आरक्षण से तख्तापलट: ढाका और दिल्ली – सूर्य प्रकाश अग्रहरि

बांग्लादेश में हुए तख्तापलट का तात्कालिक कारण आरक्षण के मामले से उपजे छात्र आंदोलन को माना जा सकता है लेकिन इस हालात की पटकथा लंबे समय से लिखी जा रही थी। पिछले 15 सालों से सत्ता पर काबिज अवामी लीग की शेख हसीना अपना पिछला चुनाव विपक्षी दलों के बहिष्कार के बीच जीता था। इसके … Read more

क्या नासा से बेहतर है अपना ‘इसरो’ ?– सुनील कुमार महला

भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ‘इसरो’ जहां एक ओर वर्ष 2028 में चंद्रयान-4 मिशन को लांच करने की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ‘ नासा’ ने अपने महत्वकांक्षी चंद्र मिशन को रद्द कर दिया है। इसके पीछे आखिर कारण क्या हैं ? भारत अपने चंद्र मिशन ‘चंद्रयान-4’ के तहत जहां चंद्रमा की … Read more

भगवान शिव और रुद्राक्ष उत्पत्ति  की कहानी- डॉ. बी.के. मल्लिक

सनातन धर्म में रुद्राक्ष का प्रयोग भगवान शिव के अंश के रूप में किया जाता है। रुद्राक्ष का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि माना जाता है कि रुद्राक्ष का जन्म भगवान शिव के अश्रुओं से हुआ था। शास्त्रों में इस सन्दर्भ में कई बातों को विस्तार से बताया गया है। भगवान शिव और रुद्राक्ष … Read more

व्यवस्था की खामियों को उजागर करता पूजा खेड़कर मामला– (मनोज कुमार अग्रवाल -विभूति फीचर्स)

विवादों से घिरीं ट्रेनी आइएएस पूजा खेड़कर के मामले में उच्चस्थ सरकारी सेवा की चयन प्रक्रिया की खामियों की कलई खुल गईं हैं। अब पूजा के खिलाफ संघ लोक सेवा आयोग  ने साख बचाने के लिए कार्रवाई की है। आयोग ने पूजा खेड़कर से उनका आईएएस पद छीना है साथ ही उन पर भविष्य की … Read more

अभय छजलानी: पत्रकारिता के तपस्वी साधक— डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

इन्दौर आज समूचे भारत में पत्रकारिता की नर्सरी माना जाता है। महनीय सम्पादकीय परम्परा की नींव माने जाने वाले शहर इन्दौर की इमारत की बुलन्दी को खड़ा करने में जिन साधकों के श्रम दर्ज हैं, ऐसे योद्धाओं में एक नाम अभय छजलानी भी है। माँ अहिल्या की नगरी इंदौर में छजलानी परिवार में 4 अगस्त 1934 … Read more

संभवामि युगे युगे– (विवेक रंजन श्रीवास्तव – विभूति फीचर्स)

श्रीमद्भगवत गीता के चौथे अध्याय के आठवें श्लोक परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्। धर्मसंस्थापनार्थाय संभवामि युगे युगे॥ से श्री कुमार सुरेश ने किताब का शीर्षक लिया है।  भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि दुष्टों के विनाश के लिये मैं हर युग में हर युग में फिर फिर जन्म लेता हूं। विदेशी आक्रांताओ के विरुद्ध भारत की … Read more

जन्म के पहले घंटे में जरूर पिलाएं माँ का पहला पीला गाढ़ा दूध  – माँ के दूध से बच्चों को मिलती है बीमारियों से लड़ने की ताकत  – मुकेश कुमार शर्मा

   माँ का पहला पीला गाढ़ा दूध नवजात के लिए अमृत समान होता है। इसलिए नवजात को जन्म के पहले घंटे में स्तनपान जरूर कराएँ। यह संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित बनाने के साथ ही शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ बनाता है। निमोनिया, डायरिया व अन्य संक्रामक बीमारियों की जद में आने से बचाने में … Read more

डिजिटल डिटाक्स आज की जरूरत है ✍️— सुनील कुमार महला

स्कूली बच्चों में विडियो गेम्स की लत स्वयं बच्चों के लिए व उनके परिवार के लिए बहुत ही घातक सिद्ध हो रही है। सच तो यह है कि आज के समय में जब हम संचार क्रांति के युग में सांस ले रहे हैं ,तब घंटों ऑनलाइन गेमिंग की लत बच्चों को मानसिक रूप से बीमार … Read more

प्रधानमंत्री मोदी के 5 ट्रिलियन डॉलर के सपने को पूरा करने का रास्ता उत्तरप्रदेश से ही जाता है — अशोक भाटिया

भाजपा की मुख्यमंत्री परिषद की बैठक दो दिन पहले  ही समाप्त हुई है। बैठक में कई राज्यों की योजनाओं पर चर्चा हुई। वहीं प्रधानमंत्री  मोदी ने भारत को पांच ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के प्रयासों पर चर्चा की। इसमें भाजपा शासित राज्यों के 13 मुख्यमंत्रियों और 15 उपमुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया था । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने … Read more

आधुनिकता में विदेशी जीवनमूल्यों का प्रवाह— हृदयनारायण दीक्षित

आधुनिकता प्रायः आकर्षण होती है। नई होती है और ताजी प्रतीत होती है। लेकिन वास्तविक आधुनिकता विचारणीय है। आधुनिकता नकली भी होती है। दरअसल आधुनिकता स्वयं में कोई निरपेक्ष आदर्श या व्यवहार नहीं है। इसका सीधा अर्थ ही प्राचीनता का अनुवर्ती है। आधुनिकता प्राचीनता के बाद ही आती है। इसलिए हरेक आधुनिकता की एक सुनिश्चित … Read more