धम्मपद्द चित्तवग्गो~४ सूत्र- अंक~३९ — आनंद शास्त्री

प्निय मित्रों ! नित्यसत्यचित्त बुद्धमुक्त पदऽस्थित तथागत महात्मा बुद्ध द्वारा उपदेशित-“धम्मपद्द” के भावानुवाद अंतर्गत स्वकृत बाल प्रबोधिनी में चित्त वग्गो के चतुर्थ पद्द का पुष्पानुवाद उनके ही श्री चरणों में निवेदित कर रहा हूँ– “सुदुद्दसं सुनिपुणं यत्थाकामनिपातिनं । चित्तं रक्खेथ मेधावी चित्तं गुत्तं सुखावहं ।।४।।” पुनः”बुद्ध” कहते हैं कि–“सुदुद्दसं सुनिपुणं यत्थाकामनिपातिनं” “आपने श्रीमद्भाग्वद् में-“अंधकासुर” की कथा … Read more

धम्मपद्द चित्तवग्गो~३ सूत्र- अंक~३८– आनंद शास्त्री

प्निय मित्रों ! नित्यसत्यचित्त बुद्धमुक्त पदऽस्थित तथागत महात्मा बुद्ध द्वारा उपदेशित-“धम्मपद्द” के भावानुवाद अंतर्गत स्वकृत बाल प्रबोधिनी में चित्त वग्गो के तृतीय पद्द का पुष्पानुवाद उनके ही श्री चरणों में निवेदित कर रहा हूँ– “दुन्निग्गहस्स लहुनो यत्थ कामनिपातिनो । चित्तस्स दमथो।साधु।चित्तं।दन्तं।सुखावहं ।।३।।” तथागतजी कहते हैं कि-“दुन्निग्गहस्स लहुनो यत्थ कामनिपातिनो” और मित्रों ! यह मुश्किल है ! … Read more

धम्मपद्द चित्तवग्गो~२ सूत्र- अंक~३७- आनंद शास्त्री

प्निय मित्रों ! नित्यसत्यचित्त बुद्धमुक्त पदऽस्थित तथागत महात्मा बुद्ध द्वारा उपदेशित-“धम्मपद्द” के भावानुवाद अंतर्गत स्वकृत बाल प्रबोधिनी में चित्त वग्गो के द्वितीय पद्द का पुष्पानुवाद उनके ही श्री चरणों में निवेदित कर रहा हूँ– “वारिजो वखले थित्तो ओकमोकत उब्भतो । परिफन्दतिदं चित्तं मारधेय्यं पहातवे।।२।।” भगवान श्री अर्हन पुनः कहते हैं कि-“वारिजो व खले थित्तो ओकमोकत उब्भतो” … Read more

औरों के साथ-साथ ख़ुद की तरक़्क़ी भी ज़रूरी है- सीताराम गुप्ता,

पंजाबी भाषा के कवि सुरजीत पातर की एक कविता है ‘पुल’। कविता इस तरह से है: मैं जिनां लोकां लई पुल बण गिआ सां/ ऊह जदों मेरे तों लंघ के जा रहे सन/ मैं सुणिआ मेरे बारे कहि रहे सन:/ ऊह कित्थे रहि गिआ है चुप्प जिहा बंदा? शायद पिच्छे मुड़ गिआ है! सानूं पहिलां … Read more

कांग्रेस के लिए एक नई मुसीबत बने कांग्रेस के सलाहकार सैम पित्रोदा >अशोक भाटिया

प्रधानमंत्री मोदी इस चुनावी रण में रोजाना कांग्रेस की कोई न कोई गलती पकड़ कर अपने शब्दों के बाण से कांग्रेस पर हमला कर देते है पर कांग्रेस है कि उन्हें कोई न कोई मौका देती रहती है । सैम पित्रोदा वो नाम है, जो अक्सर ही अपने बयानों से कांग्रेस पार्टी के लिए मुसीबत खड़ी कर देते … Read more

कम मतदान होने का सच वही नहीं जो बताया जा रहा है– अवधेश कुमार

लोकसभा चुनाव के पहले चरण  के 102 स्थानों का लोकसभा चुनाव संपन्न होने के कई तरह के आकलन सामने आ रहे हैं । इस दौर में नौ राज्यों तमिलनाडु ,उत्तराखंड, अरुणाचल, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम ,नगालैंड, सिक्किम तथा तीन केंद्र शासित प्रदेशों अंडमान, लक्षद्वीप और पुडुचेरी का मतदान संपन्न हो चुका है। हिंदी भाषी राज्यों के … Read more

क्या दरअसल आज के चुनाव में ठोस मुद्दे गुम है और में बात का बतंगड़ वाले मुद्दे ज्यादा है ! >अशोक भाटिया

लोकसभा चुनाव में पहले चरण का मतदान हो चुका है और दूसरे चरण के मतदान में भी कुछ  दिन ही बचे हैं। इस बीच गर्मी का पारा चढ़ने के साथ ही राजनीतिक बयानबाजी से भी तापमान चढ़ रहा है। दरअसल आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हुआ बांसवाड़ा राजस्थान में एक जनसभा को संबोधित करते हुए … Read more

सोचिए आखिर इन सबका जिम्मेदार कौन …..????? — सत्यम सिंह गर्गवंशी

इस समय जिले में अपराधिक घटनाओं जैसे बलबा मारपीट, जबरन दूसरों की जमीनों पर कब्जा , सड़क हादसे, द्रुतगामी  बाइक फोर व्हीलर भिडंत,दहेज हत्या, आत्महत्या जैसी संदिग्ध मौतों में इजाफा हुआ है। इसके साथ ही  बलात्कार, छेड़खानी, छिनैती, महिलाओं युवतियों और छात्राओं को अगवा करके उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने वाली अप्रिय घटनाओं में बेतहाशा … Read more

भाजपा के 400 पार के नारे पर क्यों बढ़ता जा रहा है संशय– अशोक भाटिया

भाजपा चनाव  से पहले ही 400 पार के नारे का का लक्ष लेकर चल रही है पर पहले चरण के मतदान व उसके मतदान प्रतिशत के गिरावट के कारण लक्ष को प्राप्त करने में संशय उभरता जा रहा है ।भले ही पार्टी इसके लिए कड़ी मेहनत भी कर रही है। प्रधान मंत्री लगातार इसके लिए … Read more

वर्तमान असहिष्णुता के दौर में अधिक प्रासंगिक हो गया है स्याद्वाद– सीताराम गुप्ता

यह मात्र संयोग नहीं हो सकता कि आज से लगभग ढाई हज़ार वर्ष पूर्व एक ही युग मेंमहावीर, बुद्ध और कन्फ़्यूशियस जैसे युग प्रवर्तक महापुरुष एक साथ ही विश्व फलक पर उभरे जिन्होंने अपने विचारों द्वारा पूरे विश्व में एक क्रांति सी ला दी। संभवतः समय की ज़रूरत ने ही महावीर, बुद्ध अथवा कन्फ़्यूशियस को … Read more