गर्मी से उबलता देश– आर.के. सिन्हा

चिलचिलाती गर्मी के कारण देश का एक बड़ा हिस्सा फिलहाल उबल रहा है। आम चुनाव के मौसम में चर्चा के केन्द्र में गर्मी की मार भी एक प्रमुख बिंदु बन गया है। मैं अभी चुनाव में अनेक क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियानों में निकल रहा हूँ। लेकिन न तो कार्यकर्ता सुबह 6 से 9 बजे और … Read more

मीडिया: दरकते भरोसे को बचाएं कैसे प्रो. (डॉ.) संजय द्विवेदी, पूर्व महानिदेशक, भारतीय जन संचार संस्थान, नई दिल्ली

हिंदी पत्रकारिता दिवस मनाते समय हम सवालों से घिरे हैं और जवाब नदारद हैं। पं.जुगुलकिशोर शुकुल ने जब 30 मई ,1826 को कोलकाता से उदंत मार्तण्ड की शुरुआत की तो अपने प्रथम संपादकीय में अपनी पत्रकारिता का उद्देश्य लिखते हुए शीर्षक दिया – ‘हिंदुस्तानियों के हित के हेत’। यही हमारी पत्रकारिता का मूल्य हमारे पुरखों … Read more

आइए ! जल को सहेजें ।– सुनील कुमार महला

प्राकृतिक संसाधनों का निरंतर ह्वास, बढ़ती आबादी, बढ़ते पर्यावरणीय प्रदूषण, औधौगिक विकास, बढ़ते कंक्रीट के जंगलों, वनों के लगातार ह्वास और पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता की कमी के कारण धरती पर गर्मी लगातार बढ़ रही है। जानकारी देना चाहूंगा कि राजस्थान के फलौदी का तापमान हाल ही में पचास डिग्री सेल्सियस हो गया। नौतपा के … Read more

पारिवार खुशहाल तभी जब स्वस्थ रहेंगी स्त्रियां   -मुकेश कुमार शर्मा

 स्वस्थ जिन्दगी हर किसी की पहली जरूरत होती है लेकिन बहुत से घरों में आज भी महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता में नहीं रखा जाता जो कि अत्यंत ही विचारणीय विषय है। महिला का पूर्ण स्वस्थ होना इसलिए भी बहुत जरूरी है क्योंकि वह अस्वस्थ हो जाए तो घर के बच्चों से लेकर बड़े तक … Read more

चुनाव में नेताओं के इन दावों को कैसे देखें– अवधेश कुमार

चुनाव के दौरान पक्ष और विपक्ष द्वारा विजय एवं सीटों के आंकड़ों को लेकर अपने अनुसार दावा किया जाना अस्वाभाविक नहीं है। ऐसा ही इस चुनाव के दौरान हो रहा है। नेताओं और पार्टियों के दावों से आम मतदाता एक सीमा तक प्रभावित होते हैं। इसलिए तथ्यों ,आंकड़ों तथा चुनाव के माहौल के आधार पर … Read more

‘मुल्क चलो’ आंदोलन : सुरमा – बराक घाटी में चाय श्रमिकों पर घटित जलियां वाला बाग जैसी घटना—डॉ सुजीत तिवारी

भारतीयता को अपने जीवन का अभिन्न अंग करके जीनेवाले चाय बागान के श्रमिकों के साथ सालों से घटित होता आयाअत्याचार, शोषण और मानव अधिकार हनन के विरुद्ध असम प्रदेश के सूरमा बराक घाटी में आज से १०२ साल पहले घटित हुआ था, हजारों प्राणों की बलिदान से एक आंदोलन जो विश्व के इतिहास में अद्वितीय … Read more

वैशाख पूर्णिमा का विशेष महत्व – डॉ. बी .के. मल्लिक

सनातन धर्म में वैशाख पूर्णिमा का विशेष महत्व माना गया है। वैशाख पूर्णिमा पर ही महात्मा बुद्ध का जन्म हुआ था, इसलिए इसे बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन दान-पुण्य और धर्म-कर्म के अनेक कार्य किए जाते हैं। हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार गौतम बुद्ध भगवान विष्णु के नौवें अवतार … Read more

प्रत्येक प्राणी के प्रति दयाभाव रखते थे महात्मा बुद्ध– योगेश कुमार गोयल

प्रतिवर्ष वैशाख मास की पूर्णिमा को ‘बुद्ध पूर्णिमा’ के रूप में मनाया जाता है। बुद्ध पूर्णिमा इस वर्ष 23 मई को है। माना जाता है कि 563 ई.पू. वैशाख पूर्णिमा के ही दिन लुम्बनी वन में शाल के दो वृक्षों के बीच गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था, जिन्होंने वैशाख पूर्णिमा को ही बोध गया … Read more

भाजपा नेताओं के अनुसार जल्द ही POK भारत का अंग होगा — अशोक भाटिया

उत्तर  प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वसई (पालघर ) की अपनी जनसभा में कहा कि मोदी जी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने दीजिए, अगले 6 महीने के अंदर ‘पाक अधिकृत कश्मीर’ भी भारत का हिस्सा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पाकिस्तान को पीओके को बचाना भी मुश्किल हो रहा है। ये नया भारत है, बिना रुके, बिना डिगे, बिना हटे और … Read more

प्रत्येक में एक ही जगतनियंता प्रभु का प्रतिबिंब…!– सुनील कुमार महला

हफ़ीज़ जौनपुरी ने इंसानियत के बारे में क्या खूब लिखा है -‘आदमी का आदमी हर हाल में हमदर्द हो, इक तवज्जोह चाहिए इंसाँ को इंसाँ की तरफ़।’ इंसानियत यानी कि मानवता ही वास्तविक धर्म है। वास्तव में, धर्म का सार ही है– ‘आत्मन: प्रतिकूलानि परेषां न समाचरेत्’ अर्थात् जो व्यवहार हम दूसरों से अपने लिए … Read more