क्या जम्मू कश्मीर में आतंकवादी घटनाएँ सफल चुनावों के साथ समाप्त हो जाएगी? >अशोक भाटिया

जम्मू कश्मीर से धारा 370 को हटाने के बाद 3 साल शांतिपूर्ण रहे , जिसके चलते केंद्र सरकार लोकसभा चुनाव के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों की तैनाती योजनाबद्ध तरीके से कम करने के बारे में सोच रही थी। इसके सात ही सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम हटाने पर भी विचार हो रहा था। कानून व्यवस्था से लेकर आतंक के मोर्चे पर अब … Read more

परिश्रमी, जिद्दी और मिलनसार प्रभात झा– (राकेश अचल-विभूति फीचर्स)

प्रभात झा का असमय जाना खल गया। प्रभात झा से प्रभात जी होने का एक लंबा सफर है और संयोग से मैं इस सफर का हमराही   भी हूँ  और चश्मदीद भी। प्रभात मेरी दृष्टि में सचमुच गुदड़ी के लाल थे। प्रभात 1980  में ग्वालियर में उस समय आये थे जब भाजपा का जन्म हुआ ही … Read more

प्रभात झा: लोकसंग्रह और संघर्ष से बनी शख्सियत  -प्रो.संजय द्विवेदी 

   यह नवें दशक के बेहद चमकीले दिन थे। उदारीकरण और भूमंडलीकरण जिंदगी में प्रवेश कर रहे थे। दुनिया और राजनीति तेजी से बदल रहे थी। उन्हीं दिनों मैं छात्र आंदोलनों से होते हुए दुनिया बदलने की तलब से भोपाल में पत्रकारिता की पढ़ाई करने आया था। एक दिन श्री प्रभात झा जी अचानक सामने … Read more

26 जुलाई/जन्म-दिवस निष्ठावान कार्यकर्ता   : ओंकार भावे

विश्व हिन्दू परिषद का काम यों तो 1964 में प्रारम्भ हुआ; पर उसके प्रभाव में उल्लेखनीय वृद्धि 1984 में प्रारम्भ हुए श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन से हुुई। इस दौरान जिन्होंने हर संघर्ष और संकट को अपने सीने पर झेला, उनमें श्री ओंकार भावे प्रमुख हैं। श्री भावे का जन्म 26 जुलाई, 1924 को आजमगढ़ (उ.प्र.) … Read more

शिक्षा, संस्कार और स्वत्व चेतना के केंद्र हैं मंदिर– रमेश शर्मा

मंदिर केवल पूजा, उपासना, प्रार्थना या आराधना के स्थल भर नहीं है॔। ये अंतरिक्ष की अनंत ऊर्जा से प्रकृति और प्राणियों से समन्वय बिठाकर मानव जीवन के विकास का आधार, शिक्षा संस्कार, स्वत्व एवं साँस्कृतिक चेतना का केन्द्र होते हैं। भारत यदि विश्व गुरु और सोने की चिड़िया रहा है, तो इसमें मंदिरों की भूमिका … Read more

बजट से विकास का राजपथ लेख- सूर्य प्रकाश अग्रहरि

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 112, वार्षिक वित्तीय विवरण, जिसे आमतौर पर बजट के नाम से जाना जाता है, का प्रावधान करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश हो चुका है। बजट भारत के आम नागरिक के साथ-साथ अन्य कई वैश्विक और घरेलू हितधारकों का ध्यान केंद्रित करता है। वैश्विक अर्थव्यवस्था … Read more

अब कोहड़ा फूटी गांव भर में बटी।– अरूणिमा सिंह

बारिश के समय से ही गांव में कद्दू यानि कोहड़ा की बहार रहती है। हमारी तरफ कद्दू को बेटा का प्रतीक मानते है और लौकी को बेटी का प्रतीक मानते है इसलिए जिसके पास बड़ा बेटा होता वो माता पिता ज्येष्ठ माह का कद्दू और जिनके बेटी बड़ी हो वो ज्येष्ठ माह की लौकी नहीं … Read more

पाकिस्तान की शह से फिर सक्रिय हो रहे हैं आतंकवादी– मनोज कुमार अग्रवाल

धारा 370 हटने के बाद जम्मू में कुछ समय से शांति मानी जा रही थी। यहां छुटपुट घटनाओं के अलावा कोई बड़ा आतंकी हमला नहीं हुआ था लेकिन अचानक साल 2023 में यहां आतंकी घटनाएं बढ़ गई और 43 आतंकी हमले हुए, जिनमें 16 से ज्यादा जवान शहीद हो गए ।अगर पिछले 3 साल की … Read more

देश में बढ़ रही कुतर्क की राजनीति

राजनीति में सकारात्मक दिशा के अभाव में देश को जो नुकसान उठाना पड़ता है, वह भले ही प्रत्यक्ष रूप में दिखाई नहीं दे, लेकिन उससे समाज पर प्रभाव अवश्य ही होता है. अगर यह प्रभाव नकारात्मक चिंतन की धारा के प्रवाह को गति देने वाला होगा तो देश को भी अपने अस्तित्व के लिए जूझना … Read more

भारतीय मूल की कमला हैरिस के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में आने से भारत पर क्या असर होगा ? >अशोक भाटिया

अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव धीरे-धीरे दिलचस्प होता चला जा रहा है। जो बाइडेन ने राष्ट्रपति चुनाव से अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है। उन्होंने खुद इस बात का ऐलान किया कि वह अब अमेरिका का राष्ट्रपति चुनाव नहीं लड़ेंगे। इसके साथ ही, उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए उपराष्ट्रपति कमला … Read more