धम्मपद्द चित्तवग्गो~४ सूत्र- अंक~३९ — आनंद शास्त्री
प्निय मित्रों ! नित्यसत्यचित्त बुद्धमुक्त पदऽस्थित तथागत महात्मा बुद्ध द्वारा उपदेशित-“धम्मपद्द” के भावानुवाद अंतर्गत स्वकृत बाल प्रबोधिनी में चित्त वग्गो के चतुर्थ पद्द का पुष्पानुवाद उनके ही श्री चरणों में निवेदित कर रहा हूँ– “सुदुद्दसं सुनिपुणं यत्थाकामनिपातिनं । चित्तं रक्खेथ मेधावी चित्तं गुत्तं सुखावहं ।।४।।” पुनः”बुद्ध” कहते हैं कि–“सुदुद्दसं सुनिपुणं यत्थाकामनिपातिनं” “आपने श्रीमद्भाग्वद् में-“अंधकासुर” की कथा … Read more