहा हूँ कि आप सभी को आनंद मिले भले ही संकोची पाठक प्रतिक्रिया ना दे।    जब हम बङे … Read more

भारतीय इक्विटी और इण्डेक्स का कमाल विश्व बेहाल-(3)—आनंद शास्त्री

सम्माननीय मित्रों ! विश्व के रंगमंच पर जब भी आर्थिक स्तर की -“स्तरीय” चर्चा होती थी तो भारत समूचे विश्व में द्वितीय स्तर की अपनी जनसंख्या होने के बाद भी-“अति निर्धन अविकसित देशों” की कतार में विश्व बैंक के समक्ष आज के पाकिस्तान की तरह भिक्षा पात्र लिये बैठा दिखता था ! किन्तु आजकी परिकल्पना … Read more

बच्चा बच्चा राम का जन्मभूमि के काम का-(2)—शास्त्री सिलचर,

सम्माननीय मित्रों ! विश्व हिन्दू परिषद द्वारा आयोजित प्रथम एकात्मता गंगा यात्रा में रथारूढ माँ भारती एवं विशाल ताम्र कलश में गंगाजल था ! प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी छे इंच मोटी लगभग 8×8 फुट की चौडी प्लेट पर भगवे ध्वज के साथ भारत के मानचित्र मध्य मेरी माँ भारती विराजमान थीं ! जिस नगर,गांव,सडकों … Read more

अनेकता में एकता हिन्दू की विशेषता-(1) — आनंद शास्त्री

सम्माननीय मित्रों ! शताब्दियों से चले आ रही मुस्लिम  आक्रांताओं द्वारा दिये गये हमारी सांस्कृतिक अस्मिता पर लगे घावों के प्रथम चिन्ह को अंततः हमारे यशस्वी प्रधानमन्त्री श्रीमान नरेन्द्र दामोदर दास मोदी जी के भगीरथी प्रयास से मिटाने की वो घडी आ गयी जिसकी प्रतिक्षा में हमारे आपके पूर्वजों ने न जाने कितनी बार अपना … Read more

सवामणी पांच सौ भक्तों में वितरित करें हर महीने आयोजन हो

आज सवामणी प्रायः हर भक्त लगाने में सक्षम हो गया लेकिन अतीत में बहुत ही कम सवामणी लगती थी। इसमें सवा मण यानि पचास सेर  प्रसाद लगाया जाता है लेकिन 51 सेर शुभ होने से भक्त गण आजकल 51 किलोग्राम वजन की सवामणी लगाते हैं। लेकिन विभिन्न कारणों से प्रसाद कम बनाने से वो अधुरी … Read more

जीवन में पश्चात्ताप से बचना है तो समय पर पहल करना सीखें — सीताराम गुप्ता,

मैं जब भी किसी नए विषय पर कोई आलेख अथवा कथा-कहानी आदि लिखने बैठता हूँ तो लिखने से पूर्व प्रायः मन में ये विचार आता है कि ये रचना करना ठीक भी रहेगा या नहीं। कहीं संपादक, प्रकाशक अथवा पाठक इसे मज़ाक़ में न ले लें अथवा सतही रचना समझ कर नकार न दें। यदि … Read more